Monday, 4 March 2019

यदि बन्दूक होती तो.. यदि राफेल होते तो.. ..


// तो युद्ध हो गया ??.. मान लें मुंह तोड़ दिया.. या मुंह दिखाने के लायक भी नहीं ??.. //


मुझे लगने लगा है कि मीडिया में और मीडिया का गरमाया युद्ध अब ठंडा गया है.. या टाला गया है.. या हो गया मान लिया गया है.. या जीत लिया मान लिया गया है.. या जीता बताया जाने लगा है..

और कुल मिलाकर मुझे लगने लगा है कि भले ही युद्ध जैसे हालात बने रहेंगे या बनाए रखे जाएंगे पर युद्ध तो अभी नहीं होगा..
क्योंकि जैसे ताली २ हाथ से ही बजती है.. वैसे ही युद्ध होने के लिए २ योद्धा पक्ष जरूरी होते हैं..

तो मान कर चलिए कि अभी जो भी होगा तमाशे जैसा या मिलीजुली कुश्ती जैसा होगा.. युद्ध जैसा नहीं होगा.. और युद्ध जैसा यदि होगा तो भारत में आगामी चुनाव मई २०१९ के बाद ही होगा..

तो प्रश्न उठता है - और मैं प्रश्न उठाता हूँ कि - यदि ऐसा होता है तो.. ..

क्या इन चुनावों में तब भी इसे मोदी द्वारा मुंह तोड़ दिया माना जाएगा ??.. 
या फिर मोदी को मुंह दिखाने के लायक भी नहीं माना जाएगा ??..

मुंहतोड़ निर्णय अब आपका !!.. मुंह तोड़ने की बारी अब आपकी !!..
जय हिन्द !!..

ब्रह्म प्रकाश दुआ
'मेरे दिमाग की बातें - दिल से':- https://www.facebook.com/bpdua2016/?ref=hl

Sunday, 3 March 2019

सितम्बर-अक्टूबर इस साल निगोड़ी फरवरी से पहले आ जाते तो.. ..


अगर हमारे पास एक काबिल प्रधानमंत्री होते तो ??..


// टुच्चों से तो टुच्चे भी नहीं डरते.. ..//


भक्तों का उन्माद !!..
मोदी से डर गया इमरान खान..
मोदी से काँपा पूरा पाकिस्तान..

अरे पुल्लू के अट्ठों.. अक्ल के लट्ठों..

मोदी से पप्पू तो डरा नहीं..
रवीश अभिसार पुण्य प्रसून विनोद कन्हैया तो डरे नहीं..
और तो और वो रॉबर्ट जीजा तक तो काबू में आया नहीं..

और शत्रु स्वामी यशवंत कीर्ति शौरी दिन रात हड़काते रहे और तुम कसमसाते रहे..
और फिर क्रांतिकारी केजरी तो सदैव ही लानत बरसाता रहा और धिक्कारता रहा.. 

और ठाँय ठाँय ठाँय के जवाब में तुम शायद बचपन की आदत अनुसार चाँय चाँय चाँय ही करते रहे..
और फिर अभिनंदन करने लगे.. फ़ोकट की कॉन्ग्रैचुलेशन्स देने लेने लगे..

याद रखना ये वीरों की भूमि है और इसे "हिन्दुस्तान" कहते हैं..
और यदि कोई डरता है या इज़्ज़त देता है तो वो "हिन्दुस्तान" से डरता है और "हिन्दुस्तान" को इज़्ज़त देता है..

वरना टुच्चों से तो आजकल टुच्चे भी नहीं डरते..
चाहे फिर वो इमरान हो या फिर पाकिस्तान !!..

और यदि टुच्चों को डरा भी दिया तो भी कोई नवाई नहीं कर दी.. नवाई तो तब होती जब टुच्चों को नेस्तनाबूद कर देते.. नवाई तो तब होती जब सही मायने में कुछ शानदार कर गुजरते.. एक काबिल प्रधानमंत्री से अपेक्षित कर गुजरते.. या फिर कम से कम ऐसे संवेदनशील मामले में अपनी ५६" ज़ुबान पर ही काबू रख लेते - और ओछी राजनीति से बाज आ जाते !!..

जय हिन्द !!..

ब्रह्म प्रकाश दुआ
'मेरे दिमाग की बातें - दिल से':- https://www.facebook.com/bpdua2016/?ref=hl

Saturday, 2 March 2019

अनपढ़ चोर चौकीदार की डिग्री फ़र्ज़ी है..


// प्रियवर !!.. किसी दंगे में मत फंस जाना.. कहीं आतंकी मत बन जाना.. ..//


जो बेरोजगार थे.. कुछ नहीं करते थे.. और जो युद्ध छेड़ने और युद्ध में लड़ने खपने की हुंकार भरने लगे थे.. ..

अब युद्ध टाल दिए जाने के बाद - और अभिनंदन के लौटाने और लौटने के बाद.. और अब कुछ जोशपूर्ण या उत्तेजक या मसालेदार होने की संभावनाएं क्षीण रह जाने के बाद.. और पूरा माहौल कुछ ठंडा सा पड़ने के बाद.. उन बेचारे बेरोजगारों के लिए मेरी समझाइश..

युद्ध तो अपनी सेना कर लेगी.. और अभिनंदन अपने घर चले जाएगा..
पर अब ध्यान दो.. चुनाव सर पर हैं.. ..
उठाओ झंडा डंडा और अपने काम से लगो..
देखो कौन सी पार्टी ज्यादा पैसे दे रही है.. बस उसके प्रचार में लग कर कुछ कमाई कर लो..
और वोट अपनी अक्ल से जिसे देना है उसे ही देना..
पर इस बार कोई चौकीदार मत चुन लेना..
इस बार कोई प्रधानमंत्री चुन लेना - समझे !!..

और चुनाव बाद यदि रोज़गार मिल जाए तो ठीक..
वरना मंदिर निर्माण अभियान से जुड़ जाना..
या फिर आरक्षण के किसी भी आंदोलन से जुड़ जाना..
या फिर देशभक्ति या धर्म के नाम पर चंदा उगाही के व्यवसाय में लग जाना..
या फिर भगवा धारण कर शंख फूंक कर या शाखा ज्वाइन कर काम चला लेना.. 

पर मेरे प्रियवर !!.. कभी भी हिन्दू मुसलमान मत करना.. किसी दंगे में मत फंस जाना.. कहीं आतंकी मत बन जाना.. ..

जय हिन्द !!..

ब्रह्म प्रकाश दुआ
'मेरे दिमाग की बातें - दिल से':- https://www.facebook.com/bpdua2016/?ref=hl