Monday, 29 February 2016

// बजट और बस्सी ..//


२९ फरवरी .. एक विशेष दिन .. क्योंकि ये ४ साल में एक बार ही आता है ..

और आज २ महत्वपूर्ण घटनाएं होने वाली हैं .... शायद एक दुर्घटना और एक घटना .... 

पहली तो ये कि आज बजट पेश होने वाला है .. डीडीसीए वाले जेटली भैय्या पूरे देश का बजट पेश करेंगे .. और बता रहे हैं हमारे देश के चौकीदार की होगी परीक्षा .... अब परीक्षा कौन ले रहा है - कौन दे रहा है - कौन पास होगा कौन फेल - कौन राहत महसूस करेगा - कौन हंसेगा कौन रोएगा - और कौन माथा ठोंकेगा इस पर बहुत कन्फ्यूज़न है ....

पर जो दूसरी घटना होने वाली है उसमें कोई कन्फ्यूज़न नहीं है .. उसमें तो राहत मिलना तय है .. और वो दूसरी घटना है कि आज दिल्ली पुलिस अधीक्षक बस्सी रिटायर हो जाएंगे .. हुर्रे !! ....

इसलिए कुल मिलाकर - जमा घटाव के अनुसार मुझे लगता है आज देश को बजट बाद ज्यादा निराश होने कि आवश्यकता नहीं होगी .... क्योंकि बजट तो आते रहेंगे .. इस बार खराब .. अगला और ख़राब .. पर हो सकता है उसके बाद अच्छा .. पर चूँकि शायद अब बस्सी से पिंड छूटेगा .. और एक भयानक ऊटपटांग व्यक्ति से मुक्ति मिलेगी .. इसलिए हुर्रे ही हुर्रे !! ....

// मेरे 'fb page' का लिंक .... << https://www.facebook.com/bpdua2016/?ref=hl >> //

Sunday, 28 February 2016

// क्या "अब भी" हरियाणा में जाटों को आरक्षण मिलना चाहिए ?? ....//


जेएनयू में राष्ट्रविरोधी नारे लगे ....

पूरे जेएनयू पर राष्ट्रविरोधी होने का तमगा चिपकाने का कुत्सित प्रयास करने वालों से एक "प्रश्न" ....

हरियाणा में जाट आंदोलनकारियों ने दंगे कर मारे - लूटपाट करी आगजनी करी हत्याएं करी - और यहाँ तक कि अब आरोप आने शुरू हुए हैं कि उन दंगों के दौरान महिलाओं के साथ बदसलूकी और कुकृत्य के प्रयास तक किये गए - तो क्या पूरे हरियाणा में किसी भी प्रकार का कम या ज्यादा जाट आरक्षण होना चाहिए ????

मुझे लगता है केवल नैतिक चरित्र वाले - सत्य का साथ देने वाले - तर्कसंगत - अपने देश अपनी आबरू को प्यार करने वाले - दूसरों की इज़्ज़त करने वाले - सामाजिक मूल्यों के प्रति संवेदनशील - गुंडागर्दी से नफरत करने वाले - गंदी राजनीति को धिक्कारने वाले - इस प्रश्न का जवाब कुछ ऐसा देंगे कि - "अब तो किसी भी हालत में कम से कम हरियाणा के जाटों को तो आरक्षण मिलना ही नहीं चाहिए" ....

पर कोई खुशफहमी में नहीं रहे - क्योंकि इसके इतर बता दूँ कि मोदीजी - खट्टरजी - और केंद्र और हरियाणा की भाजप सरकार ऐसा कुछ नहीं करेगी और हरियाणा के जाटों को कम-ज्यादा देर-सबेर आरक्षण दे दिया जाएगा ....

पर साथ ही ध्यान रहे - पूरे जेएनयू को बंद करने का दुस्साहस चाहकर भी नहीं किया जा सकेगा ....

तो क्या जेएनयू और हरियाणा का विवाद या मुद्दा एक जैसा ?? .... या इनमें कुछ समानताएं ??

नहीं कदापि नहीं .... क्योंकि जेएनयू का मुद्दा कुछ मुट्ठीभर देशद्रोही छात्रों की साज़िश या धूर्तता या मूर्खता का मुद्दा है .... और इसके विपरीत हरियाणा जाट आंदोलन एक उद्दंड गुंडई बेशर्म जातीय भीड़ का मुद्दा है .... और इसलिए दोनों मुद्दों में गहरा अंतर है ....

