Monday, 18 August 2014

"बहुनाम" में षड्यन्त्र !!!! 
धर्म के ठेकेदारों ने ऊपर वाले को भी नहीं छोड़ा और उस सर्वशक्तिमान को अपने स्वार्थ के लिए इतने सारे नाम दे दिए कि अब तो वो खुद भी अपना असली नाम भूल गया होगा ....
ईश सांई ईश्वर खुदा जीसस भगवान अल्लाह ॐ गॉड रब परमात्मा रब्बा अल्लाह प्रभु परवरदिगार मालिक परमेश्वर विधाता आदि आदि ....
और इतिहास गवाह है कि इस तरह इन धर्म के ठेकेदारों ने ऊपर वाले के टुकड़े टुकड़े कर उसकी भी रेड़ मार दी और उसके अनन्य नामों पर अपनी अपनी दुकाने खोल खूब लूट खसोट करी और लोगों को आपस में लड़ाया भिड़ाया मरवाया कटवाया .....
और फिर नंबर आया देश का - जब पेट नहीं भरा तो इन ठेकेदारों ने देश एवं देश में रहने वालों के भी अनेक नाम दे दिए ! जैसे - इंडिया भारत इंडस हिन्दुस्तान इंडी भारती हिंदी इंडियन भारतीय हिन्दुस्तानी आदि .... और लेटेस्ट में "हिन्दू" !!!! और लगे तर्क कुतर्क करने और अपने अपने हिसाब से परिभाषा देने और व्याख्या करने ....
इसी "बहुनाम" की कुप्रथा एवं कुचेष्टा के पीछे सारे षड्यन्त्र छुपे हुए हैं जो सारे झगडे की जड़ है !!!!
मैं व्यथित हो इन सब ठेकेदारों से पूछता हूँ कि जब आप बार बार खुद ही यह अकाट्य अटल सत्य मान चुके हो कि - /// ऊपर वाला एक है और हमारा देश भी एक ही है /// - फिर इतने सारे नाम क्यूँ दिए और क्यूँ दिए ही जा रहे हो ????
क्या किसी ने अपने पिताजी और माताजी को अनेक नाम देने की कभी कुचेष्टा करी ????
जब वो एक ही है तो फिर हिन्दुओं के ठेकेदारों को अल्लाह से और मुसलामानों के ठेकेदारों को ईश्वर नाम से एलर्जी क्यूँ ????
जब देश एक है तो "हिन्दू" और "हिन्दुस्तानी" के नाम पर वैमनस्य फैलाने के कुत्सित भरपूर अनियंत्रित प्रयास अभी क्यूँ ????
धर्म के ठेकेदारों - कृपया सुधर जाओ - और अंततः हम सामान्यजन को उस उपर वाले सर्वशक्तिमान की छत्रछाया में हमारी इस मातृभूमि पर सुख चैन गर्व और भाईचारे से रहने दो !!!!
हम "हिन्दू" हैं या नहीं - और हैं तो क्यों और नहीं तो क्यों - इसका निर्णय हमें ही करने दो !!!! शायद हममें आपसे ज्यादा समझदारी है !!!!

Sunday, 17 August 2014

"भारत रत्न" की घोषणा क्यूँ नहीं ????

खबर थी कि 5-5 मेडल का आर्डर हो गया है - ध्यानचंद जी का नाम प्रस्तावित कर दिया गया है - स्वतंत्रता सेनानी सुभाषचन्द्र बोस का नाम भी लगभग तय है - फिर एक दम से क्या हो गया ???? "भारत रत्न" की घोषणा क्यूँ रोक दी गयी ????
इस सरकार को विदित हो कि पिछली सरकार ने तो सचिन का नाम तय होते ही 2 दिन में सारी प्रक्रिया पूरी कर घोषणा कर दी थी - पर क्या बात है कि इस सरकार में इतने नायाब रत्न होते हुए भी अनिर्णय की स्थिति ????
कहीं ऐसा तो नहीं कि निर्णय लेने के मामले में भी ये सरकार पिछली सरकार से गयी बीती है ????
कहीं ऐसा तो नहीं कि इस सरकार में रत्न कम और नगीने ज्यादा हैं जो संसद में घोषणा करने के बाद भी पीछे हट जाते हैं ????
या फिर कहीं ऐसा तो नहीं कि इसी सरकार में आसीन बन्दों ने पूर्व में पिछली सरकार पर इतनी टीका-टिप्पड़ी - छींटाकशी - निंदा - समझाइश - मांग कर डाली थी की अब स्वयं ही उन सब बातों को पूरा कर खरा उतारना असंभव सा लग रहा है ???? और कहीं इसी कारण से इस साल "भारत रत्न" ही न देने का निर्णय कर लिया हो ???? ना रहेगा बांस ना बजेगी बांसुरी !!!!
नमोः नमोः !!!! जो सरकार सुचारू रूप से पुरुस्कार तक ना दे सके उससे आगे और क्या अपेक्षा की जाए ????

Saturday, 16 August 2014

मोदी जी !! कुछ सुझाव मेरे भी !!!!

