Sunday, 9 April 2017

// मालुम है ये देश "टुंडा" क्यों हुआ जा रहा है ?? .. "टुंडे भक्तों" के कारण !! ....//


क्या देश में भाईचारा बढ़ रहा है .. क्या देश का माहौल अच्छा हो रहा है .. क्या देश में खुशहाली बढ़ रही है .. क्या देश में सबका साथ लेकर विकास की कोई कोशिश हो रही है .. क्या देश में गरीब किसान मजदूर की स्थिति सुधर रही है .. क्या देश में बेरोजगारी कम हो रही है .. क्या देश में महंगाई कम हो रही है .. क्या देश में कानून व्यवस्था सुधर रही है .. क्या देश में सहिष्णुता बढ़ रही है .. क्या देश के जनप्रतिनिधि ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर जनता से किए वायदे पूरे कर दे रहे हैं .. क्या देश के संविधान का परिपालन और सदुपयोग हो रहा है .. ??..??

उपरोक्त समसामयिक प्रश्नों के परिप्रेक्ष्य में मेरी विवेचना .. ..

यदि उपरोक्त प्रश्नों के आपके जवाब "हाँ" हैं तो यकीनन आप भक्त हैं ..
यदि आप के जवाब "ना" होने के बावजूद आप चुप हैं तो आप एक सज्जन गंभीर शांत संयमी नागरिक हो सकते हैं या आप डरे हुए या अक्षम हो सकते हैं ..
यदि आप संपन्न हैं और मजे में हैं पर इस टाइप के प्रश्न-उत्तर समझना ही नहीं चाहते तो आप या तो लापरवाह हैं या स्वार्थी हैं ..
यदि आप गरीब हैं या बहुत कष्ट में हैं और इस टाइप के प्रश्न-उत्तर समझने की स्थिति में ही नहीं हैं तो आप लाचार हैं और स्वयं दया तथा सहायता के पात्र भी हैं .. 
यदि आपके जवाब "हाँ" भी हैं और "ना" भी तो आप कन्फ्यूज्ड हैं .. 
यदि आपके जवाब "ना" हैं और आप चुप नहीं हैं तो शायद आप एक सजग कर्तव्यनिष्ठ नागरिक हैं जो अपने देश से प्यार करते हैं और इसलिए चाहते हैं और कोशिश करते हैं कि देश में अच्छे बदलाव हों ..

पर यदि आप जानते हैं कि सही जवाब "ना" हैं पर आप मक्कारी में "हाँ" ही बोल रहे हैं तो बस आप ही हैं वो प्राणी जिसके कारण ये देश टुंडा हुआ जा रहा है .. .. इसलिए बिना चुप रहे आपको एक नई उपाधि दे रहा हूँ .. आप "टुंडे भक्त" हैं  .. .. अब आपकी मर्ज़ी चाहें तो "हाँ"-"हाँ" करते रहें या "ना"-"ना" .. ..

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Saturday, 8 April 2017

//.. केजरीवाल तो छा रहे हैं .. बाकी सब शुंगलू भगवान् के जयकारे लगा रहे हैं .. ..//


जैसे-जैसे एमसीडी के चुनाव सन्निकट हुए जा रहे हैं केजरीवाल विरोधियों के लिए विकट हुए जा रहे हैं .. ..

कारण - भाजपाई और कॉंग्रेसी मिलजुल कर अपनी नकारात्मक उपलब्धियों को छुपाने के लिए केजरीवाल को लगातार निशाने पे लिए हुए हैं - और लिजलिजे टाइप के चुनावी मौसमी आरोप लगा एक माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं .. ..

और इस कारण पूरा पेड मीडिया 'मोदी मोदी मोदी' को भूल 'योगी योगी योगी' करते-करते एक बार फिर 'शुंगलू शुंगलू शुंगलू' और 'केजरी केजरी केजरी' करने लगा है .. ..