इसलिए स्पष्ट कर दूँ .... कि मेरे मतानुसार जेएनयू को बंद करना गलत होगा .. और .. जाटों को अब आरक्षण दे देना भी गलत होगा ....

आशा है भक्त और देशभक्त इस बात को समझेंगे .... अन्यथा जेएनयू के बंद ना होने पर ग़मगीन होंगे और जाटों को आरक्षण मिलने पर खुश होंगे और "मोदी खट्टर जय" !! के नारे लगाएंगे !!!!

// मेरे 'fb page' का लिंक .... << https://www.facebook.com/bpdua2016/?ref=hl >> //

Saturday, 27 February 2016

// "सत्यमेव जयते" .. मोदी जी "झूठमेव भजते" ....//


"सत्यमेव जयते" भारत का 'राष्ट्रीय आदर्श वाक्य' है, जिसका अर्थ है- "सत्य की सदैव ही विजय होती है" .. और इसलिए इसका आदर करना हर देशवासी और हमारे प्रधानमंत्री का दायित्व है ....

और इसका दुरपयोग या अनादर करना प्रधानमंत्री को शोभा नहीं देता ....
पर मोदी जी ने शायद मर्यादाओं का उल्लंघन कर दिया है ....

२४ तारिख को स्मृति ईरानी ने संसद में एक भाषण दिया था जिसमें उन्होंने बसपा की मायावती के एक प्रश्न के जवाब में यह कह दिया था कि - "मायावती जी अगर आप मेरे जवाब से संतुष्ट नहीं होंगी तो सिर काटकर आपके चरणों में रख देंगे" .... 

क्या डॉयलॉग था भाई .... धाँसू डॉयलॉग - निहायत भारी भरकम फ़िल्मी .... और चालू .... और शायद ऐसे घटिया डॉयलॉग से परिपूर्ण भोंडी ओजस्विता की ओछी एक्टिंग के साथ दिए गए उस भाषण को संसद की मर्यादा के खिलाफ नज़रअंदाज़ किया जाता तो बेहतर होता ....

पर स्मृति ईरानी जी के प्रशंसक मोदी जी ने अपने पद की मर्यादा का भी ध्यान रखे बगैर उस भाषण को 'रीट्वीट' कर दिया - और वो भी इस कमेंट के साथ कि - "सत्यमेव जयते" ....

और "सत्यमेव जयते" यह है कि कल स्मृति ईरानी ने बहस का उत्तर दिया और मायावती के प्रश्न के जवाब भी - पर उसके बाद संसद में मायावती जी ने स्पष्ट कह दिया कि वो स्मृति के जवाब से संतुष्ट नहीं हुईं - इसलिए अब स्मृति ईरानी अपने कहे पर अमल करें ....

वैसे तो मैं कोई प्रतिक्रिया नहीं देता - पर चूँकि मोदी जी ने इस विषयक कुछ प्रतिक्रिया दी थी इसलिए मेरी प्रतिक्रिया भी देना बनती है .... इसलिए मोदी की प्रतिक्रिया के परिप्रेक्ष्य में मेरी प्रतिक्रिया ....

यदि "सत्यमेव जयते" यानि सत्य की जीत होती है तो मोदी जी बताइये स्मृति ईरानी अपना सिर कलम कर मायावती के चरणों में रख देंगी या नहीं ?? .... या फिर कहीं ऐसा तो नहीं कि स्मृति ईरानी भी आपकी ही जैसी "जुमलेबाज़" हैं .. और हम मान लें कि मोदी जी की स्मृति क्षीण हो जाएगी और वो अपने ट्वीट का सार भी शनैः शनैः भूल जाएंगे ....

वैसे स्मृति ने "सत्यमेव जयते" कि अर्थी निकालते हुए सदन में ही एक झूठा निर्लज्ज टेका दे दिया था और गजब की पलटी मारते हुए कह दिया था कि - "मैंने बसपा के सभी नेताओं कार्यकर्ताओं से कहा था अगर जवाब संतोषजनक ना लगे तो मेरा सिर काटकर ले जाएं" ....

और चूँकि स्मृति के दोनों बयान मैंने स्वयं टीवी पर लाइव सुने हैं इसलिए मैं पूरे होशो हवास में ये मानता हूँ कि स्मृति "झूठी" हैं और इसलिए इस संदर्भ में मोदी जी का कथन "सत्यमेव जयते" शर्मनाक निरूपित होता है ?? ....

