Friday, 3 June 2016

// मथुरा का कुकुरमुत्ता शातिर शाना रामवृक्ष यादव एक बात तो सही कहता है ..//


मथुरा काण्ड .. २४ लोगों की जान ले गया .. और सतही रूप से सामने आया कि बात २८० एकड़ में फैले जवाहर बाग़ पर अवैध कब्ज़े की थी .... पर बात जब निकली तो बहुत दूर तक जा रही है - और कई रोचक - चिंतनीय - घृणित - सोचनीय - और शौचनीय बातें सामने आ रही हैं ....

और पता चल रहा है कि इस सबके केंद्र में है एक अजब-गजब रामवृक्ष यादव .... जो पता नहीं कल तक तक विलेन था या हीरो पर आज विलेन के रूप में गालियां खा रहा है ....

और ये रामवृक्ष यादव गालियां खाने का पात्र ही है - क्योंकि स्पष्ट हो रहा है कि ये धूर्त है - शातिर है - शाना है - बदमाश है - ठग है - सनकी है - अपराधी है ....
पर साथ ही ये रामवृक्ष यादव देश के किसी भी आईपीएस पुलिस अधिकारी और मुख्यमंत्री से कई मामले में दक्ष है - आगे है - भारी है ....

इसलिए आप रामवृक्ष यादव से नफरत कर सकते हैं पर मुझे उससे नफरत करने की इच्छा नहीं हो रही है .... और इसका एक कारण और भी है ....

ये जो रामवृक्ष यादव है ना - बंदा एक बात बहुत पते की करता है .... मालूम पड़ा है कि बंदा कहता है कि - राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का चुनाव ख़ारिज हो ....

सही तो कहता है - जिस राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के शासन काल में रामवृक्ष जैसा कुकुरमुत्ता उग भर जाय - तो उनका चुनाव भी ख़ारिज योग्य ही बनता है ....

या फिर देश सोचे कि देश के अनन्य रामवृक्ष यादवों का क्या किया जाए .... और हमारी सडांघ मारती व्यवस्थाओं का क्या किया जाए .. और ऐसे मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री का क्या किया जाए ????

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// तमाम "दुकान" रुपी संगठन और संस्थाओं से मुक्ति पाना ही होगा ..//


कृष्ण भगवान् से ताल्लुक मथुरा का जवाहर बाग़ .... आज सुर्ख़ियों में है .... कृष्ण के कारण नहीं - और इसलिए भी नहीं कि इसका नाम जवाहरलाल नेहरू के नाम पर है .. अपितु इसलिए कि यहाँ अवैध कब्ज़ा हो गया था - वो भी लगभग २ वर्ष पूर्व ....

और वहां का प्रशासन - सत्ता पक्ष - विपक्ष - जन प्रतिनिधि सभी सो रहे थे - या जागते हुए भी नकारा चौकीदारों की फ़ौज माफिक जागते रहो का नारा लगा रहे थे .... और सब ठीक ठाक - ढंग तरीके से - मन माफिक - सुचारु रूप से चल रहा था - चलाया जा रहा था .... शायद इसलिए भी कि कब्ज़ा एक व्यक्ति का नहीं था - बल्कि कब्ज़ा एक संगठन का था - जो अपने आपको 'सत्याग्रह' - 'आज़ाद हिन्द' - 'धार्मिकता' आदि तत्वों से सम्बद्ध स्थापित करने में सक्षम था - सफल था ....

और शायद ऐसा ही चलता रहता - पर सौभाग्य से इस देश में कुछ आम नागरिक भी हैं जो जागरूक भी हैं - सो वे मामले को ले गए न्यायालय में - और सिद्ध कर दिया कि ये अवैध कब्ज़ा है शासकीय ज़मीन पर .... और दुर्भाग्य आज की सरकारों का कि एक बार फिर न्यायपालिका ने हस्तक्षेप रुपी डंडा कर दिया कार्यपालिका में - और आदेश दे दिया कि - नामुराद झकोरों "अपनी" ज़मीन मुक्त करवाओ अवैध कब्ज़े से ....

और न्यायलय के आदेश के बाद ही झकोरे हरकत में आए - और पहुँच गए दलबल सहित जवाहर बाग़ - वैध रूप से - वहां से अवैध कब्ज़ा हटाने ....

और फिर जो हो गया वो आज के समाचारों की सुर्खियां है - २ पुलिस कर्मी मारे गए - और बेचारे २२ सत्याग्रही चोला छोड़ अपनी आत्मा को समेट लीन हो गए परमात्मा में - जिसे आप दुनियावी भाषा में ऐसा भी कह सकते हैं कि शहीद हो गए - अपनी संस्था या संगठन के लिए ....

