Thursday, 8 May 2014

मेरे हिसाब से भाजपा में दो ही व्यक्ति किसी पद से अलंकृत करने लायक हैं ....
पहले - अटल बिहारी वाजपेयी ; और दूसरे नरेंद्र मोदी !
अटल बिहारी वाजपेयी को मिलना चाहिए - 'भारत रत्न'
और नरेंद्र मोदी को मिलना चाहिए - 'भार रत्न' या 'भाड़ रत्न'
https://www.youtube.com/watch?v=NPuhM_x__Cs
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मेरा सभी मोदी समर्थकों से निवेदन है कि कृपया बताएं: -
यदि मोदी केजरीवाल से बहस की चुनौती स्वीकार कर केजरीवाल को परास्त कर देते हैं तो इससे भाजपा और मोदी को फायदा मिलेगा कि नहीं ?
और मोदी समर्थकों को ख़ुशी मिलेगी कि नहीं ??
फिर मोदी को केजरीवाल कि चुनौती स्वीकार कर लेनी चाहिए कि नहीं ???
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मोदी द्वारा संवैधानिक संस्था चुनाव आयोग की खुल्लेआम अभद्र अमर्यादित निंदा - चुनाव आयोग पक्षपात कर रहा है .... चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं हैं .... चुनाव आयोग ने जिम्मेदारी नहीं निभाईं .... चुनाव में गड़बड़ी की गंभीर खबरें मिली हैं ....
अब जा के मैं 100% आश्वस्त हुआ हूँ की वाराणसी से केजरीवाल जीत रहे हैं .... और मुझे लगता है कि चुनाव बाद भी मोदी ऐसे ही निरर्थक प्रलाप करते रहेंगे .... मज़ा आएगा .... कृपया इंतज़ार कीजिये !!!

Wednesday, 7 May 2014

अभी अभी समाचार आया है - कि मोदी जी ने वाराणसी चुनाव पर १ मई तक अन्य प्रत्याशियों के मुकाबले सबसे कम खर्च रुपये ५,८३,०००/- मात्र किया है - जबकि केजरीवाल का खर्च रूपए २२,०००,००/- से अधिक है !
कृपया विदित हो कि बकौल मोदी जी गुजराती पक्के व्यापारी होते हैं और एक पैसा भी गलत निवेश नहीं करते हैं !
अतः स्पष्ट होता है कि या तो मोदी जी हिसाब किताब में घपलेबाजी कर रहे हैं और करोड़ों रुपये कालाधन खर्च कर चुनाव आयोग से खर्च का ब्यौरा छुपा रहे हैं - या - अपनी हार पक्की मान कर बेफिजूल ज्यादा पैसा खर्च नहीं कर रहे हैं ....
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ना मुझे यहाँ किसी ने भेजा है - ना मैं यहाँ आया हूँ - मुझे तो गंगा ने बुलाया है ...
करोड़ों रुपये के फूहड़ विज्ञापनों को सुन सुन कर पक गए हैं - ये बकवास नहीं तो और क्या है ?
क्या भारतीय जनता पार्टी ने मोदी को वाराणसी नहीं भेजा ?
क्या मोदी स्वयं वाराणसी नहीं आये थे - वे नहीं आये थे तो क्या उनका भूत आया था ?
और ये गंगा कौन है जिसने मोदी को बुलाया? - अरे थोड़ी तमीज और तहज़ीब और प्यार से ये तो बोला होता - मुझे "गंगा मैय्या" ने बुलाया है ?
चलो जो हुआ सो हुआ - अब ये बताओ की ८ तारीख को भी यदि आपको कोई भेज नहीं रहा है - और तो और वाराणसी की जनता ने आपको न कभी बुलाया न अभी बुलाया है - तो आप किसके कहने पर वाराणसी पधार कर किस पर एहसान करने का इरादा रखते हो ? गंगा पर ? केजरीवाल पर ? या वाराणसी की जनता पर ?
अरे मोदी जी लफ़्फ़ाज़ी छोडो - ऊल जलूल विज्ञापन बंद करो - और साफ़ साफ़ कहो की वारणसी की सेफ सीट से खुद चुनाव लड़ने आये थे - पर अब हार का डर है - है न ???
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वाह भई वाह - अमेठी प्रशासन तो गज़ब कि ईमानदारी - वफ़ादारी बताता दिख रहा है - आखिर DEAL और SETTING होने के बाद पलटा थोड़े ही जाता है .... फिर आप चिल्लाते रहो कि ये बेईमानी है - गद्दारी है - बेशर्मी है - नालायकी है !!!!
पर याद रहे सही चिल्लाहट कहीं आपके स्वयं के रोने चिल्लाने का सबब ना बन जाए - क्योंकि इस देश में आम आदमी भी जाग रहा है .... अंगड़ाई ले रहा है ....

