Wednesday, 4 October 2017

// मुझे तो हनीप्रीत और मोदी दोनों ही झूठे लगते हैं .. और डंडे पड़े तो ही उगलेंगे .. ..//


मैं निर्दोष हूँ : हनीप्रीत .. ..
मुझ पर भ्रष्टाचार का कोई आरोप तक नहीं : मोदी .. ..

मुझे लगता है कई नासमझ या भोले लोगों को लगता होगा कि दोनों हनीप्रीत और मोदी सही कह रहे होंगे .. .. पर भक्तों को तो यही लगता होगा कि हनीप्रीत झूठ बोल रही है .. ..

और मुझे लगता है कि हनीप्रीत और मोदी दोनों झूठ बोल रहे हैं .. अपराधी दोनों हैं - पर कोई भी अपराधी अपने अपराध का कबूलनामा सामान्यतः सहजता से नहीं करता है या कर पाता है .. .. कबूलनामा तो तब ही होता है - जब डंडे पड़ते हैं .. ..

मसलन जब हनीप्रीत को डंडे मार यह पूछा जाए कि वो ३८ दिन कहाँ छुपी थी ?? क्यों छुपी थी ?? राम रहीम से क्या रिश्ता ?? इतना धन और विलासिता के इतने साधन कहाँ से जुगाड़े ?? डेरे में तुम्हारा क्या रोल था ?? और अब कई प्रश्नों के उत्तर क्यों नहीं दे रही ?? - तो वो सब उगल देगी .. शर्तिया !! .. ..

और इसी तरह यदि मोदी को डंडे मार यह पूछा जाए कि जसोदाबेन से अपने रिश्ते के बारे में मौन क्यों ?? वो भी भरी जवानी में घर से भाग कई वर्षों तक कहाँ मुहं छुपाने गए थे ?? क्या कोई अपराध करके भागे थे ?? और जहां गए थे वहां क्या गुल खिलाए थे ?? वो अपनी डिग्री पर मौन क्यों ?? उच्च कोटि के संदिग्धों की डायरियों में उनका नाम क्यों ?? पेट्रोल के दाम अब तक भी इतने ज्यादा क्यों ?? तुअर दाल २०० रु किलो बिकी तो क्यों ?? टमाटर प्याज के भाव इतने ऊपर नीचे क्यों ?? भ्रष्टाचारी भाजपाई मुख्यमंत्रियों और नेताओं का बचाव क्यों ?? भ्रष्टाचारी कोंग्रेसियों को भाजपा में लिया ही क्यों ?? प्रधानमंत्री बनने के बाद भी पार्टी में तुम्हारा इतना बड़ा रोल क्यों ?? नोटबंदी के द्वारा कालाधन सफ़ेद हुआ ही क्यों ?? ५० दिन की बात कह कर आज तक चौराहे पर पहुंचे नहीं तो क्यों ?? .. ..

और ये तुमने अपने और अपनी पार्टी के चुनाव प्रचार पर अरबों रूपए खर्चे ही क्यों ?? और ये अरबों रूपए आए कहाँ से अब तक नहीं बताए तो क्यों ?? और मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री बनने से पूर्व ज़िन्दगी भर बिना काम धंधे के इतनी विलासिता और इतनी विदेश यात्राओं पर संसाधन की जुगाड़ कैसे होती थी अब तक बताया नहीं तो क्यों ?? और तुम झूठ बहुत बोले तो क्यों ?? तुम्हें शर्म नहीं आती तो क्यों ?? तुम्हारे मन में गरीब के प्रति संवेदनाएं नहीं तो क्यों ?? तुम्हारी नियत में खोट तो क्यों ?? और तुम सांप्रदायिक साज़िशें रचते हो तो क्यों ?? और लोगों के प्रश्नों के जवाब नहीं देते हो तो क्यों ?? .. ..

यानि क्यों ?? क्यों ?? क्यों ?? का तो अम्बार है .. फिर हनीप्रीत पर ही इतने सारे ऐसे ही प्रश्नों की बौछार क्यों ?? .. जी हाँ !! गौर करियेगा कि हनीप्रीत और मोदी से पूछे जाने वाले समस्त अनुत्तरित प्रश्न एक समान श्रेणी के ही तो हैं .. हैं ना !! .. ..