इसलिए गौर फरमाइए क्यूँ केजरीवाल तो छा रहे हैं बाक़ी सब छुई-मुई हुए जा रहे हैं .. और शुंगलू भगवान् के जयकारे लगा रहे हैं - 'शुंगलू शुंगलू शुंगलू' !! .. ..

और मुझे आश्चर्य ना होगा यदि दिल्ली में भक्तों और कोंग्रेसियों द्वारा अपने चुनावी घोषणापत्र में शुंगलू भगवान् के मंदिर बनाने का वादा भी कर ही दिया जाए .. अयोध्या में राम मंदिर - दिल्ली में शुंगलू मंदिर !! .. ..

मेरे दिमाग की बातें - दिल से .. ब्रह्म प्रकाश दुआ

//.. "ऑफिस-ऑफिस" .. "ऑफिस-ऑफिस" !! .. ..//


जी हाँ !! .. "ऑफिस-ऑफिस" !! .. एक बहुत लोकप्रिय हास्य सीरियल आया था .. पंकज कपूर का .. और उस सीरियल में हमारी आज की "सरकारी व्यवस्थाओं" को आइना दिखाते हुए एक अत्यंत चुटीले नए अंदाज़ में उत्कृष्ट अभिनय और सशक्त कथानक के दम पर सार्थक कटाक्ष किया गया था .. ..

मुझे लगता है कि भाजपाइयों को उस सीरियल का मर्म समझने में काफी अक़्ल कम पड़ गई .. इसलिए शायद उन्हें वर्षों पूर्व का ना तो "मुसद्दी" समझ आया और ना आज का "केजरी" .. ..

और शायद यही कारण है कि आज वैसी ही लचर हास्यास्पद दयनीय घिनौनी "सरकारी व्यवस्थाओं" ने "केजरी" को "ऑफिस" ही खाली करने के आदेश दे दिए हैं .. ..

और मुझे लगता है "ऑफिस-ऑफिस" में "ऑफिस" चलाने वाले सरकारी तंत्र के दिवालिये दिमाग का प्रदर्शन बदस्तूर बड़ा और बढ़ा जारी है .. ..

पर सावधान !! .. ना तो आप किसी "ऑफिस-ऑफिस" के "मुसद्दी" का गला घोंट पाएंगे .. और ना ही "केजरी" को "ऑफिस" से बेदखल कर कमज़ोर कर पाएंगे .. .. ये "मुसद्दी" और "केजरी" आपको हमेशा सालते रहेंगे और आपको परास्त करके ही मानेंगे .. .. शर्तिया !! जय हिन्द !! .. ..

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// बस उम्मीदें तोड़े नहीं ....//


(दिल्ली के एक क्रांतिकारी इंसान को समर्पित)

किसी 'एक इंसान' से सारी उम्मीदें लगाना उचित नहीं ..
पर हाँ यदि उम्मीदें केवल 'एक इंसान' से ही लगाई जा सकें .. तो फिर इसमें कोई हर्ज़ भी नहीं ..
पर सभी उम्मीदें पूरी हों इसकी कोई गारंटी नहीं ..
पर हाँ हो सकता है उम्मीदें पूरी हो भी जाएं बशर्ते .. हम उस 'एक इंसान' की उम्मीदें तोड़े नहीं ..

अनेक शुभकामनाएं !! जयहिंद !!

०८/०४/१७
मेरे दिमाग की बातें - दिल से .. ब्रह्म प्रकाश दुआ

Friday, 7 April 2017

/.. सैंडल मार शिवसेना सांसद रवींद्र गायकवाड़ पर से हवाई यात्रा करने पर लगा बैन हटा ..

और मेरा मोदी सरकार और भाजपा से हटा हटाया विश्वास और हटा .. .. वैसे भी मैं तो भाजपा के बारे में हमेशा से कहता आया हूँ कि - सावधानी हटी दुर्घटना घटी .. ..