और अब आगे क्या ???? .... मेरी तुच्छ टिप्पणियां ....

मथुरा सांसद लीन है मुंबई में फिल्म की शूटिंग करने में .... बेचारी !!
उत्तर प्रदेश पुलिस व्यस्त है अपने साथियों की अंत्येष्ठी में ....
उत्तर प्रदेश सरकार तैयार है अपना दम ठोंकने में कि न्याय व्यवथा भंग करने का अधिकार किसी को नहीं दिया जा सकता ....
केंद्र सरकार मौके पर नज़र रखे है - हमेशा की तरह चौकन्नी या चवन्नी ....
कांग्रेस बसपा तैयार है सपा और भाजपा को घेरने में ....
भाजपा तैयार होगी असली मुद्दे को उठाने में कि आखिर इस बाग़ का नाम 'जवाहर बाग़' क्यों ?? .. 'ऋषि बाग़' क्यों नहीं ??

और मैं हमेशा की तरह विचलित हूँ परेशान हूँ - और फुर्सत में व्यस्त हूँ .. तंज़ करने में - क्रोध करने में - लपेट कर गालियां देने में - और मेरी औकात अनुसार ऐसे लेख लिखने में ....

और आपने पढ़ मारा - इसके लिए धन्यवाद !!

पर आगाह करना चाहूंगा कि ऐसी तमाम "दुकान" रुपी संगठन और संस्थाओं से मुक्ति पाना ही होगा - केवल जवाहर बाग़ को अवैध कब्ज़े से मुक्त करा लेने से कुछ नहीं होने जाने वाला ....

इसलिए सावधान !! .. धार्मिक लुब्बेलुबाबों से बचें - साम्प्रदायिकता से बचें - अवैध लोगों से बचें .... जय हिन्द !!

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Thursday, 2 June 2016

// राहुल के कारण मोदी खुश - और मोदी के कारण केजरीवाल खुश ....//



खबर आई - राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष बनेंगे .. या सही मायने में खबर थी - सूत्रों के अनुसार राहुल को कांग्रेस अध्यक्ष बनाने की तैयारी ....

और कई कॉंग्रेसी उत्साहित हो गए - और भाजपाई भी खुश ....

इसका कारण मात्र ये हो सकता है कि राहुल कांग्रेस की ताकत हैं - इसलिए कॉंग्रेसी उत्साहित .... और राहुल ही कांग्रेस की सबसे बड़ी कमजोरी हैं - इसलिए भाजपाई खुश ....

तो ये तो हुई कांग्रेस की 'ऐसी की तैसी' .... और अब बात हो जाए भाजपा की ऐसी ही 'ऐसी की तैसी' विषयक ....

मुझे लगता है ठीक इसी परिप्रेक्ष्य में भाजपा और मोदी का भी कांग्रेसीकरण हो चुका है ....

क्योंकि जब तक मोदी भाजपा के शीर्ष पर हैं तब तक भाजपाई बहुत खुश हैं - क्योंकि मोदी ही भाजपा की ताकत हैं .... और क्योंकि अब मोदी ही भाजपा की सबसे बड़ी कमजोरी बनते जा रहे हैं इसलिए केजरीवाल भी बहुत खुश हैं ....

और मुझे लगता है कि यदि कांग्रेस राहुल को अध्यक्ष बनाती है तो - कांग्रेस उत्तरप्रदेश हार जाएगी ....
और यदि भाजपा मोदी को 'पोस्टर बॉय' बनाए रखती है तो - भाजपा पंजाब हार जाएगी ....

और इसलिए आज मैं उन्मुक्त भाव से शहंशाह-शहजादे यानि मोदी-राहुल की जोड़ी को बहुत शुभकामनाएं देता हूँ .... और केजरीवाल को भी .. क्योंकि देश 'कांग्रेस-मुक्त' और 'भाजपा-मुक्त' होने की तरफ तेजी से बढ़ रहा है ....

पुनश्च : हो सकता है कि आप में से भी कुछ सोच रहे होंगे कि राहुल की तरह मोदी भी भाजपा की कमज़ोरी भी और ताकत भी क्यों ?? .. कारण है कि मोदी ही ऐसे इकलौते भाजपाई हैं जो हमेशा सांप्रदायिकता के खिलाफ बोलते हुए हमेशा विकास की बात करते आए हैं .. पर ये मोदी ही हैं जिनके भक्त और समर्थक और उनके पार्टीजन हमेशा साम्प्रदायिकता की ही बात करते हैं .. और बड़बोले मोदी में वो क़ाबलियत नहीं कि वो अपनेवालों पर लगाम कस सकें या फिर देश का विकास ही कर सकें .. इसलिए मोदी की लोकप्रियता राहुल के ही समकक्ष तेजी से लुढ़कते दिख रही है .... और भाजपा की ताकत भाजपा की कमज़ोरी बनती जा रही है ....