इसलिए मेरा हरियाणा पुलिस और केंद्र सरकार से अपेक्षा है कि जनहित और न्यायहित में हनीप्रीत और बलात्कारी बाबा सहित सभी मुजरिमों को डंडे लगा सारा सच सामने लाकर मुजरिमों को सजा दिलवाई जाए .. और जनता से अपेक्षा है कि जनहित और देशहित में मोदी और उनकी टोली को भी सजा दिलवाने की कोशिशों में 'डंडे' के प्रावधान सहित तनिक भी कोताही नहीं बरती जाए .. जय हिन्द !!

ब्रह्म प्रकाश दुआ
'मेरे दिमाग की बातें - दिल से':- https://www.facebook.com/bpdua2016/?ref=hl

Tuesday, 3 October 2017

// राम रहीम बेगुनाह साबित होंगे ?? .. तो क्या मोदी भी ?? .. ..//


३८ दिन हो गए - छुपते छुपाते अब जाकर हनीप्रीत ने बयान देने की किरपा फ़रमाई है - और बिना सरेंडर किये ही कहा है - एक दिन बेगुनाह साबित होंगे गुरमीत राम रहीम .. ..

बात में दम लगता है .. ..

क्योंकि वो ५० दिन कब के बीत गए - मोदी भी तो बचते बचाते चौराहे पर सरेंडर नहीं किये - और भक्त भी अब यही कहते हैं कि मोदी भी एक दिन बेगुनाह साबित होंगे .. ..

और इसलिए मैं सोच रहा हूँ कि इस देश में फिर गुनहगार कौन ?? .. और आखिर ये गुनहगार साबित कब होंगे ?? .. ..

और मेरा ऐसा मानना है कि हर गुनहगार एक दिन गुनहगार साबित होगा बशर्ते हम सरकार से गुनहगारों की छुट्टी कर सकें .. धन्यवाद !! .. ..

ब्रह्म प्रकाश दुआ
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// त्रिपाठी व्यक्तिगत कारणों से छुट्टी गए - ऐसे ही मोदी-योगी कब जाएंगे ?? .. ..//


बीएचयू पिछले दिनों काफी चर्चा में रहा - बातें ही कुछ ऐसी थीं कि सबके सरोकार की और किसी को हजम ना होने वाली .. और चर्चाओं में बीएचयू की पीड़ित छात्राएं तो कम रहीं पर निकम्मा शासन और मुजरिम प्रशासन ज्यादा रहा .. .. और इसलिए मोदी-योगी-त्रिपाठी चर्चाओं के नकारात्मक हिस्से के केंद्रबिंदु बने रहे .. ..

और अब समाचार आया है कि आज बीएचयू के खुलने से ठीक पहले उपकुलपति त्रिपाठी लम्बी छुट्टी पर चले गए हैं .. और छुट्टी पर जाने के पीछे उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया है .. ..

मेरी छुट्टी प्रतिक्रिया .. ..

खोखले दिमाग वाले भक्तों को छोड़ शायद ही कोई माने कि त्रिपाठी व्यक्तिगत कारणों के चलते लम्बी छुट्टी पर गए हैं .. .. पर यदि भक्तों पर तरस खा मैं ये बात मान भी लूँ तो फिर मैं बड़ी उत्सुकता से सोच रहा हूँ कि ये मोदी-योगी के पास भी क्या कोई व्यक्तिगत कारण नहीं कि ये भी छुट्टी पर जाएं ?? .. ..

और मेरा जवाब है कि ये जो त्रिपाठी है ना ये बिल्कुल मोदी-योगी स्टाइल में दादागिरी बता रहा था - और भयंकर गुमान में था - और इसलिए ही अपनी मनमानी कर रहा था - ऊटपटांग हरकतें पटक रहा था - और इसे पूरा भरोसा था कि इसका कोई बाल बांका नहीं कर सकेगा क्योंकि शायद इसके पीछे किसी आसुरी शक्ति का हाथ था .. ..

