My blog is my reaction and analysis of the current Political and Social affairs of our country - India.
Wednesday, 4 July 2018
// देश के भावी प्रधानमंत्री केजरीवाल को मेरी अनेक शुभकामनाएं !!.. ..//
जद्दोजहद
केजरीवाल की ..
मेहनत
केजरीवाल की ..
क़ाबलियत
केजरीवाल की ..
लड़ाई
जुझारू केजरीवाल की ..
निर्णय
सुप्रीम कोर्ट का ..
जीत
दिल्ली की जनता की
..
धन्यवाद
केजरीवाल को ..
बधाई
पूरे देश को ..
और
सुकून मिला है मेरे दिल
दिमाग को !!..
और
मोदी और भक्तों को
मेरा खुल्ला धिक्कार !!..
डूब
मरो चुल्लू भर पानी में
!!.. क्योंकि पिछले ३ सालों में
दिल्ली की जनता के
अधिकारों को जो कुचला
गया और जनता के
हितों की ऐसी की
तैसी की गई - उसके
पूर्ण जिम्मेदार मेरी राय में नकारा बदनीयत नाकाबिल अहंकारी स्वार्थी मोदी ही निर्णीत हुए
हैं !!..
और
अंत में देश के भावी प्रधानमंत्री
केजरीवाल को मेरी अनेक
शुभकामनाएं !!..
ब्रह्म
प्रकाश दुआ
'मेरे
दिमाग की बातें - दिल
से':-
https://www.facebook.com/bpdua2016/?ref=hl
Tuesday, 3 July 2018
// "लोकपाल का क्या हुआ"?? ज़िंदा है मर गया या "विकास" के साथ गायब हो गया ??..//
अफवाहों के तीव्र गति से फ़ैल जाने और त्वरित असर कर जाने के ज़माने में - और बातों के तुरत-फुरत वायरल हो जाने के ज़माने में - हमारे सुप्रीम कोर्ट ने कल पिछले चार साल में चौथी बार मोदी सरकार से मात्र पूछा भर है कि - "लोकपाल का क्या हुआ" ??..
और "लोकपाल का क्या हुआ" ये तो जग जाहिर है.. वो ही हुआ जो मंज़ूरे मोदी था.. यानि ना कुछ होना था ना हुआ !!..
और ऐसा क्यूँ हुआ ??.. क्योंकि ये वही सुप्रीम कोर्ट है जिसके चार न्यायाधीश जनता के सामने आकर जनता को बता गए थे कि सुप्रीम कोर्ट में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है.. और शायद सही बता गए थे.. और इसलिए हम देख रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट में ये सब क्या चल रहा है - कब से चल रहा है - और "लोकपाल का क्या हुआ" !!..
खैर जो होना था हुआ.. और जो नहीं होना था वो भी नहीं हुआ.. पर इसके अलावा भी कुछ और गज़ब हुआ.. पता है क्या हुआ ??..
पूरे २४ घंटे से भी ज्यादा हो गए उपरोक्त समाचार आए - पर किसी प्रशांत योगेंद्र किरण बिन्नी शाज़िआ विश्वास वीकेसिंह कपिल या किसी और अन्ना प्रशंसक या अन्ना भक्त या अन्ना सहयोगी या फिर स्वयं अन्ना हज़ारे द्वारा ही अरविन्द केजरीवाल की शान में अभी तक तो एक भी अपशब्द नहीं कहा गया.. और यहां तक कि भाजपा और कांग्रेस ने भी केजरीवाल को अभी तक बिलकुल भी नहीं कोसा..
जबकि मेरा ऐसा मानना है कि इनमें किसी ना किसी टुच्चे को कम से कम केजरीवाल से तो सदाबहार प्रश्न पूछना ही था कि - क्यों भाई केजरीवाल जी - तुम्हारे "लोकपाल का क्या हुआ" ??..
