Monday, 8 February 2016

// हेडली मार्फ़त मालुम सत्य सिद्ध हो गया .. तो चलो अब अपने काम से लगो ..//


याद आती है स्कूल की एक घटना ....

मैं ११ वीं में पढता था .... मेरे एक सहपाठी का एक अन्य छात्र से झगड़ा हो रहा था .. मालुम हुआ वो छात्र ९ वीं का छात्र था - वो छात्र मेरे सहपाठी को अभी भी ज्यादा मार रहा था और मेरा सहपाठी उसे कम मार पा रहा था .. और मेरा सहपाठी रो चिल्ला रहा था - उसका कहना था ९ वीं के छात्र ने उसे पहले मारा था .... हम ने बीच बचाव किया - दोनों को अलग किया और पूछा क्या हुआ ? .. उसने कहा इसने मुझे पहले मारा - इसने कहा उसने मुझे पहले मारा .... बस बहस होती रही .. और फिर वहां मौजूद तीन चार अन्य गवाह छात्र भी सामने आये और मेरे सहपाठी ने उनसे गवाही दिलवा ये सिद्ध करवा दिया कि उसको ही पहले उस ९ वीं के छात्र ने मारा था .... और वो ९ वीं का छात्र ये बोलकर कि हाँ मारा था - जा तुझसे जो करते बने कर ले - वहां से चलता बना ....

खैर तब हमने हमारे सहपाठी को उठाया झाड़ा पोंछा - सांत्वना दी - और उससे पूछा अब आगे क्या करना है .... तो वो बोला - कुछ नहीं - और वो भी वहां से चलता बना .... और वो मामला वहीं ख़त्म हो गया ....

आज वो घटना इतने साल बाद मुझे इसलिए याद आई क्योंकि आज जब मुंबई के २६/११ हमले में हेडली की गवाही हो रही है तो यह सिद्ध बात फिर सिद्ध हो रही है - जैसा कि भारत सिद्ध करना चाहता था और जैसा कि देश को बहुत पहले से मालूम था - कि मुंबई हमले में हेडली और पाकिस्तान का हाथ था ....

तो चलो अब सारा मालुम सत्य सिद्ध हो चुका है .... और इस बड़ी कामयाबी के बाद ?? .. चलो ! चलो ! चलो ! सब अपने काम से लगो .... ठीक है !! ?!@#$%? ??

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// और इसलिए मैं मोदी विरोधी हूँ .... किसी को कोई आपत्ति ?? ....//


मोदी जी को प्रधानमंत्री बने कुल १९-२० महीने हो गए - और अब कार्यकाल ख़त्म होने में ४०-४१ महीने बचे हैं .... और मेरे एक "भक्त" दोस्त ने मुझसे ये प्रश्न किया है कि - यार तुम इतने ज्यादा मोदी विरोधी क्यों हो ??

और मित्रो !! मेरा जवाब है .... 

अभी तक के हिचकोलों को देखते हुए जो मोदी बेहतर से बेहतर और साथ ही कुछ बदतर करते दिख रहे हैं उसका मेरा अद्यतन एवं पूर्वानुमानित आंकलन निम्नानुसार है ....