इस बात को ऐसे भी समझा जा सकता है कि त्रिपाठी प्रधानमंत्री - मुख्यमंत्री होने जैसा व्यवहार कर रहा था .. और मोदी-योगी एक विश्वविद्यालय के कुलपति होने जैसा व्यवहार करते रहे थे .. ..

बस इसलिए मैं मानता हूँ कि मोदी-योगी का हाल भी ठीक त्रिपाठी जैसा ही है .. बस कसर है तो इतनी सी कि देखना होगा कि इनको इनके व्यक्तिगत कारणों के बारे में होश कब आएगा - और ये छुट्टी पर कब जाएंगे .. ..

और मेरे हिसाब से तो त्रिपाठी इसलिए छुट्टी गए कि उन पर जनता का जबरदस्त दबाव आ गया था - जी हाँ 'दबाव' !! .. और मेरे हिसाब से आजकल जनता का जबरदस्त ऐसा ही दबाव मोदी-योगी पर भी बन रहा है .. तो बस दरकार इस बात की है कि दबाव बनाया जाता रहे और मोदी-योगी को भी व्यक्तिगत कारण जल्द समझ में आ जाएं .. इंशाअल्लाह !! .. जल्द आयद दुरुस्त आयद !! .. ..

भारत माता की जय !! वंदे मातरम !! जय हिन्द !! इंकलाब ज़िंदाबाद !!

ब्रह्म प्रकाश दुआ
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Monday, 2 October 2017

// टुच्चे भक्तों !! .. गाँधी और भगत सिंह दोनों को यथायोग्य सम्मान तक नहीं ?? .. ..//


आज भक्तु ने फिर से व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी में निर्मित घटिया पोस्ट कॉपी पेस्ट कर मारी है .. ..

" कैसे मैं सम्मान करु‪ ‎गाँधी‬ वाली सीखों का
 मैं तो कर्ज़दार हूँ‪
 भगत सिंह‬ की चीखों का...
 जय हिन्द " .. ..

मेरी गुस्से से भरी प्रतिक्रिया .. ..

अरे एहसानफरामोशों   .. तुमने गाँधी का सम्मान नहीं किया ये तो सर्वविदित है ही .. .. पर उससे बड़ा तथ्य तो ये भी है जिसे आज मैं डंके की चोट पर सार्वजनिक कर रहा हूँ .. ..

और वो तथ्य ये है कि तुमने भगत सिंह की तथाकथित चीखों का अभी तक रत्ती भर कर्ज़ा भी नहीं उतारा है .. बल्कि तुमने तो अब तक कई निर्दोषों और देश के अपने ही नागरिकों की चीखें निकालने का ही काम किया है .. तुमने तो गुंडागर्दी तक चालू कर दी है .. .. शर्म करो !! .. ..

और शर्म इसलिए भी करो कि बताया तो ये भी गया था कि शहीद भगत सिंह बिना चीखे भारत माता के जयकारे लगाते निर्भीक निडर हो फांसी पर झूल गए थे .. .. तो बेवकूफों ये चीखों वाली बात तुम्हें किस गधे ने पेल दी ?? .. ..

इसलिए तुम्हें तो धिक्कार ही है .. फिर चाहे वो गाँधी के लिए हो या भगत सिंह के लिए या फिर तुम्हारी छद्मराष्ट्रभक्ति या छद्मदेशप्रेम के लिए .. या फिर तुम्हारी साम्प्रदायिक गुंडागर्दी के लिए .. ..

तो अब और चीखते रहो - कपडे फाड़ते रहो .. .. हा !! हा !! हा !! .. ..

और सोचना कि क्या ही बेहतर ना होता कि तुम गाँधी और भगत सिंह दोनों को यथायोग्य सम्मान देते और अपने दिमागी दिवालियेपन का सबूत ना दिए होते .. .. सोचोगे ना !! .. ..

