Sunday, 2 April 2017

// दिल्ली में महिला मंत्री को छेड़ा तो जमानत - पर गुजरात में गाय को छेड़ा तो ?? ..//


दिल्ली में अपना पीछा कर रहे ४ युवकों पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कल थाने में केस दर्ज कराया .. .. और केस दर्ज हो चारों युवकों को धर लिया गया .. युवक कार में थे और दारू भी पिए हुए थे .. और .. और उनको तो दिल्ली पुलिस ने सुबह तक जमानत पर रिहा भी कर दिया .. ..

शाब्बाश दिल्ली पुलिस !! .. मुझे पहली बार ऐसा लगा कि दिल्ली पुलिस पुलिस जैसी कार्यवाही भी कर लेती है .. वर्ना अभी तक तो मुझे लगता था कि दिल्ली पुलिस केवल 'आप' विरुद्ध कार्यवाही में ही एक्सपर्ट है .. ..

इसलिए दिल्ली के मनचलों को मेरा संदेश .. सुधर जाओ और अपने आप को तीसमारखाँ मत समझो .. यदि तुम्हें अपनी ओछी हरकतों पर बहुत गुमान हो गया है तो नालायकों दिल्ली में कार में दारू पी के माननीय महिला मंत्री का पीछा कर उन्हें परेशान करने के बजाय ज़रा गुजरात में गाय से हरकत कर बताओ .. सालों टुच्चों जमानत भी नहीं होगी - और कम से कम १० साल जेल जाओगे - सारी हेकड़ी निकल जाएगी - समझे ?? .. हाँ नहीं तो !! .. ..

मेरे दिमाग की बातें - दिल से .. ब्रह्म प्रकाश दुआ

/.. अब सहिष्णुता तो अपने चरम पर पहुँच कर रहेगी ..

क्योंकि असहिष्णुता जैसी तो बात करना भी अब जोखिम भरा होता जा रहा है .. और इसे दमन भी कहते हैं जो मुट्ठी भर लोगों के लिए लाभकारी होता है पर ज्यादातर के लिए हानिकारक .. ..
मुझे लगता है कि लोग पिछले ६०-७० साल से स्वच्छंदता से जीते-जीते ऊब से गए हैं .. शायद कुछ ठिठौली के लिए बदलाव चाहते हैं .. और बदलाव आता स्पष्ट दिख रहा है .. देश बदल रहा है !! .. ../

मेरे दिमाग की बातें - दिल से .. ब्रह्म प्रकाश दुआ

Saturday, 1 April 2017

// योगी ने 'बदले की भावना' से कार्यवाही तो करी .. पर तार्किक निष्कर्ष निकलेगा ?? ..//


ये हुई ना बात !! .. योगी ने गोमती रिवर फ्रंट सहित अखिलेश के कामों की जांच के आदेश दे दिए हैं .. ..

मुझे मोदी जैसे वो नेता बिल्कुल पसंद नहीं जो जनता के सामने विरोधियों के भ्रष्टाचार को उधेड़ कर रखने और फिर रोना रो-रो कर और फिर विश्वास दिला-दिला कर वोट हथिया खुद सत्ता पर काबिज़ होते ही - उल्टी दस्त कर देते हैं - ये कहकर कि .. हमारी सरकार 'बदले की भावना' से काम नहीं करेगी .. जी हाँ - "बदले की भावना" !! .. ..

और मेरा ऐसा मानना है कि 'बदला' तो ज़रूर लिया जाना चाहिए .. जनता के पैसे का भ्रष्टाचार का 'बदला' नहीं लोगे तो क्या तुमको गालियां देने वाले राजनीतिक या व्यक्तिगत विरोधियों के विरुद्ध फ़र्ज़ी आरोप लगा बदले लोगे ?? .. तुम्हें शर्म नहीं आनी चाहिए ?? .. ..

अब देखो ना केजरीवाल शीला दीक्षित से 'बदला' नहीं ले पाए तो तमाम विरोधियों से दिन रात गालियां खाते हैं कि नहीं ?? .. २-४ तो हो सकता है कि इस पोस्ट की कमैंट्स में ही कपड़े फाड़ते हुए गालियां देने आएँगे ..  तो फिर मेरा प्रश्न है कि ये कप्तान अमरिंदर सिंह को अभी तक बादलों से 'बदला' नहीं लेने के लिए उतनी गालियां क्यों नहीं ?? .. सबकी मिद्द क्यों निकली जा रही है ?? .. .. 

और मोदी को रॉबर्ट वाड्रा और सोनिया गाँधी और मनमोहन सिंह आदि अन्य दर्जनों से अब तक भी 'बदला' नहीं लेने के कारण सबसे अधिक गालियां क्यूँ नहीं ?? .. .. 'बदला' मोदी नहीं लेंगे तो क्या गधे लेंगे ?? .. ..

