Saturday, 10 October 2015

// केजरीवाल की "झूठ फैक्ट्री" .. और .. लालू की "गाली फैक्ट्री" ..//


आपको याद होगा कि मोदी जी ने एक बार सफ़ेद 'झूठ' बोलते हुए केजरीवाल पर आरोप लगाया था कि केजरीवाल ने "झूठ की फैक्ट्री" खोल रखी है .... और दिल्ली का परिणाम आया '६७/७०' !!

कल फिर मोदी जी ने लालू को 'गाली' देते हुए आरोप लगाया है कि शैतान लालू ने "गाली की फैक्ट्री" खोल रखी है .... देखें बिहार का परिणाम क्या आता है ?? ....

// वाह !! केजरीवाल भी क्या कमाल की राजनीति कर रहे हैं ....//


भाजपा कह रही है कि केजरीवाल अपने भ्रष्ट मंत्री के पकड़े और निकाले जाने पर भी राजनीति कर रहे हैं ....

मेरी राजनीतिक प्रतिक्रिया ....

सही कहा .... केजरीवाल कमाल की राजनीति कर रहे हैं .... और मोदी जी को राजनीति भी करनी नहीं आती है .... क्योंकि वैसे तो भाजपा में भ्रष्ट सर्वत्र पसरे पड़े ही हैं !!!!

इसलिए ही तो वसुंधरा सुषमा शिवराज और सैकड़ों भाजपाई अमित शाह और मोदी के नेतृत्व में केवल राजनीति कर रहे हैं .... काम कुछ नहीं !!!!

और मोदी स्वयं राजनीति छोड़ काम भी तो नहीं कर पा रहे हैं ....

गजब की विडम्बना है भाई !!!!

Friday, 9 October 2015

// मोदी ने केजरीवाल की नक़ल करी तो ? .... तो सरकार गिर जाएगी ....//


अरविन्द केजरीवाल ने भ्रष्टाचार के आरोपों का संज्ञान लेते हुए स्वतः ही अपने ही एक मंत्री असीम अहमद खान को मंत्री पद से हटा दिया .... आरोप ये कि मंत्री ने किसी बिल्डर से ६ लाख रुपये की रिश्वत ली थी ....

मेरी प्रतिक्रिया ....

भाजपा को वैसे तो विचलित नहीं होना चाहिए था - पर वो जबरदस्त विचलित हो गई है .... 

कारण !! मोदी इतने ईमानदार नहीं - इतने काबिल नहीं - इतने कुशाग्रबुद्धि नहीं - इतने ताकतवर नहीं - इतने दृढ़निश्चयी नहीं - कि अरविन्द केजरीवाल की बराबरी कर सकें .... पर हमेशा मोदी की तुलना केजरीवाल से ही तो की जाती रही है .... और इसलिए मोदी अब केजरीवाल से और कमतर हल्के ही तोले जाएंगे ....

और मोदी मजबूरी में कुछ कर भी तो नहीं सकते .... यदि केजरीवाल स्टाइल में मोदी ने भी २-४ को सरकार या पार्टी से निकालने की नक़ल की - तो सरकार गिर जाएगी .... 

और सामान्यतः जब आप सूरमा होने का दावा करते हुए भी आपके प्रतिद्वंदी के विरुद्ध और प्रतिद्वंदी जैसा  कुछ अच्छा नहीं कर पाते हैं .... तो फिर विचलित होना या चिंतित होना या खिसियाना स्वभाविक ही है ....

और इसलिए अब आप देखिएगा कि खिसियानी बिल्ली टेके कैसे लगाती है .... उस तथाकथित "भगोड़े" केजरीवाल से डर कर कैसे भागती है - खम्बा कैसे चढ़ती है - और कैसे नोचती है ....

कृपया विदित हो कि विचलित भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा की प्रथम प्रतिक्रिया तो मैं देख चुका हूँ - उनके चेहरे पर खिसियाहट चिंता कुढ़न सब झलक रहे थे .... 

और थोड़ी बहुत चिंता कुढ़न तो अब उन मोदी भक्तों को भी हो चली होगी जो १७-१८ महीने की उनकी चहेती सरकार द्वारा कुछ विशेष ना किये जाने के मद्देनज़र खुश नहीं हो सके हैं ....

// एक और पगला बयान - गाय-बकरी में अंतर की तुलना बहन-पत्नी से ?? ..//


भाजपा के द्वारा अपना सारा काम-धाम छोड़ बिहार के दंगल में उतारे गए अनेक होनहार या होनीहार केंद्रीय मंत्रियों में से एक नायाब नगीने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का अभी - अभी एबीपी न्यूज़ पर लाइव बयान सुना ....