ब्रह्म प्रकाश दुआ
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// इनके खुद के पितृपुरुष सरदार-शास्त्री जैसे ना हुए तो इन्होंने तो गोद ले लिए ..//


आज मैंने पाया कि लालबहादुर शास्त्री भी एकाएक सरदार पटेल की श्रेणी में आ गए हैं - क्योंकि आज तो मैंने कई भक्तों को उन्हें शत्-शत् नमन करते रंगे हाथों पकड़ा है - और वो भी खाली हाथ नहीं बल्कि इस तथ्यात्मक टिपण्णी के साथ कि - " भारत के अब तक के सबसे महान PM " .. ..

और मुझे लगा कि क्योंकि इनके खुद के पितृपुरुष सरदार-शास्त्री जैसे ना हुए तो इन्होंने तो गोद ले लिए .. और वो भी अपने ही PM वाजपेयी तक को बिसार के !! .. ..

खैर इसमें भी कोई बुराई नहीं है - क्योंकि आज एक तथ्य स्वीकार किया है कि लालबहादुर शास्त्री अब तक के सबसे महान PM थे - तो आगे चलकर इन्हें यह भी तथ्य स्वीकार करा ही देंगे कि मोदी अब तक के सबसे बेकार बकवास नकारा PM साबित हुए .. ..

इसलिए जितनी बार भी मैंने मोदी जी को कोसा होगा आज उससे शत् गुणित बार देश के छोटे से कद काठी और छाती के महान लाल लालबहादुर शास्त्री जी को नमन !! .. ..

और इस खास मौके पर देशहित में एक बार फिर मोदी जी को धिक्कार के साथ कहूंगा कि - बातें बहुत हो गईं - लालबहादुर जैसे एक आध काम भी तो कर के बताओ !! .. ..

ब्रह्म प्रकाश दुआ
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// मोदी झेलने की कैपेसिटी बढ़ा रहे हैं .. पर मोदी को झेलने की कैपेसिटी ?? ....//


पीएम नरेंद्र मोदी ने आज गांधी जयंती के मौके पर विज्ञान भवन में कहा कि स्वच्छता अभियान के तीन साल में हम आगे बढ़े हैं बेशक - इसके लिए लोगों ने मेरी आलोचना की कि हमारी २ अक्टूबर की छुट्टी खराब कर दी - मेरा स्वभाव है कि बहुत-सी चीजें झेलता रहता हूं - झेलना मेरा दायित्व भी है और झेलने की कैपेसिटी भी बढ़ा रहा हूं .. ..

मेरी बिना और झेले प्रतिक्रिया .. ..

मोदी जी लोग आपकी आलोचना कर रहे हैं - और आप झेल रहे हैं !! .. और झेलने की कैपेसिटी बढ़ा रहे हैं !! .. .. क्या ये उचित है ?? .. क्या ये हठधर्मिता नहीं ?? .. क्या ये अड़ियल रवैय्या नहीं ?? .. क्या ये बेशर्मी और ढीठता नहीं ?? .. ..

नहीं-नहीं मोदी जी ऐसा नहीं चलेगा - आप अपनी झेलने की कैपेसिटी बढ़ाते हो तो बढ़ाओ - पर हम तो संवेदनशील समझदार जवाबदार लोग हैं - और इसलिए अब हमारी कैपेसिटी आपको झेलने की बिलकुल भी नहीं बची है .. और आप हमारे लिए एक बोझ बन चुके हो !! .. ..

इसलिए बेहतर होगा कि अब आप लोगों की आलोचनाओं का आदर करो - और चलते बनो - या फिर अपना पहला वादा निभाओ और मिलो ५० दिनी चौराहे पर .. समझे !! .. ..

ब्रह्म प्रकाश दुआ
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// संघ परिवार का हिन्दू हिंदुत्व राष्ट्रभक्ति का व्यवसाय अब ठंडा पड़ता जा रहा है ..//


ये सभी संघ परिवार के रूप में इकट्ठे हुए - साम दाम दंड भेद राजनीति पैसा लत्ता सब दांव पर लगा - और भक्तों को काम पर लगा .. और कइयों को बहला फुसला - और कइयों को खरीद कर तो कइयों को बेवकूफ बना - जीत गए और शानदार जीत गए .. ..