इसलिए मेरा कहना है कि आज जब योगी जी ने 'बदले की भावना' से अखिलेश के विरुद्ध कार्यवाही करी है तो हम सबको इसका स्वागत करना चाहिए और योगी का उत्साहवर्धन .. .. शाब्बाश योगी !! - योगी !! योगी !! योगी !! .. ..

और मैं यह भी मानता हूँ कि यदि हर नया सत्ता-अध्यक्ष अपने कार्यकाल के पूर्व में हुए भ्रष्टाचार पर 'बदले की कार्यवाही' करते हुए भ्रष्टाचारियों को जेल पहुँचाने में और जनता के पैसे को वापस देश की तिजोरी में पहुंचाने में नाकामयाब रहता है तो वो - या तो मजबूर होता होगा - या निहायत अक्षम लल्लू - या स्वयं निहायत दर्जे का टुच्चा एवं भ्रष्टाचारी .. ..

अब देखें योगी अंततः 'बदले की कार्यवाही' को किसी तार्किक निष्कर्ष तक पहुँचा पाते हैं - या पहुँचाते हैं - या पहुँचने देते हैं - या नहीं !! .. .. और यदि हाँ तो कब तक .. २-४ महीने में या मोदी जैसे ३ साल तक भी शून्य बटा सन्नाटा ?? .. ..

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// 'अब की बार' देश देखेगा - केजरी पर मोदीवार - और केजरीवाल का पलटवार - बस !! ..//


चुनाव दिल्ली एमसीडी के .. भाजपा १० वर्षों से एमसीडी पर काबिज़ रही - या यूं कहें एमसीडी वर्षों से भाजपा की बपौती रही .. ..

और तो और विगत पौने तीन साल से दिल्ली के सातों के सातों सांसद भाजपाई ही बैठे हैं और केंद्र में मोदी सरकार भी भाजपा की ही .. .. इसके अलावा दिल्ली एक केंद्र शासित प्रदेश है जिसकी सरकार के न्यायालयीन घोषित बॉस दिल्ली के उपराज्यपाल हुए जो भाजपाई केंद्र सरकार द्वारा नामित और नियंत्रित हैं .. और दिल्ली सरकार को अपने पूरे नियंत्रण में रखे हुए हैं .. ..

और बस इसके अलावा दिल्ली में एक अरविन्द केजरीवाल नाम के अदने से मुख्यमंत्री हैं जिसका नाम लेते ही पूरी भाजपा को सही में पसीने छूट जाते हैं - और जो २०१५ में दिल्ली की जनता द्वारा ५ साल के लिए चुने जाकर २०२० तक अपने पद पर बने रहेंगे .. .. 

और ना इधर की ना उधर की - दिल्ली एमसीडी चुनाव २०१७ के प्रचार के उपलक्ष में ही - भाजपाई ही कह रहे हैं - 'अब की बार' दिल्ली में खुशहाली लाना है .. ..

यानि 'अब की बार' तो गज़ब ही हो गया - क्योंकि 'अब की बार' इतनी साफगोई !! - वो भी इतनी चालाकी इतनी निर्लज्जता के साथ !! .. पर साथ ही मजबूरी में इतनी फूहड़ता के साथ भी !! .. .. 

'अब की बार' तो मानना ही पड़ेगा कि ये कारनामी भाजपाई देश को रुला-रुला कर ही अपनी खुशहाली लाएंगे .. ..

'अब की बार' पूरा हिंदुस्तान भुगतेगा .. 'अब की बार' पूरा हिंदुस्तान दिल्ली में एमसीडी चुनाव देखेगा .. .. बाक़ी - महँगाई - भ्रष्टाचार - स्वास्थ्य - शिक्षा - गरीबी - बेरोज़गारी - गर्मी - आदि से क्या लीजे-दीजे ?? .. ..

'अब की बार' तो हिंदुस्तान केजरी पर मोदीवार देखेगा .. और केजरीवाल का पलटवार देखेगा .. है ना !! .. .. !! जय हिन्द !!

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/.. देश में एकाएक धार्मिक उन्माद के छा जाने से और कानून व्यवस्था का अपहरण कर लिए जाने से आहत - मेरे दिल दिमाग से रचित कुछ पंक्तियाँ - मेरे समस्त मदमस्त धार्मिक मित्रों को नमन के साथ समर्पित !! ..../


मैं नास्तिक हूँ ..
पर अधर्मी नहीं ..

तू आस्तिक ही सही .. 
पर होश में नहीं .. 

ये ईश्वर कहाँ है .. 
दिखा है कहीं ? .. 

मैं औकात में हूँ ..
मेरी औकात नहीं .. ..