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Wednesday, 1 June 2016

// जीडीपी बढ़ने का असर .. तरबूज ८० रुपये का ....//


फल के ठेले पर गया .. मध्यम आकार का तरबूज लिया .. कीमत ८० रुपये .. यूँ ही पूछ लिया कि - तरबूज़ इतना महंगा क्यों ?? .. जवाब आया - जीडीपी जो बढ़ रही है ....

अईंsssss !! .. जीडीपी ?? .. भाई जीडीपी से तरबूज का क्या लेना देना ?? ....

बाउजी !! जब से मोदी आए हैं सब चिल्ला रहे हैं जीडीपी बढ़ रही है .. और आप देखो ना - केवल तरबूज ही नहीं बाकी सभी फल सब्जी दाल रोटी आदि भी तो महंगी हो रही हैं कि नहीं ?? ....

मैं पूरे ८० रुपये दे तरबूज ले लौटा आया .... पर हँसी रुक नहीं रही थी - श्रीमती जी ने पूछ लिया - क्या बात है आज फिर इतना हँस क्यों रहे हो ?? .. मैनें पूरी बात बताई .. तरबूज इसलिए महंगा क्योंकि जीडीपी बढ़ रही है ....

और श्रीमती जी बोलीं .... मालूम है ठेले वाला भी स्कूल पास और बीए फेल है ....

और अब मैं समझ नहीं पा रहा हूँ कि मैं अब तक हँस क्यों रहा हूँ .. मेरा तो रोना बनता है ..

पर क्या करूँ मध्यमवर्ग से जो हूँ - और ईश्वर की दया से और बुज़ुर्गों के आशीर्वाद से तरबूज खरीदने के लिए ८० रुपये भी सुलभ हैं - इसलिए हँसने-हँसाने की फितरत सी बन गई है .. बस जब कभी गरीब के दुखड़े का एहसास होता है तो रोने का जी जरूर करता है ....

खैर तरबूज काटने से पहले "स्वार्थवश" आज ईश्वर से प्रार्थना जरूर करूंगा कि - हे ईश्वर जैसे मोदी सरकार ख़राब निकल गई वैसे ही ये तरबूज भी खराब ना निकल जाए .... बस !! .. फिर जीडीपी घटे या बढ़े क्या फर्क पड़ता है .. ?? .. ?? ....

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Tuesday, 31 May 2016

// शहंशाह - बनाम - शहज़ादे का जीजा ..//


बहुत आशा थी कि मोदी आएँगे तो भ्रष्टाचारियों पर गाज गिरेगी .... इस देश में भ्रष्टाचारी तो बहुत हैं पर मोदी और भक्तों द्वारा रॉबर्ट वाड्रा का ढोल पुट्ठे बजा-बजा कर पीटा गया था .... और तब लगा था कि रॉबर्ट वाड्रा के साथ बहुत गड़बड़झाला है - पर क्योंकि वे सोनिया के दामाद हैं और राहुल के जीजा इसलिए उन्हें कोई हाथ नहीं लगा पा रहा था ....

स्मरण करें कि ये वो दौर था जब मोदी जी राहुल को "शहज़ादे" कहकर और रॉबर्ट वाड्रा को "दामादजी" कहकर उनका उपहास करते थे .... और सोनिया को "मैडम" कुछ ऐसे अंदाज़ में बोलते थे कि लोग उन्माद में तालियां बजाते थे ....

और उन्हीं तालियों के बीच मोदी को चुन लिया गया और वो बन गए प्रधानमंत्री .... और इसके बाद की कहानी को यदि मैं वर्णित करूँ तो बस इतना ही काफी है कि - जब तक विपक्ष में थे तब तक गुर्राते थे - पर जब से सत्ता में आये हैं तब से मिमिया भी नहीं पा रहे हैं ....

पर हाँ बीच-बीच में रॉबर्ट वाड्रा के शिगूफे जरूर आते रहे हैं - वो भी रॉबर्ट वाड्रा के नाम से - "दामादजी" के नाम से नहीं .... और अब मोदी जी राहुल को "शहज़ादे" भी नहीं बोलते हैं - और वो "मैडम-मैडम" की हुंकार भी अब नहीं भर पा रहे हैं ....

