Wednesday, 3 September 2014

पप्पू ने लपेट दिया ????

पप्पू ने लपेट दिया ????
आज पप्पू ने सीधे सीधे लपेट दिया - जापान में ढोल बजा रहे हो, और यहाँ बिजली नहीं है, पानी नहीं है, सड़क नहीं है .....
अरे पप्पू भाई जब आपकी सरकार ने भी कुछ नहीं किया था तो अब किस मुंह से बोल रहे हो ????
बात सीधी सी लगती है, और है भी, पर इसका एक दूसरा पहलू भी है ....
क्यों भाई जब पप्पू की सरकार ने कुछ नहीं किया था और आपने बुरा भला सब बोला था तो फिर पप्पू का भी अब पलट कर बोलना तो बनता है .... क्या बोलने का लाइसेंस केवल आपने ले रखा है ????
बल्कि मैं तो कहूँगा - शाब्बाश पप्पू - बहुत अच्छे - हिम्मत करो - और ललकारो - लोकतंत्र में विपक्ष का मज़बूत होना भी अति आवश्यक है - इसलिए लगे रहो !!!!
और मैं ही क्या पप्पू की इस बात को तो पूरा मीडिया भी तवज्जो दे रहा है और अच्छा कवरेज दे रहा है !!!!
अतः आदरणीय मोदी जी कृपया इसे एक चेतावनी सूचक के रूप में लेंगे तो बेहतर होगा - आपका हनीमून पीरियड कब का समाप्त हो चुका है, अब आपके क्रियाकलापों के परिणाम भी तो सामने दिखने चाहिए ना - और इसके साथ ही वायदे पूरे नहीं करने की बात पर और आश्वासनों के विपरीत व्यवहार करने पर भी जो आपकी निंदा हो रही है उसे भी तो ठंडा करना पड़ेगा ना - कि नहीं ????
और नहीं करोगे तो फिर मान के चलना पप्पू आपको शीध्र ही फेंकू बोलने ही वाला है .... तैयार रहें !!!!

कल्याणसिंह ने आज राजस्थान के महामहिम राज्यपाल का पद ग्रहण कर लिया ....

कल्याणसिंह ने आज राजस्थान के महामहिम राज्यपाल का पद ग्रहण कर लिया ....
समारोह में "जय श्रीराम" के नारे लगे ....
सर्वप्रथम तो यह साफ़ कर दूँ कि मुझे "जय श्रीराम" के उवाच से किसी भी प्रकार की आपत्ति होने का दूर दूर तक प्रश्न नहीं उठता .... इसलिए मेरी तरफ से भी "जय श्रीराम"!!!!
पर यदि ये नारे के रूप में राज्यपाल के शपथ समारोह में लगवाये गए हैं तो प्रकरण अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और आपत्तिजनक है ....
और अगर ये नारे वहां आमंत्रित / अनुमति प्राप्त लोगों ने स्वयं अपनी मर्ज़ी से बिना किसीप्रायोजन के लगाए हैं, जैसा की स्वयं कल्याणसिंह ने भी कहा है .... तो भी यह स्थापित होता है कि कल्याणसिंह की सार्वजनिक छवि एक हिंदूवादी नेता की है जिसे बाबरी मस्जिद / ढाँचे के विंध्वंस के परप्रेक्ष्य में बहुतायत लोग सांप्रदायिक छवि का भी मानते होंगे !!!! अतः ऐसी स्थिति में भी राज्यपाल के संवैधानिक पद पर ऐसे व्यक्तित्व की पदस्थापना को भी तो उपयुक्त नहीं माना जा सकता !!!!
एक बार पुनः "जय श्रीराम"!!!! इस प्रार्थना के साथ कि - हे प्रभु सभी को सदबुद्धी दे !!!!