और इसलिए मेरा कथन है कि -  "सत्यमेव जयते" .. मोदी जी "झूठमेव भजते" .... यानि सत्य की सदैव ही विजय होती है पर मोदी जी सदैव ही झूठ को भजते हैं ....

// मेरे 'fb page' का लिंक .... << https://www.facebook.com/bpdua2016/?ref=hl >> //

Friday, 26 February 2016

// जेएनयू में लगे नारे गुंजायमान किए गए और हुए .. क्यों ?? ..//


९ फरवरी .... उस दिन जेएनयू में एकबार - जी हाँ  "एकबार" - नारे लगे .... घोर आपत्तिजनक - देश की आन बान शान के विरुद्ध - बिल्कुल गंदे नारे - गाली से भी गंदे नारे ....

और उन नारोें को तब से अब तक सत्तापक्ष के नेताओं और प्रवक्ताओं और कुछ मोडिया चैनलों ने हज्जारों बार दोहराया - बड़े मज़े चटखारे ले लेकर दोहराया - बड़े उत्साह से दोहराया - शब्दशः दोहराया - तोते के माफिक दोहराया .... और बार बार सुनने को मिला और मिल रहा है वही नारों का "जाप" जिनमें इन शब्दों का समावेश है - "आज़ादी" "बर्बादी" "टुकड़े" "इंशाअल्लाह" "पाकिस्तान" .. आदि ....

और इस कारण जिन्होंने भी ये नारे लगाए थे - उन्हें उनके मकसद में अभूतपपूर्व सफलता मिल गई है - उनकी आशाओं और अनुमान से भी हज़ारों गुना ज़्यादा सफलता - क्योंकि उनके नारे आज तक ना केवल भारत में अपितु पाकिस्तान सहित पूरे विश्व में गूँज चुके हैं - और दिन-ब-दिन गुंजायमान हो रहे हैं ....

और विडंबना ये है कि इन घृणित नारों को गुंजायमान किया है उन्होंने जो अपने आप को देशभक्त दिखवाने मनवाने और सिद्ध करने का प्रयास करते रहे हैं - जो मोडिया में चमकने चमकाने का प्रयास करते रहे हैं - और जो उचकते उचकाते भी रहे हैं ....

पर विडंबना इतनी ही नहीं - विडंबना और दुखड़ा तो इस बात का भी है कि वो नारे लगाने वाले कौन थे ? .. कहाँ से आये थे ? .. कितने थे ? .. और आज कहाँ हैं ? .. क्या कर रहे हैं ? .. इसका पूर्ण और पुख्ता जवाब अभी तक किसी भी जवाबदार ने नहीं दिया है .... और ना ही कोई जवाब दिया है किसी भी उस व्यक्ति ने जो "आज़ादी" "बर्बादी" "टुकड़े" "इंशाअल्लाह" "पाकिस्तान" .. आदि समावेशित नारों को गुंजायमान करते रहे हैं ....

और इसलिए मैं उन नारों के कारण - और नारों के गुंजायमान होने के कारण - और उन नारों को गुंजायमान करने वालों के अति उत्साह और वीभत्स उत्साह के कारण - और जवाबदारों कि अकर्मण्यता और राजनीतिक मूर्खता और अपरिपक्वता के कारण आहत हूँ - शर्मिंदा हूँ - कुपित हूँ - उद्वेलित हूँ ....

और मोदी जी से इस एक और बात पर खिन्न भी !! .... किसी को कोई आपत्ति ??

// मेरे 'fb page' का लिंक .... << https://www.facebook.com/bpdua2016/?ref=hl >> //

Thursday, 25 February 2016

// मेरा भी एक अभियान .... " नो 'O^O' बनाओइंग " ....//


मित्रो !! ....

अगर एक बार सवा सौ करोड़ देशवासी ये तय कर लें कि वो उल्लू नहीं बनेंगे, तो दुनिया की कोई ताकत नहीं है जो हिंदुस्तान को उल्लू बना सके ....

मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि यह सत्य है .... और इसलिए श्रेयस्कर होगा कि अब हम तय कर लें कि अब हमें और उल्लू नहीं बनना है ....

और इसलिए मैं चाहता हूँ कि एक अभियान - " नो 'O^O' बनाओइंग " - शुरू हो ....

ये अभियान माननीय प्रधानमंत्री जी के "सवच्छ भारत अभियान" से प्रेरणा प्राप्त कर ही मेरे द्वारा शुरू करने का मन हुआ है .... और दोनों अभियानों में एक समानता है - दोनों अभियानों का मकसद तो अच्छा है पर लगता है होना जाना कुछ नहीं .... 

