Saturday, 5 July 2014

अमित शाह को Z+ सिक्योरिटी क्यों ?

अमित शाह को Z+ सिक्योरिटी क्यों ? बिगड़ैल जनता नाहक ही गुस्सा कर रही है ....
मैं बताता हूँ कि बेचारे शाह को सिक्योरिटी क्यूँ .... क्यूंकि सबको मालूम है कि मोदी को प्रधानमंत्री बनाने में सबसे ज्यादा योगदान अमित शाह का ही है - और अब क्योंकि असंतुष्ट जनता मोदी का तो कुछ बिगाड़ नहीं सकती तो सारी भड़ास तो अमित शाह पर ही निकालेगी न .... इसलिए लोग अमित शाह को ढूंढ रहे हैं - पूछ रहे हैं तूने मोदी को प्रधानमंत्री क्यूँ बनवाया .... और unsecured मिल गए तो ........
मैं तो कहता हूँ कि अब तो मोदी से ज्यादा खतरा शाह को है ! इसलिए उन्हें तो ZZ++ सिक्योरिटी मिलनी चाहिए ! और वैसे भी अमित शाह तो न केवल मोदी जी कि जगह गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष बने है और भाजपा अध्यक्ष बनने वाले हैं पर वो देशहित में इस देश के भावी उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति या लोकपाल का भार भी तो वहन करेंगे ही .... क्योंकि इस देश में अन्य काबिल लोगों का तो अकाल ही पड़ा है .... है ना !!!

5 रुपये में भरपेट खाना

5 रुपये में भरपेट खाना - आशीष शेलार ने भी आखिर अपनी बाँसी सोच कि उलटी कर ही दी !!!
इसी सन्दर्भ में मैं चैलेंज करता हूँ कि यदि आप राज बब्बर और राशिद मसूद से आशीष शेलार के वक्तव्य पर प्रतिक्रिया मांगेंगे तो वो यही कहेंगे .... देखो हम सही कहते थे न !
और यदि आप भाजपा के प्रवक्ताओं से प्रतिक्रिया मांगेगे तो जवाब होगा .... नहीं ऐसा कुछ नहीं है - ये तो मीडिया ने उनका वक्तव्य तोड़ मरोड़कर पेश किया है - आशीष जी की ऐसी कोई मंशा नहीं थी - भाजपा तो हमेशा गरीब की ही बात करती है और गरीब के साथ है .....
और यदि नमोभक्तगण को प्रश्न पूछोगे तो वे कहेंगे .... अरे यार अब इसमें मोदी की क्या गलती ?
और यदि गलती से आपको मोदी जी से प्रतिक्रिया मांगने का दुर्लभ अवसर प्राप्त हो जाए तो मालूम है लम्बा सा क्या जवाब होगा .... "NO COMMENTS"....

अरे यार ये तो कांग्रेसी निकला ! वही सोच - वही डायलाग !!.... बस फर्क ये कि ये मोदीवाले हैं ....
वो वही हवा अब रुक चुकी है .... वो वही लहर अब समतल हो चुकी है .... वो वही सुनामी अब ठंडी पड़ चुकी है .... जिनके बलबूते आप यहाँ तक आ टपके थे !!! 
अब तो बस उस अदद आंधी का इंतज़ार है जो आपको हमसे दूर उड़ा ले जाय ....
और बहे वो बयार जो गरीब को ठंडक पहुँचाए !!!

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अच्छे दिन आने वाले हैं ! ये अभी तक कल्पना है !!
अच्छों के दिन लद गए हैं ! यह कड़वी सच्चाई है !!

Friday, 4 July 2014

"मोदी जी इस्तीफ़ा कब देंगे ?"

आदरणीय मोदी जी,
भले ही हलकट तरीके से नामकरण आपने किया हो, पर आपको याद दिला दूँ कि ये AK-49 क्या चीज़ है .... ये वो स्वाभिमानी निःस्वार्थी क्रन्तिकारी है जिसने किसी भी परिस्थिति से समझौता न करते हुए मात्र 49 दिन में अपना इस्तीफा दे दिया था .... और आदर अनुरूप लिखूं तो इनका नाम है - अरविन्द केजरीवाल !
पर आप के स्वाभिमान को क्या हुआ ? पूरे 40 दिन हो गए और आपके दयनीय निंदनीय प्रदर्शन के बावजूद लगता है आप यह भी निर्णय नहीं कर पाये हैं कि आपको इस्तीफ़ा कब दे देना चाहिए !
इसलिए ही आपको सलाह दे रहा हूँ कि अब आप 49 दिन पूर्व ही इस्तीफ़ा दे देवें ! हो सकता है इससे आपकी इज़्ज़त बच जाए और अमीर की बजाय गरीब के अच्छे दिन आने की नई संभावनाएं बने !
आपकी जानकारी के लिए आपके 49 दिन पूरे हो रहे हैं 14/07/14 को !

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मौनमोहनसिंह >>>> मौनदी !!!!
नमोभक्तगण - नहीं आज मैं आपसे मुखातिब नहीं होना चाहता .... आज तो सीधे मोदी जी से ही कुछ कहा सुनी हो जाए ....

