Monday, 18 May 2015

//// वाड्रा लैंड डील - सोनिया अनभिज्ञ ? असंभव ??....////


सदी के महान नेता 'कांग्रेस के सुब्रमण्यम स्वामी' परम् आदरणीय दिग्विजय सिंह ने कह दिया कि वाड्रा लैंड डील के बारे में सोनिया मॉम को कुछ पता नहीं था ....

भाजपाई चिल्ला रहे हैं - असंभव असंभव !!!! असंभव क्यों ? क्योंकि अविश्वसनीय !! अविश्वसनीय क्यों ?? क्योंकि स्वाभाविक  !! स्वाभाविक क्यों - अब इतनी नज़दीक की रिश्तेदारी और पता न हो ऐसा हो नहीं सकता .... ठीक है भाई बात में दम तो है !!!!

पर मोदी को क्या ये नहीं मालूम कि जसोदाबेन को सिक्योरिटी क्यों दी जा रही है ? किसके आदेश पर दी जा रही है ?? असंभव ? या संभव ?? हा ! हा !! ....

शायद ये संभव हो !! संभव क्यों ?? क्योंकि मोदी उनके साथ नहीं रहते !! सोनिया भी तो वाड्रा के साथ नहीं रहतीं !! ठीक है पर दोनों बातों में अंतर है !! क्या अंतर है ?? सोनिया की बनती है - मोदी की नहीं बनती है !! मोदी की क्यों नहीं बनती ?? क्योंकि उन्होंने कभी बना के नहीं रखी !! क्यों ?? उनकी मर्ज़ी !! तो भी क्या हुआ उनकी नज़दीकी रिश्तेदारी तो है ना ?? हुआ करे रिश्तेदारी से क्या होता है !! तो सोनिया की रिश्तेदारी से होता है ?? हाँ होता है !! तो मोदी की रिश्तेदारी से क्यों नहीं ?? ठीक है होता होगा !!

तो फिर बताओ जसोदाबेन को सिक्योरिटी किसके कहने पर - कहीं मोदी के कहने पर तो नहीं ?? नहीं असंभव !! खैर उन्हें पता तो होगा ना ?? अब ये नहीं मालूम !! सोनिया को पता होगा ये मालूम है - ऐसा कैसे ?? चलो माना पता होगा - पर इससे क्या फर्क पड़ता है ?? सोनिया को पता हो तो फर्क पड़ता है ?? निश्चित पड़ता है - दोना की मिलीभगत स्थापित होती है !! तो क्या मोदी को पता हो तो क्या साज़िश स्थापित नहीं होती ?? होती होगी !! ....

अच्छा ये गडकरी ने गड़बड़ करी मोदी को पता है ?? गडकरी ने गड़बड़ी करी ही नहीं - ऐसा कैसे बोल सकते हैं - गडकरी ने खुद कहा है मैं जांच के लिए तैयार हूँ - और अभी तो जांच चल रही है !!!!
वाड्रा ने गड़बड़ी करी है ?? हाँ निश्चित करी है - साफ़ जाहिर है !! पर वाड्रा ने तो बोला है मैं हर जांच के लिए तैयार हूँ - और जांच शुरू भी हो गई है .... फिर आप कैसे कह सकते है कि वाड्रा ने गड़बड़ी करी है ?? ....! ....!! ....!!!

अब छोडो भी यार ! ये तो अंतहीन कहानी है - इन सभी टुच्चे राजनेताओं की - जो पूरी बेशर्मी के साथ अपनी अपनी बात कहते रहते हैं - बिना तर्क - केवल कुतर्क के बल पर ....
और कभी बकवास करनी होती है तो बिना कुतर्क के भी - पूरी बेशर्मी के साथ !!!!
जैसे मासूम मोदी को कैसे पता होगा कि मध्यप्रदेश में क्या गुल खिलाए जा रहे हैं ?? है ना ??