Tuesday, 6 May 2014

मेरी समीक्षा !!!

नीच राजनीति >> नीच जाति >> नीच मानसिकता >> नीच लोग !
ओछी राजनीति >> ऊंची नीची जाति >> ओछी मानसिकता >> ओछे लोग !!
स्वच्छ राजनीति >> नहीं कोई जाति >> 'आप' की मानसिकता >> आम लोग !!!

Monday, 5 May 2014

मोदी जी आज आपने अमेठी में इंदिरा गांधी, अंजैया, नरसिम्ह राव, सीताराम केसरी और राजीव गांधी जैसे दिवंगत नेताओं को प्रचार खत्म होने के पूर्व याद किया.
मोदी जी हमने तो सुना था अच्छे दिन आने वाले हैं........
लेकिन ये क्या ?
भरी दोपहर आपको इतने गंदे - गंदे सपने आने लगे ?
क्या आपके लिए इतने बुरे दिन आने वाले हैं ?
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मोदी जी कहिन - 
सौगंध मुझे इस मिटटी की मैं देश नहीं मिटने दूंगा, मैं देश नहीं झुकने दूंगा !
और अगर चुनाव हार गया तो ?????
तो चाय बेचूंगा !!!! ( भले ही देश झुक जाये, देश मिट जाये ???)
ब्रह्मप्रकाश कहिन -
मोदी जी ! विपक्ष मैं बैठने से इतना परहेज क्यों ? क्या केजरीवाल से डर लगता है ? संसद मैं भी घुसोगे कि नहीं ? आप चाय बेचोगे तो गुजरात को कौन संभालेगा ? अगला चुनाव लड़ोगे कि नहीं ? यदि हाँ तो कहाँ से ?जहाँ से लड़ोगे वहां फिर केजरीवाल आ गया तो क्या करोगे ? फिर क्या चाय के कप प्लेट साफ़ करोगे ?
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अमेठी में आज प्रचार का अंतिम दिन था ....
प्रशंसा करनी होगी कुमार विश्वास की जिन्होंने दृढ़निश्चय के साथ अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया - अपनी जान हथेली पर रख भाजपा और कांग्रेस पार्टी की गुंडई का डटकर मुकाबला किया - और अदम्य साहस और लगन के साथ मेहनत करने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी ! और उनकी काबलियत तो जग जाहिर है ही !
पर अब भी अगर वे अमेठी से नहीं जीतते तो मैं इसे कुमार विश्वास की हार नहीं मानूंगा - मैं तो इसे मोदी के अनैतिक प्रचार प्रसार की जीत मानूंगा ....... मैं इसे राहुल के वंशवाद में मोदी की सहायता की जीत मानूंगा .... मैं इसे मोदीभक्तों की नासमझी की जीत मानूंगा ....
पर आप ये सब पढ़कर अपना समय व्यर्थ क्यूँ कर रहे हैं .... जबकि अमेठी से कुमार विश्वास की जीत निश्चित है !!!
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अभी अभी मोदी ने अमेठी में कहा है कि वो चुनाव हारने के बाद वापस चाय बनाना बेचना शुरू करेंगे ....
मैंने भी अभी अभी निर्णय कर चाय पीना छोड़ दिया है !!!!