अब जो मेरे मित्र हैं और जो भक्त हैं - और जो कह रहे थे कि एफआईआर हो गई है - गिरफ्तारी भी होगी - कानून अपना काम करेगा - उनको मेरी सांत्वना है कि मन छोटा नहीं करना - ऐसा तो होता ही रहता है .. अब किसी को ये थोड़े ही पता था कि धक्का गायकवाड़ ने नहीं पहले गायकवाड़ को अधिकारी ने दे मारा था .. अब अपन यहाँ जमीन पर बैठे-बैठे ये सारी ऊंची ऊँची आसमानी सुल्तानी बातें थोड़े ही पता लगा सकते हैं .. है ना !! .. तो चलो बीती बिसार दे और आगे की सुध ले .. ..

हाँ तो भक्तो !! .. ये शुंगलू साहब ने केजरीवाल के बारे में क्या-क्या डंके की चोट सही-सही कहा - अब सब कुछ तफ्सील से बताओ तो जरा !! ..../

मेरे दिमाग की बातें - दिल से .. ब्रह्म प्रकाश दुआ

// केजरीवाल तो मध्यप्रदेश में भी असरकारक और हानिकारक.. समझे भक्तो !! ....//


मैनें कहा था ना कि केजरीवाल कई भ्रष्टाचारियों के लिए काल है - और अभी उनके मार्फ़त बहुत कुछ अच्छा होना शेष है .. तो आइए मुलाहिज़ा फरमाइए .. ..

मैं एमपी का एक सामान्य नागरिक हूँ - और मेरी ना तो यहां के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी है और ना ही मेरा उनकी मानहानि करने का कोई इरादा है .. पर मुझे व्यक्तिगत रूप से पूरा विश्वास है कि शिवराज एमपी के २ चर्चित घोटाले डम्पर और व्यापम घोटाले में व्यक्तिगत रूप से लिप्त रहे हैं और भ्रष्टाचार हुआ है .. ..

और अब केजरीवाल के प्रताप से डम्पर घोटाले में भक्तों को संतप्त करने वाले तथ्य सामने आ गए हैं - और तथ्य ये हैं कि ८-१० साल पूर्व से चल रहे और लीपापोती किये जा रहे डम्पर घोटाले में आरोपित शिवराज की तरफ से वकील उदय यू ललित को पैरवी करने के लिए एमपी सरकार ने ११ लाख रूपए प्रति पेशी के हिसाब से स्वीकृति प्रदान की थी .. ..

और विदित हो कि ये वकील उदय यू ललित केवल कोई सामान्य वकील ना हो न्याय के अच्छे खासे जानकार भी हैं - क्योंकि यही विद्वान वकील आजकल उच्चतम न्यायालय में न्यायमूर्ति हैं .. .. और इसलिए मुझे व्यक्तिगत रूप से ऐसा विश्वास है कि जो लाखों करोड़ों रूपए का भुगतान एमपी सरकार द्वारा उदय यू ललित को हुआ होगा उसमें भुगतान देने वाले और भुगतान लेने वाले किसी भी नैतिक या न्यायायिक पहलू से अनभिज्ञ नहीं रहे होंगे .. ..

और यदि एमपी सरकार द्वारा उदय यू ललित को हुआ लाखों करोड़ों रूपए का भुगतान अनियमित है तो फिर तो शिवराज जी को एमपी के मुख्यमंत्री पद से और न्यायमूर्ति उदय यू ललित जी को अपने पद से इस्तीफ दे देना चाहिए .. .. नैतिक आधार पर भी और न्याय के हित में भी .. ..

और मेरी व्यक्तिगतत अपेक्षा है कि दिल्ली के उपराज्यपाल बैजल जी को अविलंब बिना किसी भय और विद्वेष के और बिना केंद्र सरकार और मोदी जी के दबाव में आए दिल्ली सरकार द्वारा जेठमलानी को किसी भी प्रकार के भुगतान की मांगी गई अनुमति तत्काल सिरे से खारिज कर देनी चाहिए .. .. और इस विषय में 'ज़ी टीवी' और 'टाइम्स नाउ' ने अपना भोंपू बंद नहीं करना चाहिए .. ..