०१/०४/१७ 
मेरे दिमाग की बातें - दिल से .. ब्रह्म प्रकाश दुआ
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Friday, 31 March 2017

// गुजरात गौहत्या कानून के विषयक मेरी भक्तों से हाथ जोड़कर दिली प्रार्थना !! ....//


हम सब गवाह हैं कि - देश की पुलिस स्तरहीन है और न्याय व्यवस्था चरमराई हुई है - और विशेषकर पूर्व में कई बेकसूरों पर इंसानों की हत्या तक के फ़र्ज़ी मुकद्दमें दर्ज हुए जिन्हें वर्षों लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद ही आरोप मुक्त होने में सफलता मिल पाई .. पर हत्या गैर जमानती जुर्म हो जब तक मुकद्दमें चले तब तक बेकसूरों बेगुनाहों निर्दोषों मासूमों पर क्या गुज़री होगी इसकी कल्पना एक सच्चा समझदार इंसान तो सहज ही कर सकता है - पर दिल पर हाथ रखकर शायद हर भक्त भी कर सकता है .. ..

इसलिए भक्तों को जागरूक करने के ईमानदार प्रयास के तहत मेरा भक्तों से प्रश्न कि .. गुजरात में गौहत्या को गैरजमानती अपराध घोषित करने के साथ ही क्या किसी भी शरीफ या भाजपा विरोधी या सरकार विरोधी व्यक्ति को गुजरात में किसी भी गौहत्या के झूठे आरोप लगाकर बड़ी आसानी से डराया धमकाया सताया निपटाया या कम से कम तत्काल नाहक परेशान नहीं किया जा सकेगा ?? .. क्या इस कानून का आसानी से दुरूपयोग नहीं किया जा सकेगा ?? .. और यदि किया जा सकेगा तो किया क्यों नहीं जाएगा - इस बात की क्या गारंटी ?? .. ..

भक्तो !! .. आप भी इस देश के ही तो नागरिक हो .. और हर देशवासी आपका अपना ही तो है .. और यदि अपनी-अपनी समझ अनुसार - आप मोदी का समर्थन कर रहे हो - या मैं मोदी का विरोध कर रहा हूँ - तो मेरा आपका बिना स्वार्थ मकसद तो एक ही है ना !! - देश की भलाई !! - है ना !! .. ..

इसलिए क्या इंसानियत और मानवीयता के हक़ में गलत इरादों से बनाए गए ऐसे खतरनाक कानूनों का विरोध करना आपका भी फ़र्ज़ नहीं बनता ?? .. ..

मेरी आप से हाथ जोड़कर प्रार्थना है कि सोचियेगा जरूर और कुछ न्यायसंगत तर्कसंगत सोच के साथ अच्छा ही कीजियेगा - भले ही फिर उसके बाद मोदी मोदी मोदी भी करते रहिएगा .. ..

आइए अभी भी वक्त है .. शुरुआत करें और मिलकर इस देश को बचा लें .. .. !! जय हिन्द !!

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// गौमाताओं को आधार नंबर तो दे दो .. नाम पते और खुरों के निशानों के साथ ....//


गाय हमारी माता है .. गौहत्या पाप है .. गौहत्या जुर्म भी है .. पर प्रदेश-प्रदेश में जुर्म और सज़ा में बहुत विविधताएं हैं .. ..

क्या है ना कि इस देश में अभी 'यूनिफाइड सिविल कोड' लागू नहीं हुआ है .. और मोदी जी इसके लिए कृतसंकल्पित तो हैं पर बेचारों के पास अभी राज्यसभा में बहुमत नहीं है .. इसलिए 'यूनिफाइड काऊ कोड' भी प्रभाव में नहीं आ पा रहा होगा .. और इसके कारण बहुत परेशानी होने वाली है .. मसलन यदि गुजरात में गौहत्या हुई तो उम्रकैद .. पर यदि गुजरात से बाहर ले जाकर गौहत्या की जाती है तो ?? .. तो क्या गुजराती गौमाता को इंसाफ नहीं मिलेगा ?? .. ..

इसलिए मेरा मोदी सरकार को एक सुझाव है .. जब तक राज्यसभा में बहुमत नहीं मिलता और 'कॉमन सिविल कोड' के अन्तर्गत 'कॉमन काऊ कोड' बिल प्रभाव में नहीं आता - तब तक बैठे-ठाले देश की सभी गौमाताओं को आधार नंबर तो दे दो .. नाम पते और खुरों के निशानों के साथ .. ताकि भविष्य में जुर्म होने पर ये तो  मालुम पड़ सके कि गाय गुजराती थी या नॉन-गुजराती - ताकि सजा के निर्धारण में कानूनी दिक्कतें नहीं आएं .. आखिर गाय हमारी माता है भाई !! .. .. !! गौमाता की जय !!

मेरे दिमाग की बातें - दिल से .. ब्रह्म प्रकाश दुआ