Friday, 4 August 2017

// .. वंदे मातरम् .. वनडे पितृम् !! ....//


भावुकता.... प्रणब दा - आप पिता तुल्य !! .. ..

मेरी भावुक प्रतिक्रिया .. ..

.. वंदे मातरम् .. वनडे पितृम् !! .. ..

मित्रों !! .. भावनाएं ही तो हैं भावनाओं का क्या ?? .. ..

मेरे दिमाग की बातें - दिल से .. ब्रह्म प्रकाश दुआ

Thursday, 3 August 2017

// वर्जिन का मतलब होता है अविवाहित ?? .. तो .. .. ..//


दोगले डीएनए वाले नितीश के मंत्रिमंडल के ताजे ताजे मानसिक अस्वस्थ स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कहा है .. "वर्जिन का मतलब होता है अविवाहित" .. ..

तो क्या मान के चलूँ कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ वर्जिनों का टोला है - पर संघ से जुड़े हमारे प्रधानसेवक वर्जिन नही हैं ???? .. ..

और भक्तों बताओ तो जरा कि क्या बिहार के सरकारी फॉर्म में ऐसा जानकारीपूर्ण सवाल पूछना कि क्या आप वर्जिन हैं - उचित है ?? .. और मेरे कौतूहल भरे सवाल अनुचित ?? .. ..

मेरे दिमाग की बातें - दिल से .. ब्रह्म प्रकाश दुआ

// एक स्वतंत्र कुत्ते की अंतरात्मा की आवाज़ .. .. ..//


आज रात भर गली में बिना पट्टे का एक स्वतंत्र कुत्ता रोता रहा .. ऊंऊंऊं - ऊंऊंऊं .. और मुझे लगा कि ये उसकी अंतरात्मा की आवाज़ होगी .. ..

ऐसा इसलिए कि सावन के इस सीज़न में भिन्न-भिन्न जंतुओं की अंतरात्मा की आवाज़ों की झड़ी लगी पड़ी है .. ..

अभी अंतरात्मा से ओतप्रोत राष्ट्रपति चुनाव निपटे ही थे - कि ताज़ा-ताज़ा एक दोगले की अंतरात्मा की आवाज़ ना जाने कहाँ से निकली और उसे सुनाई भी दे गई - और उसने पलटी लगाई - उल्टी करी - हवा खराब करी - और टुच्चई भी करी .. ना मालूम आवाज़ अंतरात्मा की ही थी या पेट में अजीर्ण होने के उपलक्ष में निकली - ये तो उसकी आत्मा ही बेहतर जाने .. पर वो सर्टिफाइड तो अंतरात्मा की ही आवाज़ करी गई .. और सर्टिफिकेट भी किसी लल्लू-लालू ने नहीं दिया - बल्कि दिया सरकारी साहेब ने .. समझे !! .. .. 

और अभी ८ अगस्त को तो कुछ अपनी आत्मा बेच खाए नेता अपनी स्वयं की निजी अंतरात्मा की ही आवाज़ पर पार्टी बताए अनुसार वोट कर अपने ही जैसे कुछ और आत्मविहीनों को माननीय सदस्य चुनने वाले हैं ..  जी हाँ ये सब कुछ भी होगा अंतरात्मा की ही बुलंद आवाज़ पर .. ..

पर मूल प्रश्न तो यही खड़ा हो रहा है कि - कुत्ता क्यों रो रहा था ?? .. उसकी अंतरात्मा रुदाली क्यों कर रही थी ?? .. ..

और जो मैं समझ पाया वो ये कि - वो सोच रहा होगा कि - जब पैदाइशी कुत्ता वो - तो देश में इतनी कुत्तई कर ऐश ये इतने ढेर सारे ढोर नेता कैसे कर रहे हैं ?? .. ..

और मेरी अंतरात्मा कहती है कि - बिना पट्टे स्वतंत्र कुत्ते की अंतरात्मा की आवाज़ बिल्कुल स्पष्ट और सही है .. वरना पट्टे से बंधे गुलामों की क्या आत्मा और क्या अंतरात्मा और कैसी आवाज़ ?? .. है ना !!