मोदी कई जगह शौचालय बनवा देंगे ....
मोदी भाजपा के हिन्दुओं वाले राम का मंदिर बनवा देंगे ....
पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिए बिना कश्मीर का मुद्दा और उलझवा देंगे ....
यदि टिके तो २०१८ में यूनिफाइड सिविल कोड और धारा ३७० पर बहस शुरू करवा देंगे ....
ज़्यादातर नागरिकों के बैंक खाते खुलवा देंगे ....
एलपीजी समेत अन्य सब्सिडी सीधे खातों में डलवाने की व्यवस्था कर देंगे ....
पटेल की मूर्ति लगाने का काम शुरू कर देंगे ....
बुलेट ट्रेन का शुरूआती काम शुरू कर देंगे ....
गंगा के पहले से ज्यादा स्वच्छ होने का दावा ठोंक देंगे .... 
स्मार्ट सिटी के नाम पर करोड़ों खर्च कर लाखों के कुछ-कुछ रूटीन कार्य करवा देंगे ....
महंगाई अनाप-शनाप नहीं बढ़ने देंगे और तुअर दाल ५६० रुपये से ज्यादा नहीं होने देंगे ....
कुछ बड़े लोगों के बड़े उद्योगों की आधारशिला रख देंगे ....
सेना के लिए अरबों खरबों के शस्त्र खरीद लेंगे ....
भारत को बाज़ार बतौर उत्सुकता से ताकने वाले विदेशियों से अपनी प्रशंसा करवा लेंगे ....
क्रिकेट में विरोधी आगे भ्रष्टाचार और व्यभिचार ना कर सकें इसका प्रयास कर लेंगे .... 
तकनीक के स्वतः ही उन्नति की बदौलत कुछ जनहित की नई सहूलियतें जनता तक पहुंचा देंगे ....
कुछ एक या १-२ भ्रष्ट कोंग्रेसियों को जेल तक पहुंचाने का प्रयास कर लेंगे ....
खाने वाले खाते रहेंगे - ये खिलाते रहेंगे - पर खुद खाते नहीं दिखेंगे ....
और एन-केन-प्रकारेण दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगवाने का प्रयास कर लेंगे ....

और मैं इन सभी बातों के या तो घोर विरोध में हूँ या मैं इनकी गुणवत्ता या मात्रा से संतुष्ट नहीं हूँ ....

और मैं असहिष्णुता को नापसंद करता हूँ ....
और मैं धार्मिक कट्टरवाद का विरोध करता हूँ ....
और मैं साम्प्रदायिकता से नफरत करता हूँ ....

और मैं एक प्रधानमंत्री का एक राजनीतिक पार्टी के चुनावी प्रचार में खप जाने को हास्यास्पद एवं आपत्तिजनक मानता हूँ .... 

और इसलिए मैं मोदी विरोधी हूँ .... किसी को कोई आपत्ति ??

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Sunday, 7 February 2016

// कोई तो मिला होगा - कहीं वो दाऊद तो नहीं ? .. नहीं मोदीजी - कदापि नहीं ..//


वैसे तो हम हमेशा ही देखते आए हैं कि टुच्चे नामी गरामी अपराधियों की तस्वीरें टुच्चे नामी गरामी नेताओं के साथ सार्वजनिक होती रही हैं - और ये पुरानी तस्वीरें मौके की नज़ाकत अनुसार ही विरोधियों द्वारा सामने लायी जाती हैं .... और सामान्यतः यही प्रतिपादित करने का प्रयास रहता है कि नेता जी का अपराधी से नाता है - पुराना नाता - या बहुत याराना है .... और कभी यह सिद्ध करने का प्रयास होता है कि अपराधी अपराधी इसलिए है कि उसे नेता का संरक्षण प्राप्त है - और कभी यह सिद्ध करने के लिए कि ये नेता नेता ही इसलिए है कि इसकी अपराधियों से सांठगांठ है .... 

और ऐसे हर मौके पर जो नेता का बयान आता है वो कुछ इस तरह रहता है ....
हम सार्वजानिक जीवन में हैं - कई समारोहों में जाते हैं - हम रोज़ सैंकड़ों लोगों से मिलते है - फिर हर मिलने वाले के बारे में हम क्या कह सकते हैं - कौन हमसे मिल गया क्या पता - और हम किस से मिल लिए - क्या पता ??

और यह बात सही भी है .... नेता एक - मिलने वाले हज़ार - फिर वो हर मिलने वाले की अपराधी ना होने की गारंटी कैसे ले सकता है .... और यदि कोई अपराधी सा व्यक्ति उनसे आकर मिल भी ले तो वो क्या कर सकता है - उसे मिलना ही पड़ता है .... बेचारा नेता - उसे तो सबसे मिलना पड़ता है ....