"शिक्षक कभी रिटायर नहीं होते"

"शिक्षक कभी रिटायर नहीं होते" - PM मोदी ....
सही फरमाया - शिक्षक हमेशा रिटायर कर दिए जाते हैं ....
और यदि वही गाँव खेड़े और सरकारी स्कूल वाले शिक्षकों के संदर्भ में बात की जाय तो भी सही है - बेचारे रिटायर हो जाएंगे तो खाएंगे क्या अपना गुजर बसर कैसे करेंगे ????
और यदि शिक्षक का वृहद मतलब उस व्यक्तित्व से है जो अपने शिष्य को उसके ज्ञानक्षेत्र की शिक्षा देता है तो भी कथन सही है - चतुर शिष्य या तो उसे भुला ही देता है या उसे बुढ्ढा घोषित कर देता है या उसे रिटायर होने को मजबूर कर देता है !!!! है ना !!!!

वो 782 नाम - बदनाम - काले नाम !!!! क्या हुआ ????

वो 782 नाम - बदनाम - काले नाम !!!! क्या हुआ ????
सन 2011 में भारत सरकार को स्विस बैंक के 782 कालाधन खाताधारकों के नाम प्राप्त हो गए थे !!
देश में सभी दूर से नाम सार्वजनिक करने के लिए और कालाधन वापस लाने और ठोस कार्यवाही करने की जोरदार मांग उठी थी !!
परन्तु तदोपरांत 15 दिसंबर 2011 को UPA सरकार ने नाम बताने से इंकार ही कर दिया था !!!!
उसके बाद आडवाणी जी ने संसद में खड़े होकर, और मोदी, जेटली, सुषमा स्वराज, वरुण गांधी, सुब्रमणियम स्वामी, शाहनवाज़ हुसैन, रविशंकर प्रसाद, निर्मला सीतारमन आदि अनेक नेताओं ने UPA सरकार की कड़े से कड़े शब्दों में उचित निंदा की थी - सराहनीय रूप से खूब बुरा भला कहा था - एवं जोर शोर से सभी खाताधारकों के नाम बताने की मांग की थी .... तथा पूरे देश ने विपक्ष के इस विरोध को उचित और ज़रूरी निरूपित किया था !!!!
पर अब जब कि वे सभी भाजपाई महानुभाव थोक में खुद पूर्ण सत्ता में हैं तब क्यूँ नहीं 782 नाम अभी तक बताये गए ????
अतः मैं सार्वजनिक रूप से मांग करता हूँ कि मोदी सरकार बताये -
अभी तक स्विस बैंक के कालाधन खाताधारकों के 782 नाम सार्वजनिक क्यों नहीं किये ?
क्या कोई वैधानिक या अन्य जायज़ अड़चन थी / है ? यदि हाँ तो क्या ?
यदि नहीं तो फिर ये नाम सार्वजनिक क्यों नहीं किये जाने चाहिए ? या किये जाएंगे ?
अगर हाँ तो कब तक ?
और अगर नहीं तो क्या नैतिकता के नाते इस्तीफ़ा नहीं दिया जाना चाहिए - या कोई खेद प्रकटीकरण - या कम से कम मात्र स्पष्टीकरण ?
या फिर मौन ही रहेंगे ? उन्ही मौनमोहन जी की तरह जिन्हे आपने बुरा भला कहने का महान कार्य किया था ??
और अंतिम प्रश्न कि जब तक सरकार 782 नाम सार्वजनिक नहीं करती तब तक क्या पूरे मंत्रीमंडल का वेतन नहीं रोका जाना चाहिए ????
और अंतिम निवेदन - बस ये मत कह देना कि ऐसी कोई चिट्ठी थी ही नहीं या वो नाम लिखी चिट्ठी मिल ही नहीं रही है !!!!

Tuesday, 2 September 2014

प्रकाश जावड़ेकर

प्रकाश जावड़ेकर ने कहा - हमने कब कहा था कि 100 दिन में महंगाई कम कर देंगे ????
प्रकाश जावेडकर जी हमने भी कब कहा था कि आप बेशरम हैं ????

अफवाह प्रकरण सुलझा ?!@#$%?