आदरणीय मोदी जी,
आज मुझे आपकी वो विशाल सफल जनसभा याद हो आई जिसमे आप ने महंगाई को लेकर जनता से पूछा / बुलवाया था .... महंगाई घटी! - नहीं! .... महंगाई घटी! - नहीं!.... महंगाई घटी! - नहीं!.... महंगाई बढ़ी! - हाँ! .... याद आया ?
और फिर उसके बाद आपने तत्कालीन माननीय प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह जी की खिल्ली उड़ाते हुए उन्हें "मौनमोहनसिंह" बोला था .... बोला था ना !
इसी तरह आपने एक ईमानदार देशभक्त क्रन्तिकारी अरविन्द केजरीवाल का भी अपमान कर उन्हें भरी जनसभा में AK-49 और 'पाकिस्तानी एजेंट' तक कह मुझे बहुत पीड़ा पहुँचाई थी ! और हाँ आपका वो बार-बार 'शहज़ादा' और 'मैडम' कह किसी को अपमानित करने की चेष्टा भी मुझे याद है !
तो अब आज मेरी बारी है ....
आज जनता भी अब उसी अंदाज़ में पूछ रही है की मोदी जी महंगाई घटी ? ...महंगाई घटी ? ....महंगाई घटी ? ....महंगाई बढ़ी ! और आप खामोश हैं .... हैं ना !
तो वर्तमान माननीय प्रधानमंत्री जी क्या आपको "मौनदी" बोला जाए ?
कृपया अपनी टिप्पणी से अवगत करा कृतार्थ करने की कृपा करें ....
आपका कभी समर्थक अभी विरोधी - ब्रह्म प्रकाश दुआ
जो काम मनमोहनसिंघ १० साल में नहीं कर पाये, मोदी जी ने पलक झपकते कर दिखाया ....
मात्र २७ दिन में रेल आर्थिक व्यवस्था पटरी पर ....
मात्र ३० दिन में प्याज के बढे दामों को स्थिर कर दिखाया ....
मात्र ३३ दिन में राकेट छोड़ दिया ....
मात्र ३६ दिन में दिल्ली आगरा बुलेट ट्रेन ....
अब बताओ क्या मोदी जी को फेंकू कहना उचित है ?

Wednesday, 2 July 2014

बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर के दाम 16.50 रुपये बढ़े .....
खबरदार !!!
कोई बकवास नहीं करेगा .. कोई निंदा नहीं करेगा .. कोई गाली नहीं देगा .. कोई ज़ुर्रत नहीं करेगा !!!
इससे महंगाई नहीं बढ़ेगी .. गरीब को भी कोई फर्क नहीं पड़ेगा .. इससे किसी को भी कोई फर्क नहीं पड़ेगा .. कोई पहाड़ नहीं टूट पड़ा है .. समझे !!!
सरकार ने यह कदम तो केवल इसलिए उठाया है कि गरीब जिसे 12 सब्सिडी वाले सिलेंडर मिलते हैं वो 35 दिन बाद कुछ राहत महसूस कर शायद फिर नमो नमो करने लगे !!! बस !!! अब खामोश !!!

Tuesday, 1 July 2014

आज मैंने अजीब नज़ारा देखा ....
एक हतोहत्साहित सा बावरा आदमी पुरानी चिरपरिचित लय में आलाप करता जा रहा था - वह तीन बार बोलता - मोदी ! मोदी ! मोदी ! - पर फिर कुछ देर चुप हो जाता - फिर तीन बार उसी लय में बोलता - मोदी ! मोदी ! मोदी ! ..... फिर चुप .... फिर मोदी ! मोदी ! मोदी !
जब मैंने उससे बीच बीच में चुप होने का कारण पूछा तो बोला - अरे साहब मुझे नई बढ़िया गालियां याद ही नहीं आ रहीं हैं - क्या करूँ ....
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नमोभक्तगण की ठंडी पड़ती चिल्लपों की एक बानगी ....
केजरीवाल को पूरे 49 दिन मिले थे उसने क्या किया ???? वो तो अनुभवी भी थे !!!!
पर मोदी को कुछ समय तो दो !!!! बेचारे अभी-अभी नए-नए ही तो आये हैं !!!!
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इस देश का सबसे ज्यादा असरदार व्यक्ति कौन ?
मोदी !! क्यों मज़ाक करते हो यार ....
उस व्यक्ति का नाम है सरदार मनमोहनसिंघ जिसके असर से अभी तक आलू प्याज़ पेट्रोल डीज़ल रेल किराया आदि बढ़ रहा है ....
और मुझे लगता है 5 साल तक मनमोहन का भूत मोदी के सर चढ़ बोलता ही रहेगा .... और केजरीवाल का भूत भी अपना असर छोड़ता ही रहेगा ....
अब लगता है केजरीवाल के भी अच्छे दिन आने वाले हैं ....
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पेट्रोल - डीज़ल के भाव फिर बढ़ गए ....
ये तो अनुमानित भी था .... पर ये नमोभक्तगण कहाँ बढ़ गए ????