पर नेता के विरोधी नेता कई बार अति कर देते हैं .... मसलन अभी उत्तरप्रदेश के महान नेता आजम खान ने बयान दिया है कि हमारे देश के महान नेता मोदी पाकिस्तान में महान अपराधी दाऊद इब्राहिम से मिल आए हैं ....

मित्रो !! अब आप ही बताइये - कि ऐसे घटिया बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी जाए ?? .. पर चूँकि मामला देश की इज़्ज़त से जुड़ा हो संगीन हो चला है इसलिए मेरी प्रतिक्रिया ....

मोदी पाकिस्तान हो लिए थे - यूँ ही चलते चलते - अनजान सी जगह .... मिलने गए थे शरीफ से - शरीफ के समारोह में शिरकत करने .... लाज़मी था वहां सैकड़ों से मिले होंगे - और सैकड़ों उनसे मिले होंगे - शरीफ भी शातिर भी .... अब मोदी तो सब को जान पहचान नहीं सकते - तो यदि उन सैकड़ों में कोई एक दाऊद भी मोदी से मिल लिया हो तो क्या पता चले ?? .. और मोदी को कैसे पता चले ?? .. मोदी की तो दाऊद से कोई पुरानी मेल मुलाकात भी नहीं ....

हो सकता है दाऊद आया हो - झुक कर सलाम कर बोला हो - चचा !! अस्सलामवालेकुम - मैं शाहसलआमिर खान - बहुत ख़ुशी हुई आपसे मिल कर .. और बस चलता बना हो .... और मोदी सर खुजा रह गए हों - कि यार चेहरा जाना पहचाना सा लगता है और नाम भी - शाहरुख़ सलमान आमिर टाइप - खैर ....

इसलिए मेरा कहना है कि आजम खान का ये बयान कि मोदी दाऊद से मिलकर आए हैं सही हो या गलत पर है बकवास और निंदनीय .... और इससे देश की इज़्ज़त गिरती है ....

और इसलिए मेरी मोदी जी को भी सलाह है कि चाहे वो दाऊद से मिलकर आए हों या नहीं - या दाऊद उनसे मिल गया हो या नहीं - पर देशहित में वो भूलकर भी मिलने की बात को स्वीकार ना करें ....

और स्मरण रहे कि यहाँ तक कि अगले २०-२५ साल बाद अपनी आत्मकथा तक में भी किसी भी प्रकार का खुलासा नहीं करें - जैसा कि आजकल फैशन सा बन गया है - हर नेता तार्किक रूप से बेकार होने के बाद आत्मकथा लिख इसी तरह की आत्मबकवास कर अपनी आत्मा की अय्याशी हेतु पैसों का प्रबंध करने लग गया है .... जैसे कि हो सकता है मोदी अपनी आत्मकथा में बस इतना लिख मारें कि - "वो २५ दिसंबर जब कोई मुझ से मिला था - कहीं वो दाऊद तो नहीं था" .. और किताब बाज़ार में चल निकले .... वैसे ही जैसे आजम खान राजनीति में चल रहे हैं .... 

और आइये हम सब देशभक्त भी भक्तों के साथ मिलकर यही मानकर चलें कि मोदी दाऊद से मिलकर नहीं आए ....!! धन्यवाद !!

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Saturday, 6 February 2016

// गर्भ की गर्भित जांच तो जरूरी है .. हवा जो निकल रही है - नथुनों से भी ....//


कुछ दिन पहले मेनका गांधी ने भाजपाई ऊऊ-टर्न लेते हुए नए सिरे से उल्टी बात बोल दी .... कह दिया गर्भ में लिंग परीक्षण होना चाहिए .... और तर्क ये कि पहले से मालूम तो हो कि आखिर ये हो क्या रहा है - और उस मालूमात के अनुसार मानस बनाया जा सके - तैयारी हो सके ....

