Monday, 7 August 2017

// क्या कोई ऐसी जुगाड़ नहीं हो सकती कि आप चीन को राखी बाँध दो ....//


रक्षा बंधन एक पवित्र त्यौहार - भाई-बहन का त्यौहार - भाई-बहन के बीच प्यार का त्यौहार .. ..

पर ना मालुम कब कैसे और क्यों इसे कोरी "रक्षा" से जोड़ दिया गया .. और "भाई बहन की रक्षा करेगा" की बात को आगे बढ़ाते हुए कुछ ऐसा कर दिया गया है कि - जो जिससे राखी बंधवाएगा वो राखी बाँधने वाले की रक्षा करेगा .. ...

और फैशन और जुगाड़ में ये जो नेता लोग हैं ना - ये भी थोकबंद राखियां बंधवा कर आदतन थोकबंद आश्वासन पेलते रहना शुरू कर दिए - कि हम तुम सबकी रक्षा करेंगे .. जबकि रक्षा की सबसे ज्यादा आवश्यकता तो आज समाज को इन लम्पट नेताओं से ही हो रही है जो खुल्ले में भक्षक बने हुए हैं .. ..

खैर इन्हीं बातों के बीच आज मुझे एक आईडिया आ रहा है - जो मैं देशहित में सार्वजनिक करना चाहता हूँ .. और आईडिया क्या एक बहुमूल्य सुझाव है - जो निम्नानुसार है ..

प्रिय मोदी जी एवं सुषमा जी !! .. भाई-बहन के अलावा - जैसे कि आप और अपन ये राखी बंधाई के मार्फ़त एक दूसरे को बेवकूफ बनाते रहे हैं - ठीक वैसे ही क्या कोई ऐसी जुगाड़ नहीं हो सकती कि आप चीन को ही राखी बाँध दो .. .. और भाई-भाई वाला पुराना नारा छोड़ नया नारा उछाल दो .. ..

" हिंदी-चीनी .. बहन-भाई " .. ..

मेरे दिमाग की बातें - दिल से .. ब्रह्म प्रकाश दुआ

Sunday, 6 August 2017

// हम युद्ध नहीं चाहते - पर चीन तो युद्ध थोप रहा है .. तो उगलो क्या कीजे ?? .. ..//


क्या कोई समझदारी का दावा करने वाला समझदार मुझे बताएगा कि .. ..
ऐसा मानना या ऐसा विश्वास करना या ऐसा बोलना या ऐसा समझाना या ऐसा बताना कि .. चीन बहुत शातिर है - बहुत खुराफाती है - बहुत ताकतवर है - बहुत बदमाश है - बहुत बदनीयत है - और युद्ध की धमकी दे रहा है - और यद्ध भी कर सकता है - और हमें सबक सिखा सकता है - आदि .. क्या देशद्रोह है या बुज़दिली है या कायरता है - या डूब मरने जैसी बात है - या "एंटी-नेशनल" है ?? .. ..

और क्या ऐसा कहना भर कि - हम चीन को सबक सिखा देंगे - देशप्रेम है या बहादुरी है ?? .. ..

वैसे अभी मैं खामोश हूँ .. क्योंकि कई बार एक तरफ गड्ढा और एक तरफ खाई की स्थिति होती है .. और लाचारी भी .. .. और इसलिए ही मैं केवल समझदारी का दावा करने वाले समझदारों की प्रतिक्रिया का इंतज़ार कर रहा हूँ .. .. और भक्तों और फ़ोकट फूंफां करने वालों को नज़रअंदाज़ !! .. ..

पर हाँ इतना जरूर बताना चाहूंगा कि मैं भी समझदार होने का दावा करता हूँ और चेताना चाहता हूँ कि स्थितियां विकट हैं .. चीन हम पर युद्ध थोपने पर आमादा है .. और यदि "युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं" तो क्या ऐसी स्थिति में युद्ध करना उचित होगा या पीठ दिखाना ???? .. ..

और यदि युद्ध करना उचित होगा तो क्या साम्प्रदायिकता से भरपूर सभी मुद्दों को विराम दे पूरी एकता के साथ मुकाबला करने के अलावा भी कोई अन्य विकल्प होगा ?? .. और यदि कोई अन्य विकल्प नहीं होगा - तो क्या कोई पंडित इस कार्य हेतु कोई मुहूर्त निकालेगा या ऐसा करना तत्काल ही उचित होगा ?? .. ..

तो आइए कुछ समय के लिए जरा साहेब के धाँसू नारे "सबका साथ - सबका विकास" को थोड़ा एडजस्ट कर लेते हैं .. और सब मिलकर नारा लगाते हैं .. ..

" सबका साथ - सबका युद्ध !! .. !! जय हिन्द !! " .. ..