बल्कि उलट राहुल और रॉबर्ट वाड्रा ही गाहे बगाहे मोदी जी को चुनौती देते दिखे हैं ....

और आज तो हद्द हो गई .... आज "मैडम" ने मोदी को बोल दिया - तुम प्रधानमंत्री हो - "शहंशाह" नहीं ....

स्पष्ट है राजा महाराजाओं की इस टुच्ची लड़ाई में आज के "शहंशाह" की दुर्गति स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है - क्योंकि "शहंशाह" "शहज़ादे के जीजा" तक को निपटा नहीं सके हैं - फिर काहे के "शहंशाह" ?? .... सही है ये प्रधानमंत्री "शहंशाह" की शानो-शौकत भले ही दिखाते हों पर इनमें "शहंशाहों" की आब-ताब अब नहीं झलकती - अपितु एक चौकीदार के लक्षण ही ज्यादा दिखते हैं - एक ऐसा चौकीदार जो अपना काम ठीक से नहीं करने के कारण गाहे बगाहे अपने मालिक की डाँट-डपट खाना शुरू कर दिया हो .. और उसकी नौकरी दांव पर लग गई हो ....

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Monday, 30 May 2016

// खट्टर जी !! .. इस बार सेना के साथ बजरंगियों को भी लगा देना ....//


सुना है - जैसा कि आजकल भाजपा मानने लगी है - न्यायपालिका ने कार्यपालिका के काम में फिर टाँग अड़ा मारी है .... और ये ताज़ा मामला है खट्टर के हरियाणा का ....

स्मरण हो .. हरियाणा में आंदोलनकारी जाट कार्यपालिका के काम में हाथ टाँग पेट घुटने सब अड़ा के बैठे थे .... और कार्यपालिका के दिमाग का दोहन कर वो खट्टर से आरक्षण ले बैठे थे .... पर अब न्यायपालिका ने भी अपना तर्कसंगत न्यायसंगत दिमाग लगा अड़ा दी है टाँग - और दे दिया है "स्टे" .. जिसका मतलब - खट्टर आरक्षण अभी नहीं ....

और बेचारे ठगे गए जाट !! .. इतना लम्बा शांतिपूर्ण आंदोलन चलाया था - और बड़ी ही शालीनता से कहते रहे थे कि हमें आरक्षण दे दो .... उम्मीद तो कम थी - पर जाटों की किस्मत - कुछ गुंडे बदमाश मवाली आंदोलन में घुस गए और कर दिए हिंसक उपद्रव .. मार दिए २-४ दर्जन और कर दिए कुछ हज़ार करोड़ का नुकसान कुछ सौ करोड़ की व्यक्तिगत लूटपाट के साथ .... पर खट्टर समझे कि ये हिंसा का काम जाट आंदोलनकारी कर गए - और उनके डर के मारे गफलत में जाटों को आरक्षण दे बैठे ....

पर अब जब न्यायपालिका ने टाँग अड़ा दी है - तो बेचारे ठगे गए जाटों ने मजबूरन सरकार को विधिवत अल्टीमेटम जारी करते हुए ५ जून से एक बार फिर शांतिप्रिय आंदोलन करने का ऐलान कर दिया है ....

लेकिन शायद खट्टर भी थोड़ा दिमाग रखते हैं - इसलिए उन्होंने भांप लिया है कि इस बार भी गुंडे मवाली हिंसक उपद्रव करेंगे .... और इसलिए उन्होंने अभी से सेना - पुलिस - आरएएफ - सीआरपीएफ आदि सबको तैनात कर दिया है .... और हो सकता है जरूरत पड़ने पर एयर फ़ोर्स भी लगा दें - या नौसेना की पनडुब्बी भी - या दिल्ली के सेवानिवृत पुलिस कमिश्नर बस्सी को भी ?? ....

पर मैं सोच रहा था कि सेना पुलिस तो पिछली बार भी लगी थी - और इफरात में लगी थी .. पर वो गुंडे मवालियों को कहाँ कंट्रोल कर पाई थी ?? .... नहीं ना !! ....

इसलिए खुल्ले दिमाग के खट्टर को मेरा एक सुझाव है .... इस बार मवालियों को कंट्रोल करने के लिए बजरंग दल के ट्रेनिंग प्राप्त देशभक्त बजरंगियों को भी इस काम में लगाएं तो बेहतर होगा .... क्या है ना कि जो जज़्बा और मवालियों जैसी आत्मसुरक्षित आक्रमण प्रणाली बजरंगियों में है वो सेना में कहाँ .... वैसे भी कई बार काँटा ही काँटे को निकाल पाता है - तलवार काम नहीं आती ....