अब ऐसे 'गर्भित' बयान का विरोध तो होना था - और हुआ भी - पर समर्थन भी - आखिर बयान भाजपा मंत्री का जो था - किसी 'आप' नेता का थोड़े ही ....

और मेनका के ऐसे 'मानक' बयान का समर्थन मैं भी करता हूँ - पर ज़रा अलग परिप्रेक्ष्य में .... और मेरा परिप्रेक्ष्य वृहद है और पूरा देश है ....

और इसलिए मैं देश के परिप्रेक्ष्य में समर्थन करता हूँ कि - गर्भ में लिंग परीक्षण होना चाहिए .... और देश को मालूम होना चाहिए कि ....

क्या गर्भ में होने वाला "विकास" है ....
या गर्भ में होने वाली "प्रगति" है ....
या ५६ इंची गर्भाशय में कहीं झकोरा तो नहीं - ना 'हीयों' में ना 'शीयों' में ....
या फिर गर्भ में कुछ नहीं - केवल हवा - "चूँ थाकी पूँ थाकी म्हारी तो केवल हवा ही हवा छे" ....
या फिर गर्भ में गैस तो नहीं - ज्वलनशील गैस - रिलायंस की गैस ....

या फिर अभी तो शादी ही नहीं हुई ....
या फिर अभी तो हनीमून ही नहीं हुआ ....
या फिर अभी तो 'गौना' ही नहीं हुआ ....
या फिर .... बेन अब छोडो ना ये सब बेकार बातें ??

इसलिए मेरा ऐसा पुख्ता मानना है कि गर्भ परीक्षण ज़रूरी है .... और गर्भित परीक्षण भी ....
क्योंकि देश की हालत बहुत दयनीय हो चली है ....

पेट फूला नहीं है और छाती सिकुड़ती जा रही है ....
और हवा भी निकलती जा रही है .... सभी छिद्रों से .... यहाँ तक कि नथुनों से भी !!

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Friday, 5 February 2016

// केजरीवाल गजब कर रहे हैं - और मोदी अजब - और राहुल हजम ....//


केजरीवाल कहते रहे हैं कि मोदी काम नहीं करने दे रहे - जब से उनकी दिल्ली में हार हुई है वो बौखला गए हैं - हार पचा नहीं पा रहे .... और भक्त भाजपाई कह रहे हैं - केजरीवाल काम करिए - जैसे बने वैसे करिए - आप को पहले से मालूम था कि दिल्ली पूर्ण सरकार नहीं है - इसलिए आपके सीमित अधिकार हैं - सारे अधिकार तो नजीब जंग के पास हैं - केंद्र सरकार के पास हैं - पर काम आपको करना है - आप ने जनता से वायदे किए थे - जनता ने आपको चुना था - सो अब काम कर के बताओ ....

और केजरीवाल काम कर रहे हैं - और काम करते करते वो मोदी के भी काम लगा रहे हैं - रोज़ खरी खोटी सुनाते हैं - और घुटने टिकवाते हैं .... और उनकी 'आप' सरकार बेहतरीन चल रही है ....

पर दूसरी तरफ अब मोदी कहने लग पड़े हैं कि सोनिया-राहुल काम नहीं करने दे रहे - जब से उनकी लोकसभा में हार हुई है वो बौखला गए हैं - हार पचा नहीं पा रहे - राजयसभा चलने नहीं दे रहे .... और राहुल कह रहे - मोदी काम करिए - बहाने मत बनाइये - जैसे बने वैसे करिए .... और कॉग्रेसी कह रहे - आप को पहले से मालूम था कि राज्यसभा में आपका बहुमत नहीं है - इसलिए आपके लोकसभा के दम पर ही काम करके बताओ ना !! .. आप ने जनता से वायदे किए थे - जनता ने आपको चुना था - सो अब काम कर के बताओ ....

