सुषमा स्वराज ने भगोड़े अपराधी ललित मोदी की मदद करी .... ये तो अब अकाट्य अविवादित स्थापित और सर्वमान्य सत्य है ....
आगे अभी तक सुषमा स्वराज ने मात्र ये कबूला है कि मदद मानवता के नाते करी ....
मेरे सीधे-सीधे प्रश्न ....
क्या मानवता के नाते करी गई मदद व्यक्तिगत हैसियत में दी गई मदद थी ? .. यदि हाँ तो क्या ये भारत सरकार को मंजूर था / है / होगा ???? .... तो क्या ब्रिटिश सरकार भी कटघरे में नहीं आ जाती ?? क्या ब्रिटिश सरकार एक भारतीय भगोड़े को किसी भी व्यक्ति के व्यक्तिगत अनुरोध पर भारत सरकार की आधिकारिक लिखित मांग के विपरीत किसी भी प्रकार की छूट या सुविधा या मदद मुहैय्या करा सकती थी ????
या ....
क्या मानवता के नाते करी गई मदद भारत सरकार के प्रतिनिधि की हैसियत से भारत सरकार की तरफ से आधिकारिक रूप से दी गई मदद थी ?? .. यदि हाँ तो सुषमा जी को ये तथ्य तुरंत सार्वजनिक कर देना चाहिए .... बस !!!!
क्या है फिर ऐसी स्थिति में हम फ़ोकट में ही बेचारी सुषमा जी को नाहक बुरा भला कह रहे हैं .... यदि ऐसा है तो फिर हमें तो देश के प्रधानमंत्री को सीधे-सीधे दोषी मानते हुए उन्हें ही बुरा भला कहना होगा - जिसमें हम साल भर में काफी अभ्यस्त और पारंगत हो चले हैं .... और हमें भी और आपको भी और सबको भी मज़ा आएगा - है ना ????