अफवाह प्रकरण सुलझा ?!@#$%?
लगता है पिछले दिनों राजनाथजी के बेटे संबंधित जो अफवाहें उडी थीं उसका मुजरिम और स्त्रोत हमारे काबिल ईमानदार गृहमंत्री राजनाथसिंह ने ढूंढ ही लिया - और वो है - पाकिस्तान !!!!
और उसके तुरंत बाद राजनाथ ने पाकिस्तान को उसकी औकात बताते हुए उसे दो टूक शब्दों में ही निपटा भी दिया - "पाकिस्तान से कोई बात नहीं होगी" !!
शायद अब पाकिस्तान की कभी भी भारत के आंतरिक मामलों में दखलंदाज़ी की हिम्मत नहीं होगी - अफवाहें फैलाने की तो बिलकुल भी नहीं !!!!
शाब्बाश !!!! और मुझे इस बात का भी सकून और ख़ुशी है कि अफवाहें फैलाने में किसी हिन्दू (भारतीय) और किसी भाजपाई का हाथ नहीं निकला .... अल्लाह का लाख लाख शुक्र है ?!@#$%?
(टीप : ये कटाक्ष है - नहीं अच्छा लगे तो कृपया केवल व्यंग ही समझें ....)

Monday, 1 September 2014

//// मोदी जी को अपदस्थ नहीं करने का मेरा शपथपूर्वक "निर्णय" ////

मैने मोदी जी को चुनाव पूर्व बड़े गौर से सुना था - और इसलिए उनके सत्ता में आते ही मैं बहुत आशान्वित और आतुर था कि अब कुछ अच्छा होगा !!!!
मैं सोचता था कि किसी भी अच्छे कार्य की शुरुआत तो तुरंत ही की जा सकती है - पर ऐसा हुआ नहीं - फिर मुझे 'हनीमून पीरियड' की बातें सुनाई पड़ीं - मैंने सोचा भाई ठीक ही होगा - फिर महीने दो महीने की बात होने लगी - पर फिर भी कुछ अपेक्षित होता नहीं दिखा - और अब जब कि 100 दिन भी पूरे होने को हैं तब भी कुछ विशेष हुआ नहीं दिखता !!!!
इस बीच मैं थोड़ा व्यथित हो मित्रों और भक्तों से बहस करता रहा - लिखता रहा - कभी निंदा, कभी विरोध, कभी मांग, कभी सीधे-सीधे तो कभी कटाक्ष कभी व्यंग !!!!
और मैंने पाया की प्रायः सभी मित्र मुझे कहते कि मैं मोदी जी के साथ ज्यादती कर रहा हूँ - मुझे उन्हें कुछ समय तो अवश्य देना चाहिए - मेरे 'fb' पोस्ट्स पर भी संस्कारी भक्त मुझे गालियां देते रहे, पर वो भी यही कहते कि मोदी जी को कुछ समय तो दिया जाना चाहिए - साथ ही कुछ सभ्य भक्त और मित्र भी संजीदगी से यही कमेंट्स करते कि समय तो लगता है, दिया जाना चाहिए ....
पर कितना समय दिया जाना चाहिए ? अब ये कोई नहीं बता रहा - वैसे मोदी जी और उनके प्रवक्ताओं और मंत्रियों ने तो सीधे छलांग लगा दी है कि 5 साल का समय दिया जाना चाहिए - क्योंकि ये छोटा काम नहीं है और ऐसे बड़े काम में समय तो लगता ही है !!!!
इन सभी बातों का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए मैंने निम्नानुसार "निर्णय" लिया है जिसे आज मैं सार्वजनिक कर रहा हूँ ....
आशा है जो भक्तगण खुद ही गालियों के लायक हैं उन्हें छोड़कर अन्य सभ्य भक्त, और मेरे काबिल अच्छे पढ़े लिखे मित्र, अब आगे से मेरी प्रशंसा करेंगे और कम से कम मेरी निंदा तो नहीं करेंगे .... और हाँ अब शायद उन्हें मेरे मांग कटाक्ष निंदा व्यंग वाले पोस्ट्स आदि से भय भी नहीं लगेगा ....
और बेचारे मोदी जी भी निश्चिन्त हो अपने काम से लगेंगे !!!! अब तो ठीक है ना !!!!
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//// मैं ब्रह्म प्रकाश दुआ शपथपूर्वक ये निर्णय करता हूँ कि मैं भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी को उनके पद से तब तक अपदस्थ नहीं करूंगा जब तक कि भक्तगण और मेरे मित्र मुझे ऐसा करने के लिए प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से प्रकट या संसूचित नहीं करते ////