और मोदी काम धाम कुछ नहीं कर रहे - केवल रो रहे हैं - और रोते-रोते रोज़ सोनिया-राहुल को अपशब्द कहते रहते हैं - और राज्यसभा का रोना रोते रहते हैं ........ और उनकी केंद्र सरकार चरमरा रही है ....

और आज तो मोदी ने देश के सामने हाथ ही खड़े कर दिए कि गांधी परिवार राज्यसभा में बिल पास नहीं होने दे रहा इसलिए वो कुछ कर नहीं पा रहे - अतः मोदी मान लिए कि वे असफल हो गए - नकारा हो गए ....

मेरी प्रतिक्रिया ....

मोदी केजरीवाल को रुलाने का दुस्साहस कर रहे हैं - और मुंह की खा रहे हैं ....
केजरीवाल मोदी को रुला रहे हैं - और मोदी रो रहे हैं ....
राहुल मोदी को रुला रहे हैं - और मोदी रो रहे हैं ....
केजरीवाल मोदी को धिक्कार रहे हैं - और मोदी सुन रहे हैं ....
मोदी राहुल को धिक्कार रहे हैं - और राहुल मुस्कुरा रहे हैं - मानों कह रहे हों - चल बाजू हट - जरा हवा आने दे !!

यानि ....

केजरीवाल गजब कर रहे हैं - और मोदी अजब - और राहुल हजम ....

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// केजरी चले गए बेंगलुरु !! .. विलापित विलोपित विचलित ....//


दिल्ली में फ़ैल गया कचरा .... और केजरीवाल चले गए बेंगलुरु ....
और केजरी दिल्ली क्या छोड़े विलापित और विलोपित सभी विचलित हो उठे ....

विलापित मतलब भाजपाई जो ६७ सीटों के चक्कर में विलाप ही विलाप करते रहे हैं .... दिल्ली में कचरा - कचरे में कीचड - कीचड में कमल थामे बेचारे रोना रो रहे - हाय !! केजरी बेंगलुरु क्यों चले गए ??

और विलोपित मतलब कोंग्रेसी जो आर्यभट्ट को आलिया भट्ट का रिश्तेदार मान इसलिए कोसते हैं कि उसने '0' की उत्पत्ति करी ही क्यों .... पर फिर भी '0' से '10' दिखने के प्रयास में वो भी खिसिया रहे हैं - हे नाथ ! हे केजरीनाथ !! तुम बेंगलुरु क्यों चले गए ??

मेरी प्रतिक्रिया ....

क्या है कि जब परिवार का कोई महत्वपूर्ण सदस्य बाहर चला जाता है तो सबको उसका अभाव अखरता है - और वो उसे याद करते ही हैं .... पर यदि जाने वाला सदस्य "बाप" हो तो फिर तो बच्चे रोने भी लगते हैं ....

पर जब परिवार का कोई फ़ड़तूस आवारा सा सदस्य बाहर जाता है तो किसी को नहीं अखरता - क्योंकि वो तो जाता ही है - वो तो रहता ही बाहर है - उसकी तो संगत ही निकम्मों की है - बिगड़ैल रईसों की है -  जाए तो जाए - क्या फर्क पड़ता है - घर में बैठ के भी क्या उखाड़ रहा था - अच्छा है बाहर ही रहे ....

पुनश्चः -

मैं सोच रहा था मोदी बहुत दिन हुए बाहर नहीं गए .... शायद विलापित इस कारण भी तो दुखी नहीं ?? .. और विलोपित इस कारण तो नहीं कि हाय हम ना हुए - नहीं तो हम भी बाहर आवारागर्दी कर रहे होते ....

खैर मैं विलापित और विलोपित समूह को सांत्वना देना चाहूँगा कि वक्त हमेशा एक जैसा नहीं रहता - "बाप" शीघ्र घर लौटने वाला है ....