मेरे 'fb page' का लिंक .. https://www.facebook.com/bpdua2016/?ref=hl

//.. फ्रैंडशिप डे !! - सभी मित्रों को बधाई एवं शुभकामनाएं !! .. एवं भक्त मित्रों को .. ..//


आज फ्रैंडशिप डे के सुअवसर पर मेरी आप सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं !! .. ..

एवं भक्त मित्रों को इस मस्त अवसर पर मेरी तरफ से विशेष प्यार भरा मुफ्त सुझाव का तोहफा .. ..

कृपया स्मरण करें लालू और नितीश की देशहित में की गई मित्रता का ..
कृपया प्रेरणा लें नितीश और मोदी की देशहित में हुई मित्रता से ..
और प्रार्थना करें मोदी और लालू की देशहित में मित्रता हो जाने की .. ..

जब तक सूरज चाँद तारे रहेंगे .. लालू-नितीश-मोदी मित्रता के किस्से याद रहेंगे .. है ना मेरे प्यारे भक्त मित्रों !! .. ..

मेरे दिमाग की बातें - दिल से .. ब्रह्म प्रकाश दुआ

Saturday, 5 August 2017

// पत्थर और कॉंग्रेस के जमाने लद गए .. अब तो गोली से उड़ाने की बात हो रही है ..//


सोशल मीडिया पर एक जुमला चल रहा है .. ..

पत्थर का भी प्रकार होता है ..
राहुल गांधी पर गिरे तो लोकतंत्र पर हमला,
जवानों पर गिरे तो अभिव्यक्ति की आजादी।
जय हिंद की सेना। .. ..

मेरी एक और प्रतिक्रिया .. ..

पत्थर राहुल गांधी पर गिरे तो वाह !! वाह !! ..
पत्थर जब जवानों पर गिरे थे तो बस - बुआ !! - फूँफ़ाँ !! - और आssह !! आssह !! .. 

भक्तों पत्थर पर अपना माथा ठोक मारो रे !! .. धिक्कार  है !! .. ..

वैसे बता दूँ .. पत्थर और कॉंग्रेस के जमाने लद गए .. अब तो आंध्रा के कॉंग्रेसी नेता जगनमोहन रेड्डी मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को सड़क पर सरेआम गोली मारने की बात कर रहे हैं .. ..

बधाई हो !! .. देश प्रगति कर रहा है .. अच्छे दिन तो आ चुके हैं !! .. नहीं क्या ?? .. 

मेरे दिमाग की बातें - दिल से .. ब्रह्म प्रकाश दुआ

// तो पत्थर का भी प्रकार होता है ना ?? ....//


सोशल मीडिया पर एक जुमला चल रहा है .. ..

पत्थर का भी प्रकार होता है ..
राहुल गांधी पर गिरे तो लोकतंत्र पर हमला,
जवानों पर गिरे तो अभिव्यक्ति की आजादी।
जय हिंद की सेना। .. ..

मेरी प्रतिक्रिया .. ..

पत्थर का भी प्रकार होता है ..
जम्मू-कश्मीर में चले तो आतंकवादियों की करतूत,
गुजरात में चले तो देशभक्तों का जज़्बा..
भक्तों को धिक्कार  .. ..

मेरे दिमाग की बातें - दिल से .. ब्रह्म प्रकाश दुआ

// कैरक्टर सर्टिफिकेट बिना आधार - डेथ सर्टिफिकेट के लिए आधार अनिवार्य ?? ..//


एक होता है कैरक्टर सर्टिफिकेट .. और ये सर्टिफाई करता है कि नामधारी का कैरक्टर अच्छा है .. ये कदापि किसी के लिए भी ये सर्टिफाई नहीं करता कि नामधारी का कैरक्टर ढीला है .. और ये बिना किसी आधार के किसी को भी जारी किया जा सकता है / किया जाता है .. ..

और शायद इसलिए आपने नेताओं को और विशेषकर भाजपाइयों और कॉंग्रेसियों को ये अक्सर कहते सुना होगा कि उन्हें किसी के कैरक्टर सर्टिफिकेट की आवश्यकता नहीं .. यानि कैरक्टर के मामले में मतलब साफ़ हो जाता है .. है ना !! .. ..

इसी प्रकार एक होता है डेथ सर्टिफिकेट .. और ये सर्टिफाई करता है कि नामधारी की डेथ हो चुकी है .. ये कदापि किसी के लिए भी ये सर्टिफाई नहीं करता कि नामधारी जिन्दा है .. ..

अब मज़ा देखिये .. ये ज़िंदा लोगों के लिए कैरक्टर सर्टिफिकेट की कोई आवश्यकता या बाध्यता या शर्तें नहीं - और कोई भी ज़िंदा बिना कैरक्टर और बिना कैरक्टर सर्टिफिकेट के विधायक मुख्यमंत्री सांसद प्रधानमंत्री तक बन सकता है .. ..

पर जनाब ये डेथ सर्टिफिकेट के लिए एक शर्त लागू कर दी गई है कि ये सर्टिफिकेट जिन्दा से मरे के नाम तभी जारी होगा जब उसके नाम आधार नंबर होगा .. ..