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Wednesday, 2 August 2017

// ये तो मृतप्राय प्रजातंत्र के हत्यारों की लुच्चों टुच्चों द्वारा की जा रही हत्या है ....//


किसी बीमार कमजोर व्यक्ति को एक गुंडा तमाचा जड़ दे .. क्योंकि वो बीमार कमजोर व्यक्ति कभी पहलवान था और उसे आँखे दिखाता था - डराता था - सताता था - दौड़ाता था - मारता था - निपटाता था .. और उस पर बीमार कमजोर रो दे .. और फिर गुंडा हँसे और बोले - यार ये तो रो दिया - इसमें तो दम ही नहीं है .. ..

बस ऐसा ही कुछ कांग्रेस और बीजेपी में चल रहा है .. ..

बैंगलोर के जिस रिसॉर्ट में राज्यसभा के चुनावों में उपयोग में लाए जाने वाले कॉंग्रेसी विधायक लाकर बंधे पट्टों सहित छोड़े गए थे या ठहराए गए थे - ठीक उसी रिसॉर्ट पर आयकर विभाग के कर्तव्यनिष्ठ अधिकारीयों को "छू" कर दिया गया है - और छापेमारी जारी बताई जा रही है .. ..

और कांग्रेस रो रही है - विलाप कर रही है .. और अराजक बीजेपी कह रही है - ये तो खुद घबराए गलतियां कर रहे हैं - हम क्या करें .. ..

बहुत मज़ा आ रहा है .. क्योंकि लगता है भविष्य में और मज़ा आने वाला है .. ..

क्योंकि मेरा ऐसा मानना है कि शायद ये जीवंत प्रजातंत्र की हत्या नहीं है - ये तो मृतप्राय प्रजातंत्र के हत्यारों की लुच्चों टुच्चों द्वारा की जा रही हत्या है !! .. ..

और इस पूरे नंगे नाच में लिप्त या शिरकत करने वाले करवाने वाले मरने वाले मारने वाले वो सभी निर्लज्ज लुच्चे टुच्चे लोग शामिल हैं जिनका प्रजातंत्र पर ना कभी विश्वास था ना है .. !! 

मृतप्राय प्रजातंत्र को श्रद्धांजलि के साथ !! .. और प्रजातंत्र की ऐसी की तैसी करने में अपना भरपूर योगदान देने वाले सभी जिम्मेदारों को धिक्कार के साथ .. ..
!! भारत माता की जय !!

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// टुच्चे पाक का सौभाग्य - एक अंतरिम प्रधानमंत्री !! .. हमारे तो करम फूट गए ..//


अब पाकिस्तान में शाहिद खाकान अब्बासी 'अंतरिम' प्रधानमंत्री बन गए !! .. ..

बस ऐसी ही बातें अखर जाती हैं .. .. टुच्चा सा देश और ऐसे सौभाग्य ?? ..

लगता है हम लोगों के तो करम ही फूट गए जो हमें 'अंतरिम' प्रधाममंत्री का सौभाग्य ही प्राप्त नहीं हो रहा है ..
बल्कि जो है वो तो ऐसे गर्रा इतरा अफरा जबरा मुस्कुरा रहे हैं जैसे वो ऊपर से पट्टा लिखवा के आए हों और वो ही इस देश के 'अंतिम' प्रधानमंत्री होंगे !! .. ..

मेरे दिमाग की बातें - दिल से .. ब्रह्म प्रकाश दुआ

Tuesday, 1 August 2017

// CBI तोता - साहेब रचनात्मक - बंजारा बेचारा - नितीश चालाक - और तेजस्वी ? ..//


बताते तो यही हैं कि जब तक ठोस सबूत या मसाला नहीं होता तब तक CBI प्रकरण की शुरुआत ही नहीं करती .. मसलन तेजस्वी यादव पर जो CBI ने केस दर्ज किये हैं तो CBI के पास ठोस सबूत और मसाला होगा ही .. और तभी तो चालाक नितीश ने वो सबकुछ रच डाला जो रचनात्मक साहेब को रास आ गया और रासलीला हो गई .. ..

और इसी CBI के हत्थे एक बहुचर्चित मामला चल रहा था जो था गुजरात का - जी हाँ गुजरात का सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस .. और ये केस CBI ने वर्ष २००५ में रजिस्टर किया था .. पर प्रकरण में CBI कोर्ट द्वारा दो नेता पहले ही बरी कर दिए गए थे - और आज दो पुलिस अधिकारी भी बरी कर दिए गए हैं ..

