Tuesday, 5 August 2014

NATWARSINGH writes the book - “ONE LIFE IS NOT ENOUGH”
I am Horrified …. But relax - second life is not in hands of Natwarsingh …. OMG !!!
Anyway my open message to Natwarsingh is: -
SIR YOURS LIFE ONCE IS MORE THAN ENOUGH - PLEASE DON’T THREAT US - PLEASE PITY US - AND LET US LIVE IN PEACE …….

HIT -- & -- SHIT

ये अपने मोदी जी भी ना सच में HIT ही हैं .... अब देखो न पड़ोसी को बिन मांगे सलाह दे आये कि नेपाल को "HIT" की ज़रुरत है - Highways Iways Transways ....
अरे अभी तो आप से अपना घर ही नहीं संभल रहा है - खुद की आवश्यकताओं और WAYS के बारे में कुछ अता पता नहीं - पर गज़ब की फांक आये .... अपनी सरकार के लचर प्रदर्शन पर जब सवाल होते हैं तो बात करते हैं हनीमून पीरियड की .... पर जब पडोसी को फेंकना हो तो अनुभवी दादा जी बन जाते हैं ....
ये तो सौम्य नेपालियों का भला हो कि शायद शिष्टाचार के नाते बेचारे कुछ नहीं बोले नहीं तो बुरा मान सकते थे कि लो ये कैसी बकवास कर रहे हैं - बोलते हैं हमें HIT (मारने ) की जरूरत है ....
और क्या भरोसा अगली बार नेपाल के प्रधानमंत्री या अन्य कोई और भी भारत आएं और वो भी बदले में बकवास पटक जाएँ कि : -
भारत को "SHIT" की जरूरत है - Schools Homes Innovations Trade .....
तब कैसा लगेगा ????

Monday, 4 August 2014

ये जो UPSC - C-SAT पेपर विवाद चल रहा है ज्यादा कुछ समझ में तो आया नहीं कि आखिर विवाद क्या है और कौन क्या चाहता है और किसकी चाहत उचित है और किसकी उनुचित....
सब परेशान हैं - सरकार - UPSC - पर सबसे ज्यादा परेशान हैं बेचारे छात्र ....
ऐसे में मुझे लगा की मुझे छात्रों की कुछ तो मदद करनी चाहिए .... तो मैं सभी छात्रों को सार्वजनिक रूप से बताना चाहूंगा की मेरी व्यक्तिगत राय में अगले पेपर में निम्नलिखित प्रश्न आने की पूरी-पूरी संभावनाएं हैं - अतः तैयारी कर लें .....
प्रश्न 1 - जीतबहादुर भारत कब आया था ?
प्रश्न 2 - गजनी भारत कब आया था - और नंगे ने गजनी कब बनायी थी ?
प्रश्न 3 - दिल्ली में आखरी चुनाव कौन से काल में हुए थे ?
यदि आपको भी इस प्रकार के संभावित प्रश्नों के बारे में छात्रों का सहयोग करना हो तो कमेंट्स में लिख अपना बहुमूल्य योगदान दे सकते हैं .....

जसोदाबेन V/S जीतबहादुर !!!!

धर्मपत्नी V/S धर्मपुत्र !!!!
क्या ये दोनों ही विषय "निजी" हैं ? या नहीं हैं ?
यदि नहीं तो क्यूँ ?
यदि हाँ तो जीतबहादुर सम्बंधित सारी निजता को ताक में रख स्वयं निजता के पक्षधर इतने अग्रसक्रिय क्यूँ ? क्या जितना जीतबहादुर के लिए बोला बताया जा रहा है उतना ही जसोदाबेन के लिए बोला जाय तो आपत्ति तो नहीं होगी ? जैसे की मोदी जी ने जीतबहादुर पर एहसान किया - तो क्या जसोदाबेन से अन्याय नहीं किया ?
आज जब मैं ये सब कुछ लिख रहा हूँ तो यक़ीन माने मेरा किसी की निजता पर बोलना या उपहास करना आशय नहीं है ! मैं ये इसलिए लिख रहा हूँ कि मुद्दे की सारी बातें वो सारे वादे हवा हो रखे है, महंगाई आसमान पर और गरीब दम तोड़ रहे हैं, पूरे देश में साम्प्रदायिकता का ज़हर घोला जा रहा है .... और सबका ध्यान जीतबहादुर पर .... जो कि राष्ट्रीय महत्व का मुद्दा कदापि नहीं हो सकता !!!!

Sunday, 3 August 2014

मुझे लगता है कि यदि मोदी जी जीत बहादुर के बजाय - गडकरी, वैदिक, गोयल, निहालचंद, गिरिराज, प्रभात झा आदि लम्बी लिस्ट में से किसी एक को भी नेपाल छोड़ आते तो बेहतर होता ....
खैर जो हुआ सो हुआ .... अब तो बस अमेरिका दौरे का इंतज़ार है .... आशा ही कर सकते हैं !!!!
और हाँ आशा तो यहाँ तक करते है कि चलो जाने दो छोड़ने की बात - कोई एक-आध अमेरिका छूट ही जाय - फिर वहां नौकरी-चाकरी पश्चात अमेरिकन प्रेजिडेंट के द्वारा यहाँ छोड़ा जाए .... और हमारे अमेरिका से संबंध सुधर जाएँ मजबूत हो जाएँ .... है ना !!!!
जीत बहादुर जी और मोदी आज नेपाल के लिए रवाना हुए थे ....
जीत बहादुर जी और मोदी आज नेपाल पहुँच गए ....
जीत बहादुर जी अपने परिवार से मिल लिए ....
जीत बहादुर जी नेपाल ही रहेंगे मोदी कल वापस आ जाएंगे ....
परसों क्या होता है पता नहीं .... शायद वही ढाक के तीन पात !!!!

Saturday, 2 August 2014

>> 3 अगस्त 3 बजे जंतर मंतर से .... जब केजरीवाल बोलेंगे ....
एजेन्डा बदल सकता है ....
>> 15 अगस्त 9 बजे लालकिले का .... जब मोदी बोलेंगे ....
और भी बहुत कुछ बदल सकता है - बदला जा सकता है ....
दिल्ली में रोके चुनाव शीघ्र हो सकते हैं - लोकतंत्र को बचाया जा सकता है ....
इसलिए याद रहे - कल 3 अगस्त 3 बजे जंतर मंतर !!!!