वो पहले भी बाहर गया था - बेंगलुरु ही गया था - तरोताज़ा होकर आया था - और लौटने पर २ सूरमाओं को ठिकाने लगाया था .... देखें इस बार कौन ठिकाने लगता है .... हा !! हा !!

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Tuesday, 2 February 2016

// पाक में भारत का झंडा बर्दाश्त नहीं .. पर भारत में ? .. फॉग चल रहा है ?? ..//


एक खबर के मुताबिक विराट कोहली के शानदार प्रदर्शन और भारत की ऑस्ट्रेलिया में हुई जीत के बाद विराट कोहली के एक पाकिस्तानी फैन ने खुश हो अपने घर के ऊपर भारत का तिरंगा झंडा फहरा दिया .... और उस "देशद्रोही" को पाकिस्तान की न्याय व्यवस्था ने १० साल की सज़ा सुना दी ....

और इस समाचार पर किसी भाजपाई संघीय देशभक्त या भक्त की प्रतिक्रिया सुनने को नहीं मिली .... जब तब आकिस्तानी पाकिस्तानी का राग अलापने वाले - असहिष्णुता सहिष्णुता पर बेबाक बोलने वाले - अनुपम खेर जैसे हर जगह फ़टे में टांग अड़ाने वाले - सब चुप ही रहे - बिल्कुल टुप्पई टॉप .... 

पर आज मैं तो ज़रूर पूछूंगा .... कि बताओ इतनी चुप्पी क्यों ? .. बताओ पाकिस्तान ने सही किया या गलत ? .. क्या विराट कोहली का फैन होना गलत है ? .. क्या एक पाकिस्तानी का ख़ुशी में भारत का झंडा फहराना गलत है - जबकि दोनों देश के प्रधानमंत्री आपस में गले मिलें हों एक दोस्त की तरह ? .. वो भी बिना सबसे पूछे ? .. 

और कुछ और तीखे प्रश्न भी पूछूंगा ....

क्या भारत में पाकिस्तानी झंडा फहराना अपराध नहीं ? .. तो क्या हमारी ज़मीन पर अभी हाल में ही अनेकों बार पाकिस्तानी झंडे नहीं लहराए गए ? .. क्या कोई कार्यवाही होनी चाहिए थी ? ..क्या कोई कार्यवाही हुई ? ..

तो क्या इसीलिए ही भारत असहिष्णु नहीं - सहिष्णु ??..??..?? .. 

मेरी बात का निचोड़ ....

जब तक आप किसी मुद्दे को भारत या पाकिस्तान की नज़र से देखेंगे - हिन्दू मुसलमान की नज़र से देखेंगे - आप ऐसे ही चकरा जाएंगे - और आप भी संघी हो जाएंगे .... पर जब आप किसी मुद्दे को निष्पक्षता से लेने की हिम्मत दिखा पाएंगे - आप समझ जाएंगे की झंडा फहराना गलत नहीं .... और यदि गलत है तो फिर पाकिस्तान में भारत का झंडा और भारत में पाकिस्तान का झंडा फहराना दोनों ही बराबर गलत .... और जो बराबर गलत को गलत तक कह न सके वो स्वयं सबसे बड़ा गलत ....

और इसीलिए इस कड़ी को आगे बढ़ाते हुए ताज़ा समाचार पर भी अपनी प्रतिक्रिया देना चाहूँगा ....

अभी-अभी समाचार आया है कि निहायत पक्षपाती और उत्पाती व्यक्तित्व अनुपम खेर को पाकिस्तान ने वीसा देने से इंकार कर दिया है .... और यदि ग़ुलाम अली को या कसूरी को भारत में अवरुद्ध करना गलत था तो अनुपम खेर को वीसा ना देना भी गलत है ....

अन्यथा आप और हम काफी समझदार हैं - क्योंकि आजकल भारत में फॉग चल रहा है .. फॉग !! बस फॉग !! ....

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