इसलिए आशा है आप मेरे अभियान का भी हँसते हुए समर्थन करना पसंद करेंगे .... हा !! हा !! हा !!

पुनश्चः

वैसे जब मैं आज पलट कर पूरे जेएनयू मामले को देखता हूँ और साथ ही सरकार में बैठे और पुलिस वकीलों अधिकारियों और बिकाऊ पत्रकारों के बयान सुनता हूँ तो मुझे लगता है - ये अभियान तो अब वाकई छेड़ना ही होगा .... बिना हंसी मज़ाक ....

मसलन यदि कारस्तानी बस्सी कहें कन्हैया के विरुद्ध सबूत - देशद्रोह के सबूत नहीं - नहीं नहीं थोड़े थोड़े सबूत हैं - अभी तहकीकात जारी है - हमें पुख्ता सबूत मिल गए है - हम अब जमानत का विरोध नहीं करेंगे - हम जमानत का विरोध करेंगे - मामला अंतर्राष्ट्रीय ....

या फिर कहें - वकीलों का वीडियो देखा है - पुलिस अपना काम कर रही है - इन वकीलों ने मारपीट करी इसका अभी कोई सबूत नहीं - नहीं वकीलों ने मारपीट तो करी है - पर कोई दोषी नहीं जब तक सिद्ध ना हो - वकील स्वयं कोर्ट ऑफिसर - पुलिस का काम तो केवल इन्वेस्टीगेशन करने का - कानून अपना काम करेगा .... 

या फिर कहें - जेएनयू के आरोपित छात्रों को सरेंडर कर देना चाहिए - नहीं तो हमें और भी तरीके आते हैं - और सभी आरोपित छात्रों को पुलिस को सरेंडर कर स्वयं साबित करना चाहिए कि वो निर्दोष हैं ....

जी हाँ यानि अब पुलिस की जवाबदारी नहीं कि वे सभी छात्र गिरफ्तार हों - और पुलिस की यह भी जवाबदारी नहीं कि उन्हें गुनहगार साबित करें - पुलिस की जवाबदारी तो केवल कन्हैया को खूंखार देशद्रोही साबित करने की है - वो भी एन-केन-प्रकारेण ....

इसलिए मैं सोचता हूँ कि अब तो हम सब को मोदी सरकार को चेताना ही होगा ....
सावधान !! .. " नो 'O^O' बनाओइंग " ....

// मेरे 'fb page' का लिंक .... << https://www.facebook.com/bpdua2016/?ref=hl >> //

Tuesday, 23 February 2016

// विचलित होने के अपने अपने कारण ....//


मोदी के कई भक्त और छिः टीवी वाले बड़े ही विचलित हो चले हैं - उठते बैठते देशभक्ति का जाप करते हुए कह रहे हैं कि जेएनयू के ५ आरोपी कैंपस में खुल्ले कैसे घूम रहे हैं ?? .... उत्तर मैं देता हूँ .... जाओ मोदी से पूछो .... मोदी के पास जवाब न हो तो अपने पिताश्री से पूछो .... और यदि वो भी ना बता पाये तो फिर केजरीवाल से पूछ बैठना - और हो हिम्मत तो उत्तर सार्वजनिक कर देना .... 

और मैं मोदी विरोधी भी बहुत विचलित हो चला हूँ - उठते बैठते मोदी का विरोध करने वाला मैं पूछ रहा हूँ कि मोदी का संरक्षण प्राप्त वो दिल्ली के ३ गुंडे वकील दिल्ली में खुल्ले कैसे घूम रहे हैं ?? .... मेरा प्रश्न भक्तों के लिए बहुत असहज करने वाला है - इसलिए मेरे प्रश्न का उत्तर भी मैं ही देता हूँ .... क्या है दिल्ली पुलिस केजरीवाल के अधीन नहीं है - होती तो मोदी आज तक प्रधानमंत्री नहीं बने रहते - देशद्रोही अंदर होते - गुंडे वकील भी - गुंडे भी - और कन्हैया खुल्ले घूम रहे होते - बांसुरी वादन करते हुए ....

और देश भी विचलित है और पूछ रहा है कि - ये मोदी चुप क्यों है ?? ....

और मेरा जवाब है - मोदी इसलिए चुप हैं क्योंकि उन्हें केजरीवाल की बात समझ पड़ गई है - कि छात्रों से पंगा मत लेना ....