//// 'BRICS' में 'I' लुढक गया था - मोदी ने संभाला .... मोदी से भी 'I' लुढक गया है - ये 'MOD' हो गए हैं ..////


अभी-अभी दक्षिण कोरिया के सिओल से भारतीय समुदाय के समक्ष मोदी का दिया भाषण झेला ....

मोदी ने पहले ज्ञानवर्धन कराया - 'BRICS' यानि - Brazil. Russia, India, China, South Africa .... फिर आये मुद्दे की फालतू बात पर और बोले - 'BRICS' से कई लोगों को बड़ी आशाएं थीं - पर कई वर्षों से विश्व को लगने लगा था 'BRICS' में 'I' तो लुढक रहा है - सपना लुढक रहा है .... लेकिन १ वर्ष में सब कुछ बदल गया है - अब विश्व को लगने लगा है कि 'I' के बिना तो कुछ होना संभव ही नहीं है .... और फिर लम्बी लम्बी बातें कर एक बार फिर यही कहा कि १ वर्ष के पूर्व तो देश की हालत बहुत खराब थी .... पर मैंने एक वर्ष में सब कुछ बदल दिया है .... मैंने ! हाँ हाँ मैंने !!

गनीमत है ये नहीं कहा कि पूर्व में मैं जब गुजरात का मुख्यमंत्री था तब मेरे प्रयासों से ही तो 'BRICS' का गठन हुआ था ....

मेरा कहना है .... पुरानी सरकारों की बार-बार बुराई कर अपने को उच्च और बाकी सभी नेताओं और सरकारों को तुच्छ बताना - वो भी विदेशी धरती पर - निंदनीय आपत्तिजनक और अनावश्यक है ....

पर मोदी को कौन समझाए - इनका तो ये हाल है कि MODI में से भी तो 'I' लुढक गया है - पर फिर भी ये तो 'MOD' बन कर घूम रहे हैं - "स्साला मैं तो साहब बन गया - सूट पहन कैसा तन गया" ....

Sunday, 17 May 2015

//// गलती करना मूर्खता - गलती करवाना कला - केजरीवाल कलाकार ....////


शकुंतला गैमलिन - दिल्ली में मुख्य सचिव के पद पर पर मात्र १० दिन के लिए नियुक्ति - LG नजीब जंग ने नियुक्ति की फाइल भेजी CM केजरीवाल को - केजरीवाल ने ४० घंटे कुछ नहीं किया - LG की बांछे खिल गईं - नियुक्ति हो गई .... केजरीवाल अड़ लिए - हाहाकार मचा मारा - मार दिया मार दिया का शोर कर मारा ....

सारे खबरिया चैनलों ने मोर्चा संभाला - निंदा शुरू - आरोप शुरू - केजरीवाल और LG के बीच पहले 'प्रेमपत्रों' का आदान प्रदान - फिर सार्वजनिक बयान - भाजपा कांग्रेस चुप - पर ऐसे कैसे चुप ? - तुरंत धाँसू डायलॉग आया - 'सत्तापलट की कोशिश' - भाजपा मैदान में - खिसियाई सी निंदा शुरू की - कि केजरीवाल तो अराजक आदि-आदि ....

पर खास मुद्दे की बहस नहीं हो रही थी - तो केजरीवाल आए मैदान में - और दे दिया ठेठ बयान - वो भी एक रैली में खुल्लमखुल्ला - नरेंद्र मोदी सरकार का नाम लेकर फोड़ दिया ठीकरा - और बता दिया शकुंतला गैमलिन को बिजली कंपनियों का एजेंट - बस फिर क्या था मोदी सरकार भी कूद गई मैदान में - मुद्दे को जोड़ा पूर्वोत्तर की महिला के अपमान से - और शुरू कर दी बाबा आदम के जमाने की स्मार्ट राजनीति ....

बस मौका अच्छा था - 'आप' पार्टी के प्रवक्ता जो अब तक खबरिया चैनलों से कुट्टी कर टीवी पर आ ही नहीं रहे थे आज अवतरित हुए - विषय पर बहस शुरू हुई - और बहस के बिंदु समक्ष में लाए गए कि - LG और CM के क्या अधिकार क्या संविधान क्या संविधान की सीमायें और कमियां - चुनी सरकार के क्या मायने आदि ....