वो लालू के द्वारा दिए बयान पर प्रतिक्रिया दे रहे थे .... और कह दिए कि लालू गाय और बकरी के मांस में फर्क नहीं करते .... जबकि हमारे लिए दोनों में बहुत अंतर है .... वैसा ही अंतर जैसा कि बहन और पत्नी में होता है ..... बहन का रिश्ता पवित्र होता है - और पत्नी पत्नी होती है ....

मेरी त्वरित प्रतिक्रिया ....

किसी की बहन किसी की पत्नी होती है - और किसी की पत्नी किसी की बहन ....
और .... बैल और सांड में भी फर्क होता है ....
पर शायद ये फर्क कुछ गधों को मालूम ही नहीं होता ....

Thursday, 8 October 2015

// क्या कपडे फाड़ना उचित है ?? ....//


मेरे सबसे पसंदीदा पाकिस्तानी ग़ज़ल गायक जनाब गुलाम अली को बैन कर दिया गया .... 

फिर बिना भेदभाव के भारत में मेहदी हसन - आबिदा परवीन - राहत फ़तेह अली ख़ान - फ़रीदा ख़ानम आदि को भी बैन किया ही जाना चाहिए ....

और फिर उसके बाद हर एक पाकिस्तानी गायक या कलाकार पर भी बैन होना चाहिए ....

और फिर लता आशा अमिताभ और गडकरी जैसे कालाकारों का और मेरे जैसे चिंतक का भी पाकिस्तान जाने पर बैन होना चाहिए ....

पर मैं सोच रहा था कि क्या मैं कभी भी गुलाम अली को सुनने से अपने आप को रोक पाऊंगा ??
और क्या पाकिस्तान में कोई लता का फैन लता को सुनने से रूकेगा ??

और क्या कपडे फाड़ना उचित है ????

// शाबाश !! ये हुई ना कोई बात .... सब महामहिम राष्ट्रपति जी की सुनें ....//


तो आज मोदी जी बोले और मजबूर हो इशारे में क्या टके की बात बोले ....
बोले मेरी भी मत सुनो - बस महामहिम राष्ट्रपति प्रणब दादा की सुनो !!!!

वाकई प्रधानमंत्री के पद की गरिमा इतनी गिर गई है कि मोदी जी ने सही ही कहा है .... महामहिम की सुनो वो सही बात करते हैं - मोदी जी की कतई मत सुनो !! 

इसलिए मोदी जी ने साफ़ इशारा कर दिया है .... वो सही बात कहने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं - वो एक मजबूर प्रधानमंत्री हैं - दयनीय हैं - उनके हाथ में अब कुछ नहीं हैं - वो सच्ची सही बात कह नहीं पाएंगे .... इसलिए महामहिम राष्ट्रपति की बात सुनो ....

प्रधानमंत्री मोदी जी को साफगोई से इशारा करने के लिए शाबाशी और धन्यवाद !!!!

// वो शैतानियत पर भी बोले तो शैतानी से ही बोले ....//


केंद्रीय मंत्री श्री महेश शर्मा ने आज वही दोहराया जो भाजपा के प्रवक्ता और नेता टेका लगाते रहे हैं कि - प्रधानमंत्री हर मुद्दे पर बोलें ये आवश्यक नहीं ....

मेरी प्रतिक्रिया ....

सही फरमाया !! .. प्रधानमंत्री हर विषय पर बोलें बिलकुल भी आवश्यक नहीं .... पर ऐतराज़ तो होगा यदि वो हर मुद्दे पर बोलने लगें .... केवल कुछ एक मुद्दों को छोड़ कर .... जिसमें ही उनका बोलना आवश्यक है / था ....

मसलन - वो दादरी में पैवस्त शैतानों के बारे में नहीं बोले - वो जम्मू कश्मीर की विधानसभा में घुसे पीटने वाले शैतानों के बारे में नहीं बोलेंगे - पर अभी-अभी बिहार की मुंगेर रैली से मोदी जी लालू में जबरन घुसेड़े गए शैतान के बारे में बोल रहे थे .... यानि शैतानियत पर भी बोले तो शैतानी से ही बोले !!!!  

खैर मैं भी यही आशा करूंगा कि मोदी जी अब पार्टीजनों की भावनाओं का आदर करते हुए अनावश्यक ही हर मुद्दे पर बोलना बंद करें .... आवश्यक मुद्दे पर भी ना बोलें तो चलेगा .... पर जनाब !! आवश्यक काम भी तो करें .... ६० महीने के कुल मिले समय में से १७ महीन बीत चुके हैं .... और अभी तक केवल यही बोला जा रहा है कि - क्या बोले / बोलें ?? क्या ना बोले / बोलें ?? क्यों बोले / बोलें ?? क्यों नहीं बोले / बोलें ???? ....