लेकिन बात अब इससे आगे निकल गई है .... अब तो लग रहा है कि छात्रों ने मोदी से पंगा लेना शुरू कर दिया है .... और इसलिए मोदी के साथ साथ भक्त भी विचलित हो चले हैं .... बेचारे !!

// मेरे 'fb page' का लिंक .... << https://www.facebook.com/bpdua2016/?ref=hl >> //

// मोदी के विरुद्ध साज़िश ?? .. देशहित में सफल क्यों ना हो ?? ....//


अब तो हद्द हो गई .... कल तक जो कहते थे ना खाऊंगा ना खाने दूंगा - देश की तिजोरी पर कोई पंजा नहीं पड़ने दूंगा - मेरी छाती ५६ इंची - आदि आदि लम्बी लम्बी - वो आज विलापने लगे - घिसी पिटी रिकॉर्ड फिल चला मारे .... मैं गरीब का बेटा 'चायबेचनेवाला' प्रधानमंत्री बन गया - इसलिए ये बात विरोधियों को पच नहीं रही - इसलिए मेरे विरुद्ध साज़िश हो रही है .... साज़िश !!

यदि बात सही है तो - प्रश्न उठता है कि जो वर्चस्व प्राप्त सर्वोच्च पद पर सत्तासीन होने के बावजूद खुद का बचाव ना कर पा रहा हो वो देश का क्या भला करेगा - जो खुद रोने लगा हो - वो दूसरों के आंसू क्या पोंछेगा .... और जनता के साथ जो अनवरत साज़िश होती रहती है और हो रही है उसको कौन रोकेगा ??

उपरोक्त प्रश्न मैं इसलिए समक्ष में रख रहा हूँ कि यदि कोई साज़िश हो रही है - और वो भी चंद टुच्चे 'एनजीओ' के द्वारा - तो आपका 'तोता' क्या कर रहा है ?? - क्या उसे केजरीवाल ने पिंजरे में बंद कर रखा है ?? ....

और 'तोते' को छोडो - आपकी 'बस्सी मैना' क्या कर रही है - और 'कौए' 'चीलें' 'बाज़' आदि क्या कर रहे हैं - क्या जेटली सुषमा राजनाथ भी आपके विरुद्ध साज़िश में शामिल तो नहीं - वैसे भी वो बहुत धनाढ्य और आप गरीब के बेटे ?? .... या फिर कहीं अमीरज़ादे अंबानी अडानी तो पीछे नहीं पड़ गए ?? .... या फिर चालू रामदेव बाबा ने तो अलोम-विलोम चालू नहीं कर दिया ?? ....

और मोदी जी यदि आपके विरुद्ध साज़िश की बात सही तो कन्हैया के पिता द्वारा आज आपका उपहास किया है और आप पर बहुत तीखा तंज़ किया है .... गौर फरमाएं - उन्होंने कहा है - मोदी जी आप गरीब के बेटे इसलिए आपके विरुद्ध साज़िश - कन्हैया भी गरीब का बेटा - उसके विरुद्ध जो साज़िश हो रही है उसका क्या - मोदी कन्हैया के लिए कुछ बोलते क्यों नहीं - मोदी चुप क्यों है ?? .... तो जनाब है कोई जवाब ??

हाँ एक बात और .... राजनीति में तो एक पक्ष दूसरे पक्ष का विरोध करता ही है - और सत्ता प्राप्त करने का प्रयास भी .... आपने भी तो यही सब किया था - प्रजातंत्र लोकतंत्र के नाम पर - और तब ही तो आप सत्ता पर काबिज़ हुए थे .... तो अब क्या हो गया ?? .... अब आप राजनीति में है या अपने आप को किसी भजन मण्डली में होने का गुमान तो नहीं पाल बैठे हैं जहा हर कोई आपके सुर में ढोल मंजीरे ही बजाता रहेगा - 'हार'मोनियम के साथ ??

वैसे तो मुझे पूरा यकीन है कि मोदी जी आप के विरूद्ध कोई साज़िश जैसा कुछ नहीं हो रहा है - आप तो स्वयं घबरा गए हो - हार गए हो - क्योंकि आप की पोल खुल रही है - दिन-ब-दिन आप की नाकाबलियत जगजाहिर होती जा रही है ....

पर फिर भी यदि कोई साज़िश हो ही रही है तो मोदी जी आप ही बताएं कि ये साज़िश देश हित में सफल क्यों ना हो जाए ?? .... है कोई ठोस कारण ???? 

// मेरे 'fb page' का लिंक .... << https://www.facebook.com/bpdua2016/?ref=hl >> //