और मित्रो मैं सोचता हूँ कि केजरीवाल जो चाहते थे वो शुरू हो गया ....

यदि कोई सोच रहा है कि केजरीवाल ने इतना प्रपंच ७-८ दिन मुख्य सचिव के पद पर किसी विशेष व्यक्ति की नियुक्ति के लिए किया होगा तो माफ़ करें वो अज्ञानी है ....
मेरे आंकलन अनुसार असल में ये सब सोची समझी रणनीती का हिस्सा है - और ये सब ससमय अग्रिम भूमिका बाँधी जा रही है आगामी सत्रों में "दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा" दिलवाने हेतु ....

और मंदबुद्धि भाजपाई एक बार फिर फँसते नज़र आ रहे हैं - वो गलती कर मूर्खता कर रहे हैं - और केजरीवाल उनसे गलती करवा अपनी चिरपरिचित कला का परिचय दे रहे हैं ....

इसलिए शकुंतला गैमलिन को भूल जाइए - या बतियाते रहिए - कोई फर्क नहीं पड़ेगा ....

असली बात तो ये देखने वाली होगी कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलवाने हेतु राजनीतिक रंगमंच के कलाकार **केजरीवाल** अभी आगे और क्या-क्या करते हैं .... अजीब गंज के नसीब की क्या हालत करते हैं ??
पिक्चर तो अभी बाकी है मेरे दोस्त ....

//// मोदी जी सावधान !! गलती नहीं कर आप महान नहीं - और रोज़ काम कर किसी पर एहसान नहीं .... ////


मित्रो बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि हमारे प्रधानमंत्री विदेशी धरती पर अपने को महिमामंडित करते हुए कहते हैं कि - मैंने पिछले १ वर्ष के कार्यकाल में कोई गलत काम नहीं किया - ना कोई भ्रष्टाचार किया - और बिना छुट्टी लिए लगातार काम किया ....

यह बात इसलिए दुर्भाग्यपूर्ण है कि ये विदेशियों के मन में मिथ्या छाप छोड़ेगी कि भारत में सब लोग गलत काम ही करते रहते हैं - और मोदी के पहले सत्ता में बैठे सभी नेता तो भ्रष्टाचार करते ही रहे हैं - और बाकी सब भारतीय तो आलसी हैं कामचोर हैं ....

और मोदी ये बात इसलिय बोल रहे हैं कि मोदी के पास किये गए कार्यों के संबंध में बताने के लिए कुछ नहीं है - क्योंकि उन्होंने कोई काम किया ही नहीं है .... इसलिए मजबूर हो ये बता रहे हैं कि मैंने गलत कुछ नहीं किया ....

इसी तर्ज़ पर तो मैं भी अपने बारे में बहुत बखान कर सकता हूँ - सुनें .... मैंने किसी को लप्पड़ नहीं मारा - मैंने चोरी नहीं की - मैंने डाका नहीं डाला - मैंने पिछले १ महीने में मोदी और मोदी सरकार को छोड़ किसी की निंदा नहीं की किसी का उपहास नहीं किया - मैंने तो किसी भी फेंकू नेता को अपदस्थ नहीं किया - किसी नेता का पुतला नहीं जलाया - किसी का रास्ता नहीं रोका - किसी को विदेश जाने से नहीं रोका ....

और श्रीमान मोदी जी !! कृपया विदित हो कि इस देश में प्रायः सभी मेहनतकश गरीब किसान मजदूर छोटा मोटा धंधा करने वाले चाय बेचने वाले सूट बनाने वाले करोड़ों लोग भी कोई गलत काम नहीं करते .... और वो भी बिना छुट्टी के रोज़ काम करते हैं - रोज़ दो वक़्त की रोटी खाने के लिए ....
पर लगता है आज आप उस गरीब को भूल अरबपतियों की संगत में आकर वो सब कुछ झुठला देना चाहते हैं - और इस देश में केवल अपने आपको ही गलती न करने वाला बिना छुट्टी लिए रोज़ काम करने वाला भारतीय मानते हैं .... ये तो गलत है साहब ! सरकार !! जनाब !!!