Sunday, 4 May 2014

Few days back Ramdev and Chandnaath were caught on Camera while talking absolutely rubbish exposing them to be defaulter of being involved in unaccounted money in elections etc… Many questions were raised and put before Ramdev who replied in politician’s typical style of swerving here & there. But at large those questions were only less important in present context ….. 
The serious questions are like: -
What Modi & BJP is to say about Ramdev?
What sort of coalition / nexus is between Modi & Ramdev?
Whether or not Modi knows about ins & outs of Ramdev?
Whether or not Ramdev had influence in giving tickets to his associates?
Whether or not Ramdev shall influence the next government formation?
Whether or not Modi shall have courage and honesty in punishing Ramdev for his misdeeds?
I am sure - Modi and BJP will never take such questions….
HENCE I URGE MODI SUPPORTERS TO APPLY THEIR MIND AND REACH LOGICAL CONCLUSIONS PLEASE !

Saturday, 3 May 2014

मैं दावे से कह सकता हूँ कि - 'बेशर्मी' - 'गुरूर' - इन दोनों विधाओं में राहुल और मोदी में कोई फर्क नहीं है - क्योंकि दोनों ही कुछ भी जवाब नहीं देंगे !
और हाँ जैसे ही आप भ्रष्टाचार की बात करेंगे - दोनों एक दूसरे पे गुर्राने दीख पड़ेंगे - पर काटेंगे फिर भी नहीं ! पता है क्यों - इनमे तो हिम्मत भी नहीं है - ताकत भी नहीं है - और वफादारी भी नहीं है !!!

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3/05/14

अब मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूँ की गुजरात जासूसी कांड पर कभी कुछ सच सामने नहीं आ पायेगा .... जैसे कोल् कांड 2G कांड आदर्श कांड रेल कांड वाड्रा कांड अडानी कांड गैस कांड अम्बानी कांड - आदि आदि में भी न कुछ ठोस हुआ न ये दोनों पार्टियां कुछ करने वाली हैं !
कृपया अपने दिमाग का ढक्कन खोलें और ध्यान से सोचें की पूरे चुनाव अभियान के दौरान "कोयले" का जिक्र तक नहीं और याद करें पूरी भाजपा और उसके बहादुर नेता सड़क से संसद तक इस विषय पर क्या क्या बोलते थकते नहीं थे .... अन्य विषयों पर भी भूतकाल में झांके ....
क्या आपको 'SETTING' की बदबूँ नहीं आ रही ????

Thursday, 1 May 2014

अभी तक क्या होता था कि जब किसी छोटे आम व्यक्ति को सजा दी जाती तो वो रोता था कि देखो मेरे साथ पक्षपात हो रहा है - फलां फलां बड़े खास व्यक्ति को तो कोई कुछ नहीं कहता !!!
लेकिन पहली बार देख रहा हूँ की देश का सबसे प्रभावशाली व्यक्ति प्रलाप कर रहा है रो रहा है चिल्ला-चिल्ला के कह रहा है कि उसके साथ पक्षपात हो गया - उसे सजा दी जा रही है पर आम आदमी को कोई कुछ नहीं कह रहा !!!
सभी 'खास' को धिक्कार है - सभी 'आम' को बधाई !!!
यही है व्यवस्था परिवर्तन - यही है आम आदमी की जीत - यही है 'आप' की जीत !!!!

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राहुल चिल्लाने लग पड़े है .... अदानी ने लूटा !
मोदी चिल्लाने लग पड़े है .... वाड्रा ने लूटा !!
अब सब कह रहे हैं .... दोनों ने लूटा .... पर ये दो-दो कान के बहरे क्यों सुनने वाले ??
आप ही सोचिये .... दोनों की सरकारें हैं इसलिए दोनों जांच नहीं कराएंगे .... हाँ जब आप की सरकार आएगी .... ये तब ही तो पछतायेंगे ....