जो दो नेता बरी करे थे - वे कद्दावर थे अमित शाह और गुलाब चंद कटारिया .. और इसलिए बाकी को तो बरी होना ही था - सो पुलिस वाले डीजी बंजारा और एक अन्य अधिकारी दिनेश एमएन भी आज बरी कर दिए गए .. जिसमें से डीजी बंजारा ७ साल की जेल काटने के बाद बेल पर छूटे हुए बताए जाते हैं .. .. बेचारे बंजारा !! .. ..

स्पष्ट और पुष्ट हुआ कि सीबीआई तोता है - साहेब रचनात्मक - बंजारा बेचारा - नितीश चालाक - और शायद तेजस्वी बली का बकरा .. कोई शक ?? .. और शक की वजह ?? .. ..

मेरे दिमाग की बातें - दिल से .. ब्रह्म प्रकाश दुआ

// भारत का प्रजातंत्र केजरीवाल के भरोसे हो चला है !! .. क्योंकि .. .. ..//


जमाने से सुनते आए हैं कि प्रजातंत्र में विपक्ष का भी महत्त्व होता है .. .. बल्कि कुछ पंडित तो कहते आए हैं कि स्वस्थ लोकतंत्र में विपक्ष का मजबूत होना भी अत्यावश्यक होता है - और विपक्ष बिना तो प्रजातंत्र और तानाशाही में कोई अंतर ही नहीं रह जाता है .. ..

आज भ्रष्टाचार आरोपित जयललिता वाली एआईएडीएमके पार्टी के बचे-खुचों ने जयललिता की मृत्यु उपरांत एनडीए में जाने के संकेत दे दिए हैं .. और कुछ दिन पहले दोगले नितीश भी अपनी बिहारी सत्ता में लिपटे हुए ही विपक्ष से सत्तापक्ष खेमे में लुढ़क उल्टे ऊपर पहुँच चुके हैं - और इस कारण लालू और पप्पू को और कमज़ोर कर चुके हैं .. इतना कमज़ोर कि उन्हें 'विपक्ष' कहना भी अब उचित नहीं होगा .. ..

तो फिर विपक्ष है कहाँ ?? .. .. पटनायक तो नहीं ?? .. कौन पटनायक ?? .. नहीं मालूम तो छोडो उसकी बात .. .. तो अमरिंदर सिंह पंजाब वाले ?? .. हा !! हा !! हा !! .. उसके तो केवल कांग्रेस का लेबल चिपका है - पर असल में तो वो भी साहेब का पट्ठा ही है और सेटिंग के तहत ही पक्ष का होकर भी विपक्ष में है .. ..

तो बात आकर ठहरती है ममता दीदी और केजरीवाल दादा में .. ..

तो बस अब आगे आने वाले दिनों में मालुम पड़ जाएगा कि बंगाली टाइगरों पर दिल्ली तोतों का झपट्टा कैसा लगता है - और चिटफंड आदि आर्थिक भ्रष्टाचार के रहते या बहाने दीदी कहाँ जाती हैं - जेल या एनडीए में ?? .. ..

तो क्या मान लिया जाए कि विपक्ष का नामोनिशान मिट गया ?? .. लगता तो ऐसा ही है पर जब तक केजरीवाल दादा है - विपक्ष का अस्तित्व तो बना ही रहेगा .. और मुझे ऐसा लगता है कि केजरीवाल निराश नहीं करेंगे .. क्योंकि पंडितों ने यह भी कहा हुआ है कि भारत में प्रजातंत्र की जड़ें बहुत गहरी हो चुकी हैं - और अब इस देश में प्रजातंत्र को कोई तीसमारखाँ भी ख़त्म नहीं कर सकता - और चूँकि प्रजातंत्र में मजबूत विपक्ष का होना भी अपरिहार्य है इसलिए भारत का प्रजातंत्र केजरीवाल के भरोसे हो चला है !! .. ..

यानि यदि केजरीवाल रहे तो प्रजातंत्र .. नहीं रहे तो भयावह तानाशाही .. ..

और इसलिए मेरा केजरीवाल को समर्थन पूरे दिल दिमाग से जारी है - प्रजातंत्र और देशहित में जारी है - मेरे और मेरे परिवार और मेरे समाज के हित में जारी है - और भ्रष्टाचार और साम्प्रदायिकता के विरुद्ध जारी है .. भक्त जो चाहें उखाड़ लें या अपने पाँव पर कुल्हाड़ी मार लें - इससे मेरा कोई सरोकार नहीं .. ठीक !! .. !! जय हिन्द !!

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