इसलिए कृपया गौर से सुनें कि अगर जो आपने गलत काम नहीं किये हैं तो आप कोई महान कार्य नहीं कर बैठे हैं जो इतना इतरा रहे हैं .... और याद रखें कि आपने देश के साथ धोखा किया है और मक्कारी की है जो आपने वो सही काम नहीं किए जिसके बारे में आपने जनता से वायदा किया था .... और जिसकी आपकी जवाबदारी बनती थी !!!!

एक बात और .... आपने गलत काम नहीं किये इस बात की भी कोई गारंटी नहीं है .... हो सकता है आप अभी तक गलत काम करते धराए नहीं हैं - और वो भी शायद इसलिए कि अभी आपने CVC, CIC और लोकपाल आदि की नियुक्तियां ही नहीं करीं हैं जो संभवतः आपकी गलतियों की पोल खोल सकने में सक्षम संभावित थे ....

और कृपया यह भी विदित हो कि इस देश में जितना वेतन और सुविधाएं आपको प्राप्त हैं उतनी शायद और किसी को नहीं - और आप तो वैसे भी हमारे सेवक हैं - इसलिए आप गलती ना करते हुए बिना छुट्टी के हर रोज़ काम कर हम पर एहसान नहीं कर रहे हैं - यह तो आपका काम है - उस भारी भरकम वेतन और सुविधाओं के एवज़ में .... और विदेश में भी जो कुछ आपको प्राप्त हो रहा है वो भी केवल हमारी बदौलत !!!!

इसलिए आपको सावधान करता हूँ ....
गलती नहीं कर आप महान नहीं - और रोज़ काम कर किसी पर एहसान नहीं ....

//// एक वर्ष पूरा - माननीय डॉ. मनमोहन सिंह जी को नमन ....////


आज एक वर्ष पूरा हो गया ....
मोदी का ....
और माननीय डॉ. मनमोहन सिंह जी का भी ....

शायद एक वर्ष पहले UPA-II के भ्रष्टाचारों के प्रकरणों ने मुझे और देशवासियों को विचलित कर दिया था - और शायद वो सब कारण रहे कि कांग्रेस की करारी हार भी हुई और वो सत्ता से बाहर भी हुई !!!!

पर आज मुझे मोदी के १ वर्ष के दयनीय कार्यकाल के बाद याद आ रहा है - मनमोहन सिंह जी का शांत सौम्य चेहरा और उनकी गरिमापूर्ण शख्सियत ....
और हाँ उनकी सज्जनता - उनकी काबलियत - और उनकी कार्यशैली .... और उनकी वो तमाम उपलब्धियां भी जिनके लिए न तो उन्होंने कभी अपनी पीठ ठोंकी - और न ही उन्हें उतनी प्रशंसा मिली जिसके वो हकदार थे ....

और एक वर्ष के बाद मैं आज का दिन 'मैं' मोदी के नामे करने के बजाय याद करना चाहूँगा 'हमारे' मनमोहनसिंह जी को - उनके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए ....

कृतज्ञता इसलिए भी कि आज एहसास हो रहा है कि मनमोहन सिंह जी की कितनी वृहद उपलब्धियां रहीं - जिस पर एक फेंकू भी आसानी से ऐश कर बैठे - और आज तक गर्राए हुए हैं ....

और मोदी लंबीssss फेंक रहे हैं कि १ वर्ष पहले लोग बोल उठे थे - "दुःख भरे दिन बीते रे भैया" ???? .... ये तो झूठ है - सफ़ेद झूठ - बेचारे चीन में रह रहे भारतीय समुदाय को भी लपेट लिए अपने झूठ में - चिल्ला-चिल्ला उनसे ना जाने क्या क्या उगलवा लिया .... ये बोल तो हमने कभी सुने नहीं थे - हमने तो केवल ये सुना था 'अच्छे दिन' आने वाले हैं - कस्सम से ! है ना !!