और अब तक ये सोच रहे थे कि संघ के आशीर्वाद से - विहिप और बजरंग दल के सहयोग से - और रामदेव और शिवसेना के बाहरी सहयोग से - और अंबानी अडानी की पार्टनरशिप में - ये जनता को ठेंगा बताते हुए भी और पूरी बेशर्मी और ढीढता से अपनी मनमानी करते हुए सत्ता में बने रहेंगे .. ..

पर लगता है कि बंदरबांट का संतोषजनक निपटारा हो नहीं पाया है .. और बिखराव शुरू हो गया है .. ..
सबसे पहले शिवसेना ने तेवर दिखाए - तो फिर विश्व हिन्दू परिषद् ने बीफ और राम मंदिर के नाम पर और बजरंगियों ने गौरक्षकों के नाम पर तेवर दिखा दिए हैं .. .. और अब तो खुद मोहन भगवत ने भी सरकार के कई निर्णयों और कृत्यों की तरफ ऊँगली उठा दी है - और ठेंगे-अंगूठे दिखा दिए हैं .. और तो और अब तो पार्टी के कुछ दबंग भी दहाड़ने लगे हैं - और मोदी जेटली की तो बोलती ही बंद कर दिए हैं .. ..

और गोदी मीडिया भी गोदी में अंगड़ाई लेने लगा है और कभी ऊँगली कर रहा है तो कभी चुकोटियाँ खसोटने लगा है - तो कभी सुस्सू भी कर दे रहा है .. .. और कुछ रविश कुमार अभिसार शर्मा जैसे लोग तो गोदी मीडिया की ही ऐसी तैसी कर पा रहे हैं .. और कन्हैया कुमार जैसे कई लोग सोशल मीडिया पर छा रहे हैं और इन्हें छका सा रहे हैं !! .. ..

और इन सबके अलावा - जनता ने तो अब मोदी और मोदी सरकार के विरुद्ध कथनों चुटकुलों और अपशब्दों अपवाक्यों अपलेखों अपनिबंधों की झड़ी सी लगा दी है .. .. और शुद्ध अशुद्ध गालियां भी दी ही जा रही हैं .. और भक्त ये सब नई-नई सुनने को अभिशप्त से दिख रहे हैं .. और बेचारे कुछ 'हिन्दू-मुसलमान' वाले भड़काऊ वाहियात पुराने घिसे पिटे वीडियो या घृणित लेख कॉपी पेस्ट कर जैसे तैसे बमुश्किल अपना काम चलाने में लगे पड़े हैं - क्योंकि वैसे भी अब नया कुछ सूझ ही नहीं रहा है - तो करें भी तो क्या ?? .. ..

और इसलिए आज मुझे सुखद एहसास होने पर सत्तासीनों को संदेश !! .. कि यदि तुम राम मंदिर गाय हिन्दू हिंदुत्व राष्ट्रभक्ति का व्यवसाय कर सकते हो तो इस व्यवसाय में अन्य छोटे बड़े व्यवसाई और ब्रांड भी मौजूद हैं - और कॉम्पिटीशन तगड़ा है .. और फिर हम जैसे सच्चे राष्ट्रभक्त भी अभी कहाँ मर गए हैं .. हम सब भी तो मौजूद हैं तुम्हे निपटाने के लिए .. ..

और अब तो तुम निपट ही रहे हो .. क्योंकि तुम्हें तो निपटना ही था - क्योंकि तुम ने बहुतेरी मूर्खताएं पटक दी हैं - क्योंकि तुम तो हो ही मूर्ख !! .. नहीं समझे ना !! .. समझोगे भी नहीं क्योंकि आखिरकार तुममें सत्ता के नशे का सेवन करने के बाद समझने का माद्दा ही कब बचा था !! .. मसलन तुम समझ ही नहीं पाए कि बुलेट ट्रेन या मूर्ती या मंदिर बनाने के जुमले जारी करने से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण तो १००० रूपए का नया नोट जारी करना था !! .. करना था ना ?? .. ..

ब्रह्म प्रकाश दुआ
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