और मेरी अंतिम मांग .. केजरीवाल जैसे मेधावी निडर क्रांतिकारी की अध्यक्षता में एक आयोग का तुरंत गठन होना चाहिए जो इसी प्रकार के अनन्य मामलों कि जांच करे और सभी दोषियों को सजा दिलवाए और सरकारी धन की वसूली भी करवाए .. विशेष रूप से शुरुआत यदि जेटली - स्वराज - चिदंबरम - सिब्बल आदि से जुड़े वकालत के सरकारी भुगतान से हो तो भक्तों को भी मज़ा आएगा और देश का भला भी हो जाएगा .. ..

तो कहो तो न्यायप्रिय भक्तों कैसी कही - और कैसी रही ?? .. और बताओ तो - कि ये केजरीवाल ने किसकी मानहानि की और कौन लपेटे में आया ?? .. और सोचो तो - कि ये अदने से केजरीवाल ने इतनी बड़ी कौन सी मानहानि कर दी जो इतनी असरकारक हो गई - और वो स्वयं ही तुम्हारे लिए इतना हानिकारक हो गया ?? .. है ना !! .. ..

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Thursday, 6 April 2017

// तो क्या अरविन्द केजरीवाल पूरे देश में वाकई एक बिरले गुनहगार नहीं ?? ....//


यदि मैं भी बकवास करूँ और कहूँ .. मोदी सतत बहुत काम कर रहे हैं .. तो क्या कोई भक्त मुझे बताएगा कि मैनें मोदी की तारीफ करी या प्रधानमंत्री की ?? ..
और यदि मैं सत्य ही कह दूँ कि .. मोदी कुछ भी काम नहीं कर रहे हैं .. तो क्या कोई भक्त मुझे बताएगा कि मैनें मोदी की निंदा करी या प्रधानमंत्री की ?? .. ..

और क्या कोई भक्त मुझे ये भी बताएगा कि क्या मुझे तारीफ करने के लिए कोई पुरूस्कार मिलेगा ?? .. या क्या मुझे निंदा करने के लिए कोई दंड दिया जा सकता है ?? .. ..

और अब कुछ औचक भौचक प्रश्न .. ..

यदि मुझे ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री मोदी ने नोटबंदी करके बहुत बड़ा भ्रष्टाचार किया है .. तो ऐसा कहना वो भी बिना किसी सबूत के क्या गुनाह होगा ?? .. ..

और यदि मोदी या अन्य किसी को दिल्ली विधानसभा चुनाव के पहले ऐसा लगा था कि अरविन्द केजरीवाल ने किसी से २ करोड़ का चंदा रात के अँधेरे में परवारे-परवारे ले लिया था या फिर अरविन्द केजरीवाल नक्सली हैं - या पाकिस्तानी एजेंट हैं .. तो मोदी या अन्य द्वारा ऐसा कहना वो भी बिना किसी सबूत के क्या गुनाह नहीं था ?? .. ..

या ऐसे ही असंख्य करोड़ों अरबों खरबों सत्य-असत्य आरोप बिना सबूत एक दूसरे पर लगाते रहना क्या गुनाह की श्रेणी में नहीं आता ?? .. ..

और क्या इस देश का एक भी ऐसा नागरिक होगा जिसने जाने अनजाने उपरोक्त गुनाह नहीं किया होगा ?? .. ..

और क्या अरविन्द केजरीवाल पूरे देश में वाकई एक बिरले गुनहगार नहीं ?? .. ..

तो चलो भक्तो !! .. बिना अक्ल का अपना हेलमेट खुजाओ और सारे जवाब दो तो .. ..
और यदि हमेशा की तरह कुछ सूझ ना पड़े तो चिल्लाओ .. मोदी मोदी मोदी .. या फिर बस इतना बता देना कि - बागों में बहार है ?? .. .. तो फिर हो जाओ शुरू .. बताओ तो अपनी औकात .. हाँ नहीं तो !! .. ..

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