तो बोलो - बजरंगियों की जय - बजरंगबली की जय - भारत माता की जय !!

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Sunday, 29 May 2016

// मोदी ने माना .. गालियां तो इफरात में पड़ रही हैं .. सही माना ..//


आजकल मोदी द्वारा अजब गजब पेला जा रहा है .... दम ठोंक के कह रहे हैं कि उनके ऊपर भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं .. उन्होंने भ्रष्टाचार बंद किया तो गाली ही मिलेगी .. जो देश को लूट रहे थे सिर्फ वही उनसे खुश नहीं .... आदि !!

मेरी प्रतिक्रिया ....

क्या केवल भ्रष्टाचारी ही गालियां दे रहे हैं - ईमानदार नहीं ??
या जो गालियां दे रहे हैं - वे ईमानदार नहीं - वे सब भ्रष्ट ??
इस देश में भ्रष्ट ज्यादा या ईमानदार ??
क्या ईमानदार मोदी की तारीफ नहीं करते - केवल भ्रष्ट गालियां देते हैं ??
तो फिर मोदी ये क्यों नहीं कहते कि देखो मेरी कितनी तारीफ हो रही है - यही क्यों कहते हैं कि मुझे गालियां पड़ रही हैं ??
क्या देश में कोई भूखा नहीं गरीब नहीं ??
क्या अब भूखे गरीब को गाली देने का अधिकार भी नहीं ??
क्या भूख में तड़पता गरीब गाली दे कर भ्रष्टाचार करता है ??
क्या शर्म भी बेच खाई - या प्रजातान्त्रिक राजनीति का शिष्टाचार भी भूल गए ??

क्या ये स्थापित नहीं होता कि ....

मोदी को गालियां पड़ रही हैं .. वो भी इफरात में ....
मोदी की तारीफ कम ही लोग कर रहे हैं ....

इसलिए तथ्यों पर कुछ विवेचना भी ....

क्या कभी किसी भ्रष्ट को यह कहते सुना है कि वो भ्रष्ट है ??
क्या हर भ्रष्ट पकड़ा या धरा जाता है ??
क्या हम समझते नहीं कि भ्रष्टाचार कर जो पकड़ा गया वो भ्रष्ट और जो पकड़ा नहीं गया वो शाना ....

क्या भारत का कोई भी पूर्व प्रधानमंत्री भ्रष्ट था ??
यदि हाँ तो मोदी उसका नाम बताएंगे ??
और नाम बताएंगे तो क्या ये भी बताएंगे कि क्या उसका भ्रष्टाचार सिद्ध हुआ - या होगा ??
यदि नहीं तो क्या इसलिए कि भ्रष्टाचार सिद्ध करना मुश्किल काम ??
यदि हाँ तो क्यों ना मान लिया जाए कि मोदी भी भ्रष्ट पर सिद्ध करना मुश्किल काम ??
 क्या भारत में पूर्व में भ्रष्टाचार नहीं हुआ ??
क्या मोदी राज में भ्रष्टाचार नहीं हो रहा ??

कुल मिला के इसलिए मेरा मत है कि - मोदी को गालियां पड़ रही हैं - और इसमें कुछ भी गलत नहीं .. और जो कुछ लोग मोदी के कार्य और ईमानदारी से संतुष्ट हैं उन्हें मोदी की तारीफ भी करनी ही चाहिए - वो भी खुल कर .. उन्हें अपने घर में घुघ्घू बन कर घुसे रहकर बेचारे मोदी को गलियां खाने के लिए अकेले नहीं छोड़ना चाहिए .. उन्हें तत्काल ये कोशिश करनी चाहिए कि मोदी की तारीफ भी जोर पकडे .... 

पर सावधान !! शायद तब गालियों की तादाद और बढ़े - क्योंकि इस सब के बीच मोदी के काम कहाँ हैं ?? विकास कहाँ हैं ?? वायदे कहाँ हैं ?? जमीन पर असर कहाँ है ?? मुद्दे की ये बातें भी तो असर डालेंगी .... क्योंकि देश के लोग केवल भ्रष्ट या ईमानदार ही नहीं - समझदार भी तो हैं .... और मैं मानता हूँ ज्यादातर ईमानदार समझदार होते हैं !! .. और वे अक्षम और अयोग्य की निंदा करने से परहेज़ भी नहीं करते .... हा !! हा !!

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