खैर उन्होंने नहीं पूछा तो अब मैं ही किसी से कुछ पूछ लेता हूँ.. मैं भी मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा वाले सुप्रीम कोर्ट से और अपने प्रधानसेवक से पूछ लेता हूँ कि - "लोकपाल का क्या हुआ" ??.. वो अभी ज़िंदा है या स्वर्गवासी तो नहीं हो गया ??.. या फिर "विकास" के साथ कहीं गायब तो नहीं हो गया ??.. और कहीं केजरीवाल ने इनका अपहरण तो नहीं कर लिया ??.. और यदि कर ही लिया तो क्या तुम्हें इस बात पर शर्म नहीं आती.. एक केजरीवाल तक का तोड़ नहीं ढूंढ सके ना !!.. ..
ब्रह्म प्रकाश दुआ
'मेरे दिमाग की बातें - दिल से':- https://www.facebook.com/bpdua2016/?ref=hl
Monday, 2 July 2018
// अब पीएम बन सकने वाले नालायकों या लायकों की कमी कैसे मान ली जाए ??..//
कुछ भक्त और भक्त टाइप लोग अभी तक भी मोदी के गुण गाते-गाते ये चैलेंज दे रहे हैं कि मोदी के बाद प्रधानमंत्री बनने लायक देश में और कौन ??..
तो ऐसे बेचारों को मेरा एक बार फिर जवाब.. ..
जब तुमने एक चाय वाले को प्रधानमंत्री बनते साक्षात् में देख लिया तो तुम्हें शर्म नहीं आती ऐसा मानते हुए या कहते हुए कि १२५ करोड़ से ज्यादा अन्य देशवासियों में और कोई एक व्यक्ति भी प्रधानमंत्री नहीं बन सकता ??..
या फिर तुम्हें कहीं ये एहसास तो नहीं हो गया कि मोदी अजब गजब संयोग से या गलती से या अद्भुत सौभाग्य से प्रधानमंत्री बन गया.. और इसका ये मतलब तो नहीं कि ऐसा फिर दोबारा से हो जाए या हो सके ??!!..
या फिर तुम्हें कहीं ये एहसास तो नहीं कि मोदी एक सोची समझी देश विरोधी साज़िश के तहत प्रधानमंत्री बनवा दिया गया है और इसलिए हर चलता फिरता आम आदमी प्रधानमंत्री बन सकता है ये मात्र छलावा है और असंभव भी ??!!..
या फिर तुम्हारे सड़े गले दिमाग में कहीं ये बात तो घर नहीं कर गई कि देश में योग्य ईमानदार काबिल जुझारू देशभक्त लोगों की कमी है ??.. और यदि ऐसा है तो क्या तुमने कल केजरीवाल का १ घंटे का शानदार जानदार भाषण सुना ??.. और यदि नहीं सुना तो यू-ट्यूब लिंक <https://youtu.be/bTQEKT_ja4g> पर सुनते क्यों नहीं ??..
या कहीं तुम इतने पागल तो नहीं कि ये मानते हो कि मोदी से ज्यादा काबिल इस देश में और कोई नहीं ??..
या कहीं तुम्हें ये तो गुमान नहीं हो गया कि देश ही इतना पागल है कि वो किसी योग्य व्यक्ति को प्रधानमंत्री नहीं बनने देगा ??..
अरे मूर्खों ये बात तुम्हें कब समझ पड़ेगी कि विशेषता तो चोर डकैत और ठगों में भी होती है - और तमाम अपराधियों में भी होती है - और ये मेहनती और जुगाड़ू और शातिर भी होते हैं - और इसलिए तमाम ऐसे चोर उचक्कों को भी सफलता मिलती ही रहती है.. पर ये सफलता उनके घिनौने स्वार्थ के लिए होती है और ऐसे अपराधियों के कृत्यों से कभी किसी समाज या देश का भला नहीं हुआ है..
और इसलिए मैं ऐसे सभी नालायकों मूर्खों और पागलों को ये मुफ्त समझाइश देना चाहूंगा कि अपनी सोच बदल लो और मेरी बात पर गौर करो कि.. जब मोदी प्रधानमंत्री बन सकता है तो फिर इस देश में १२५ करोड़ से अधिक लोग प्रधानमंत्री बनने के लायक माने जा सकते हैं.. समझे ??
इसलिए बहुत हुआ !!.. मोदी नहीं तो फिर कौन वाला प्रायोजित विलाप बंद करो बे !!.. क्योंकि मुझे मेरे देश का ऐसा अपमान अब और सहन नहीं होता.. !! जय हिन्द !!..