मोदी जी ने बहुत ही अच्छी अकाट्य सर्वहित की बात बोली - कि माँ बाप को अपने लड़कों पर भी निगरानी रखनी चाहिए और उन्हें गलत काम करने से रोकना चाहिए !!!! साधुवाद !!!!
मोदी जी से प्रेरणा प्राप्त कर मेरा भी समाज को सन्देश है कि ....
परिवार में कोई चोरी या हत्या नहीं करे इसके लिए पूरे परिवार को सजग रहना चाहिए और चोर या हत्यारे को कानून के हवाले करना चाहिए ....
किसी भी व्यक्ति को पब्लिक प्रॉपर्टी डैमेज नहीं करना चाहिए और जनता ने ऐसे किसी भी व्यक्ति को पकड़ कर कानून के हवाले करना चाहिए ....
आदि आदि - और अंत में ....
जनता को भी अपने नेताओं पर कड़ी निगरानी रखनी चाहिए ..... किसी भी नेता को जनता के साथ गद्दारी नहीं करना चाहिए - कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए - कोई गलत काम नहीं करना चाहिए - सरकारी पैसे का दुरपयोग नहीं करना चाहिए - अपने पद का दुरपयोग नहीं करना चाहिए - झूठे वायदे नहीं करना चाहिए - किये गए वादों को पूरा करना चाहिए - विनम्रता बनाय रखना चाहिए - समाज के सामने अपने रहन-सहन से एक अच्छा उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए .... और यदि कोई भी नेता इन बातों का उल्लंघन करते पाया जाय तो जनता को एड़ी-चोटी का दम लगा ऐसे नेताओं को शीघ्रातिशीघ्र हटाने का प्रयास करना चाहिए .....
भक्तजनो मैंने कुछ गलत तो नहीं कहा ????

Friday, 15 August 2014

भाषण की तुलना भी किस से ????

कुछ मोदी समर्थक मोदी जी के आज के 15 अगस्त के भाषण की तुलना मनमोहनसिंह जी के पूर्व के भाषणो से कर मोदी जी को श्रेष्ठ स्थापित करने का सफल प्रयास करते दिखे .... बधाई !
पर मैं सोच रहा हूँ कि क्या हालत इतनी दयनीय हो गयी है और नौबत यहाँ तक आ गयी है कि मनमोहनसिंह जी के भाषण से तुलना कर खुश हो लिया जाय और इतिश्री मान ली जाय ????
प्रवचन अच्छा था >> भाषण का पुट था >> जुमले अच्छे थे >> सेवक की सेवा का प्रमाण नहीं था >> साम्प्रदायिकता पर वक्तव्य धांसू था पर विपरीत क्रियाकलापों के रहते बेअसर था >> सामाजिक मुद्दों पर वक्तव्य धांसू एवं स्वागतयोग्य थे - एवं समाज को अमल भी करना चाहिए - पर शासक / सरकार के रोल एवं जवाबदारी के खुलासे का अभाव था >> शौचालय सम्बंधित घोषणा ; सांसद आदर्श ग्राम योजना ; प्रधानमंत्री जन धन योजना स्वागतयोग्य थी - पर महंगाई गरीबी भ्रष्टाचार पाकिस्तान एवं किये गए वादों तथा 'अच्छे दिन' के बारे में चुप्पी निंदनीय थी >> सटीक वक्तव्य कि - बड़े बड़े वादे कर पूरा नहीं करने से जनता में रोष उत्पन्न होता है - जले पे नमक सा लगा >> भाषण से विदेशों में भारत की छवि पर प्रतिकूल असर संभावित ....
और अंतिम टिप्पणी - मेरी पीड़ा !! काश मैं प्रधान सेवक पर विश्वास कर खुश हो पाता !!!!

Thursday, 14 August 2014

मुरैना विधायक रूस्तमसिंघ की टोल बूथ पर गुंडागर्दी !!!!

मामला CCTV में कैद है और TV पर दिखाया जा रहा है - गुंडागर्दी स्पष्ट दिख रही है !!
पर नेता दबंग हैं - भाजपा के हैं - FIR उल्टे टोल कर्मचारियों के विरूद्ध हुई है - चोरी और सीनाजोरी !!
मैं दावे से कह सकता हूँ कि विधायक महोदय के विरुद्ध कोई कर्यवाही नहीं होगी ....
कारण ????
.... कानून अपना काम करेगा .... पूरी निष्पक्षता से जांच की जायेगी .... दोषी को बक्शा नहीं जाएगा .... जब तक जांच चल रही है 'नो कमेंट्स' .... प्रकरण न्यायलय में है 'नो कमेंट्स' .... बस अब चलते बनो - रास्ता नापो !!!!
आप समझ गए ना !!!!
ये UPA का आजमाया हुआ नुस्खा है - और ये सरकार किसी भी रूप में पूर्ववर्ती सरकारों से भिन्न कहाँ हैं ???? नहीं ना !!!!

फेस बुक का सदुपयोग करो यार !!!!

कुछ लोग सुबह से शाम फेस बुक पर टुकुर टुकुर देखते रहते हैं, और जहाँ कोई उनकी समझ और इच्छा के विपरीत पोस्ट आये तो उस पर अपने ठेठ भोंडे अप्रासंगिक कमेंट गालियां चिपका देते हैं ! ऐसे लोगों को मेरा सुझाव है कि वो नाहक ही क्यूँ परेशान होते हैं - बेहतर होगा वे ZEE TV, INDIA TV, INDIA NEWS, TIMES NOW जैसे लोकप्रिय चैनल देखें, या सास बहू के सीरियल देखें, या सामना पांच्यजन जैसे अख़बार पढ़ें, और आनंद से रहें मज़े करें !
और यदि समय बचे तो कुछ अच्छा पढ़े लिखें ताकि स्वरचित पोस्ट डाल अपने विचारों की सही सही अभिव्यक्ति कर सकें - अपने विरोधियों के नकारात्मक पक्ष को उजागर कर सकें !
या फिर रोचक हास्यवर्धक ज्ञानवर्धक सारगर्भित पोस्ट्स कट पेस्ट या शेयर कर समाज को कुछ खुशनुमा ज्ञान देने हँसाने गुदगुदाने का श्रेष्ठ प्रयास करें .... यही प्रार्थना है ....
भक्तहित में जारी ....