पर १ वर्ष बाद मैं आज कह रहा हूँ - "सुख भरे दिन बीते रे भैया" - "कोई लौटा दे मेरे बीते हुए दिन" ....
और मैं तो अब ये सोच रहा हूँ कि - ये दुःख भरे दिन अब कब बीतेंगे रे भैया ????

और अंत में यही कहूँगा - माननीय डॉ. मनमोहन सिंह जी - आपको नमन !!!!

Saturday, 16 May 2015

//// लड़ाकू **केजरीवाल** - बनाम - सींखची सूरमा ....////


केजरीवाल की बीजेपी से लड़ाई - मोदी से लड़ाई - कांग्रेस से लड़ाई - बाक़ी सारी पार्टियों से लड़ाई - सांसदों से लड़ाई - उद्योगपतियों से लड़ाई - बिजली कंपनियों से लड़ाई - पुलिस से लड़ाई - गृह मंत्री से लड़ाई - केंद्र सरकार से लड़ाई - न्यायपालिका से लड़ाई - उपराज्यपाल से लड़ाई - अपनों से लड़ाई - अपनी पार्टीवालों से लड़ाई - दिल्ली महिला आयोग से लड़ाई .... और जब इतनों से लड़ाई है ही तो लगे हाथ ये भी मान लेते हैं कि केजरीवाल की डीटीसी बस वालों से लड़ाई - किसानों से लड़ाई - शिक्षकों से लड़ाई - अफसरों से लड़ाई - व्यापारियों से लड़ाई .... और आज तो उनकी खुल्लमखुल्ला लड़ाई हो गई LG नजीब जंग से ....  

तो क्या केजरीवाल लड़ाकू हैं ????

जी हाँ कोई शक ???? यकीनन केजरीवाल लड़ाकू हैं - अड़ियल हैं - और जनाब केजरीवाल जुझारू भी हैं - और वो जूझ रहे हैं पूरी व्यवस्था से - निर्भीक निडर जूनून के साथ - पूरे परिश्रम और लगन के साथ - क्रांतिकारी तरीके से !!!! 

पर प्रश्न उठता है पूरे जहान से लड़ाई है तो फिर वो ऐसा कर कैसे पा रहे हैं - और वो भी सफलता की हर सीढ़ी ससमय चढ़ते हुए ????

मेरे पास तो इसका एक ही जवाब है .... वो लाजवाब हैं - वो **केजरीवाल** हैं - और मैं और मेरे जैसे अनेक आम आदमी उनके साथ हैं - और हां !! उनके पास कुशाग्र बुद्धि है और आत्मबल है - ईश्वर की देन !!!! बस !!!!

धिक्कार है केजरीवाल का उपहास और विरोध करने वालों पर - जो सब मिलकर भी - एड़ी चोटी का दम लगाकर भी - नैतिक अनैतिक तरीके अपना कर भी - पैसा बाहुबल लगा कर भी - उस एक लड़ाकू केजरीवाल को पार नहीं पा पा रहे हैं .... और धिक्कार है उन बुज़दिल फेंकुओं पर जो कहते नहीं थकते "हम सूरमा हैं" ....

लानत है ऐसे सींखची सूरमाओं पर - है ना !!!!

//// मोदी का आज चीन में दिया भाषण निंदनीय ....////


अभी-अभी मोदी द्वारा शंघाई में भारतीय समुदाय के सामने दिया भाषण सुना ....

मैं मैं और मैं ....
जो कुछ अच्छा हुआ बस एक साल में हुआ ....
जो कुछ किया मैंने किया ....
जो कुछ कर रहा हूँ मैं कर रहा हूँ ....
जो कुछ करूंगा मैं करूंगा ....
और एक साल के पहले यानि मोदी के पहले तो भारत की वाट लगी थी .... तौबा !!!!
और दुनिया के सामने देशवासियों की आलोचना को भी खूब कोसा ....

मेरी त्वरित सोची समझी प्रतिक्रिया - शर्मनाक और निंदनीय भाषण !!!!