मैं कहता नहीं था कि जो कैरक्टर के ढीले होते हैं वे ना तो किसी को जीने देते हैं ना बिना किसी आधार के मरने .. ..

और ठीक भी है .. जब आपको अपनी मर्ज़ी से खाने-पीने घूमने-फिरने पहनने-ओढ़ने धर्म अनुसरण करने की स्वतंत्रता नहीं है तो इतनी आसानी से बिना किसी आधार आपको मरने कैसे दिया जाए ?? .. ..

इसलिए तो अब आप केवल अपनी मर्ज़ी से आत्महत्या भी नहीं कर सकते - उसके लिए भी आधार जरूरी होगा !! - समझे !! .. और हो सकता है कि ऐसा इस परोपकारी सरकार ने किसानों को थोकबंद आत्महत्या करने से हतोत्साहित करने के लिए ही किया हो .. ..

यानि किसानों के हित में एक और बड़ा सरकारी कदम - वो भी बिना किसी के सर्टिफिकेट की आवश्यकता के साथ .. है ना !! .. हा !! हा !! हा !! .. ..

मेरे 'fb page' का लिंक .. https://www.facebook.com/bpdua2016/?ref=hl

Friday, 4 August 2017

// कुछ बातें मोदी जी को बर्दाश्त नहीं - और मुझे मोदी .. तो करें क्या ?? ..//


अब कुछ दिन पहले मोदी जी ने अपनी नाराज़गी व्यक्त करते हुए कहा - भाजपा के राज्यसभा सांसदों की सदन से अनुपस्थिति बर्दाश्त नहीं .. ..

और आज ही मोदी अभिनीत गुजरात में राहुल गाँधी की कार पर पथराव कर दिया गया .. जो भी बर्दाश्त के बाहर ही होना चैये .. .. 

मेरी प्रतिक्रिया .. ..

बर्दाश्त तो आपको और भी कई बातें नहीं .. जैसे भीड़ द्वारा हिंसा - गौरक्षकों की गुंडागर्दी - साम्प्रदायिकता - भ्रष्टाचार - गरीब की पीड़ा .. और कुछ लोग भी - जैसे केजरीवाल - सुब्रमण्यम स्वामी - शत्रुघ्न - आडवाणी - है ना !! .. और मुझे मालुम है कि आज जो राहुल गांधी पर गुजरात में पथराव किया गया है वो तो आपको बर्दाश्त हो ही नहीं सकता - क्योंकि ये तो हिंसा हो गई - जो आपके प्रेरणा स्त्रोत गांधी जी ने नहीं करने की शिक्षा दी थी .. .. पर ये सब कुछ ही तो बर्दाश्त करना ही पड़ रहा है - क्योंकि आपको कुर्सी भी तो प्यारी है ना !! .. या फिर आप नौटंकी करते रहे हो .. नहीं क्या ?? .. ..

और मोदी जी !! सही बात बताऊँ .. बर्दाश्त तो मुझे आप भी नहीं - पर बर्दाश्त तो करना ही पड़ रहा है .. है ना ?? .. ..

तो मोदी जी - ये बर्दाश्त वाली बात छोड़ो .. आप तो ये बताओ कि दंड क्या ?? .. ये सांसदों को वेतन भत्ते सुविधाएं किस बात की ?? .. ये संसद की कार्यवाही जो कोरम आभाव में स्थगित हुई थी - और जो राज्यसभा में बिल पास होने में गड़बड़ हुई - उसकी जनता के पैसे के रूप में हुई हानि की वसूली होगी कि नहीं - और होगी तो कब - और नहीं होगी तो क्यों नहीं ?? .. और ये सचिन और रेखा जो आपको सौंपी गई तिजोरी से हाथ साफ़ कर रहे हैं उसका क्या ?? .. ..

और मोदी जी ये भी बता दो कि एक बच्चे को मारना क्या कायरता नहीं ?? .. और कल को कोई बच्चा आपको या आपके भक्तों को चपतिया देगा तो क्या कीजियेगा .. बर्दाश्त कीजियेगा ?? .. या कहीं ऐसा तो नहीं कि बर्दाश्त करना ही पड़ जाएगा ?? .. हा !! हा !! हा !! .. .. है ना ?? .. ..

मोदी जी सब कुछ लिखने का मेरा मक़सद तो केवल इतना है कि आपके सत्ता में आने के बाद सब दूर ना-ना प्रकार की हिंसा बहुत बढ़ गई है - जो जनता को बर्दाश्त नहीं होने वाली .. और इसलिए अब आप भी ये सब बर्दाश्त करना छोड़िये - और कुछ ऐसा भी कीजिये जो हमें बर्दाश्त हो जाए - और समझ आ जाए .. समझे !!

मेरे 'fb page' का लिंक .. https://www.facebook.com/bpdua2016/?ref=hl