ब्रह्म प्रकाश दुआ
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Sunday, 1 July 2018
// विपक्ष का प्रधानमंत्री कौन होगा ?? .. .. कोई न कोई हो ही जाएगा - शर्तिया !! ..//
पूरा गोदी मीडिया पहले तो ये एकतरफा बात टर्र टर्र टर्राता टर्रवाता रहा था कि मोदी के अगाडी पिछाड़ी कोई नहीं..
यानि बोले तो माहौल ऐसा बना दिया था कि.. मोदी के दो आगे मोदी - मोदी के दो पीछे मोदी - आगे मोदी पीछे मोदी - मोदी !! मोदी !! मोदी !!..
यानि मोदी ना हुआ कोई तीतर हुआ !!.. ..
पर फिर हालात कुछ बदले.. विपक्ष ने मंत्रणा कर एका कर लिया - फिर गुदगुदा दिया - कुछ-कुछ हुआ - और तत्काल ही चुनावी पटखनी दे मारी.. दे धड़ाम !!.. चारों खाने चित्त पट्ट चित्तम चित्त !!.. और सत्तापक्ष का दिमाग कुछ ठिकाने लगने लगा !!..
और देखते ही देखते गोदी मीडिया सभी भक्तों का सहयोग ले इस बात पर उचक-उचक बहस करवाने लगा कि.. विपक्ष में प्रधानमंत्री का चेहरा कौन होगा ????..
और इस बहाने विपक्ष का उपहास भी किया जाता रहा.. मोदी तो नेहरू इंदिरा का और संबित पात्रा 'राहूssल' का जाप करते रहा !!..
और हाल फिलहाल जब मोदी की परतें पत्ते पलीते और पोलें खुलने लगीं और भक्त भेरू होने लगे तो सब दूर एक प्रश्न पर ही बहस चल रही है या चलाई जा रही है कि..
मोदी २०१९ में चुनाव जीतेंगे या नहीं ????..
और मेरा दिमाग दिल ये कह रहा है कि अब तो हालात इतनी जल्दी और इस कदर बिगड़ चुके हैं कि अब तक बहस का एक यक्ष प्रश्न तो ये भी हो ही जाना चाहिए था कि..
क्या सत्तापक्ष २०१९ का चुनाव मोदी के चेहरे पर लड़ने की मूर्खता करेगा ????..
और यदि नहीं तो भाजपा में विकल्प कौन ??.. संबित पात्रा - स्मृति ईरानी - आडवाणी - मुरली मनोहर - ठक्कर - वसुंधरा - मेनका - वरुण - शत्रुघन - या फिर अमित शाह - या जेटली या राजनाथ या गडकरी - या फिर संघ वाले महारथी भागवत - या कोई और नागपुरी - या कोई बिरला बाहरी - या कोई दोगला पलटू साथी नितीश तो नहीं ??..
और जब इस प्रश्न पर विमर्श शुरू होगा (जो होगा ही) तो मेरा दावा है कि - आज जो गोदी मीडिया इस बात पर विपक्ष का उपहास कर रहा था कि विपक्ष में प्रधानमंत्री का चेहरा कौन होगा वो स्वयं इस निष्कर्ष पर पहुंच जाएगा कि विपक्ष में तो कोई ना कोई प्रधानमंत्री बन ही जाएगा.. पर भाजपा या संघ का कोई प्रधानमंत्री बनेगा इसका तो सवाल ही नहीं उठता !!..
और इसलिए मैं फिर पलट के सोचता हूँ कि गोदी मीडिया सभी भक्तों का सहयोग ले १००% सार्थक बहस करवा रहा था कि.. विपक्ष का प्रधानमंत्री कौन होगा ????..
जो कोई न कोई हो ही जाएगा - शर्तिया !!.. ..
और आने वाले समय में हम इसी बहस को लौटते और चलते देखेंगे !!..
तो आज बोलो गोदी मीडिया और भक्तों की जय हो !!..
तीतर !! तीतर !! तीतर !!
ब्रह्म प्रकाश दुआ
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