Monday, 31 July 2017

// मुझे लगता है भगवान की भी बिहार सरकार में साझेदारी जरूर होगी ....//


हाय रे !! आज तो मासूमियत की भी इंतहा हो गई .. चिरकुटई चेहरे पर मासूमियत चिपका के वो बोल दिए .. हमने बिहार में किसी दल को नहीं तोड़ा है !! .. ..

पिछले ३-४ साल में उनके मुहँ से पहली १००% सत्य बात सुनकर अच्छा लगा .. पर ये जानकार आश्चर्य भी कि ये सबको १००% बेवकूफ क्यों समझते हैं .. और यह जानकार दुःख और सुख भी हुआ कि भक्त १००% बेवकूफ भी बन सकते हैं .. ..

और इस बीच मैं ये भी सोच रहा था कि ये भगवान इन जैसे चिरकुटों पर ही मेहरबान क्यों होते हैं जो किसी भी दल को तोड़े बगैर बिहार में सरकार बना बनवा लेते हैं और सरकार से अनेक नैतिक अनैतिक लाभ प्राप्त करते रहते हैं .. .. और मेरी सोच ये कहती है कि भगवान की भी बिहार सरकार में साझेदारी जरूर होगी .. है ना .. .. !! जय बिहार !! .. !! जय भगवान !!

मेरे दिमाग की बातें - दिल से .. ब्रह्म प्रकाश दुआ

// बिहार के घटिया घटनाक्रम से सफल मोदी और कमज़ोर हुए ....//


यदि कोई सोच रहा है - जैसा कि कई सोच रहे हैं - कि बिहार में नितीश को चित्त पट्ट कर अपने साथ मिलने पर गज़ब की कामयाबी कर मोदी फिर सफल हो गए - तो मैं कहूंगा शायद वो सही सोच रहे होंगे .. ..

पर मैं जो सोच रहा हूँ वो ये है कि मोदी सफल हो और कमज़ोर भी हो गए .. क्योंकि उन्होंने ये सफलता हासिल करने के लिए अपना बहुत कुछ दांव पर लगा दिया .. और शायद कुछ गलतियां भी कर गए - जिसके कारण उनकी कारगुजारियां भी सबके सामने उघड़ गईं .. ..

ये ऐसा ही कुछ हुआ है - कि एक चोरी की वारदात हुई - चोरी चालाक और दबंग चोर ने करी - और चोर चोरी का माल साथ ले मौका-ए-वारदात से भाग लिया - और इसलिए चोरी तो सफल हुई - पर चोर मौका-ए-वारदात पर अपने जूते और टोपी छोड़ गया .. और वारदात सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गई .. ..

और छोड़े हुए जूते टोपी और सीसीटीवी कैमरे से साफ़ तय हो गया कि असल चोर कौन था !! .. पर चोर क्योंकि शातिर था और रसूखदार भी इसलिए पुलिस ढीली पड़ गई .. पर अंततः त्रस्त जनता ने चोर को निपटाने की ठान ली .. .. और एक दिन चोर को निपटा दिया गया .. ..

बस इसलिए ही तो मेरा ऐसा मत रहा है कि वो चोर ईमानदार तभी तक जब तक वो चोरी करते धराए नहीं .. और जो धरा जाए वो चोरी करने के लायक भी नहीं .. ..

और मैं इसलिए कहता हूँ कि अब बहुत हुई .. बिहार के घटिया घटनाक्रम से मोदी और कमज़ोर हुए .. वो अब और हेराफेरी और फांकने के लायक भी नहीं .. बशर्ते जनता कुछ ठान तो ले .. !! जय हिन्द !!

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Sunday, 30 July 2017

// !! जय श्री राम !! .. वो भी बिना माफ़ी के साथ .. हा !! हा !! हा !! ....//


बिहार के पुराने वाले नए मुख्यमंत्री के नए मंत्रिमंडल में बनाए गए ताजे मंत्री खुर्शीद अहमद ने "जय श्री राम" का नारा क्या लगाया - कि कुछ धार्मिक ठेकेदारों ने हल्ला मचा दिया - और कुछ ने तो उन्हें माफ़ी मांगने पर मजबूर कर दिया - और मंत्री खुर्शीद अहमद ने माफ़ी मांग ली .. ..

जी हाँ इसी देश में "जय श्री राम" का नारा लगाने पर माफ़ी !! .. और अब तक कोई बादल भी नहीं फटा !! .. तो क्या बदला बदला देश फिर बदल रहा है ?? .. या कोई बदला तो नहीं ले रहा ?? .. या दोगला अदला-बदला तो नहीं कर रहा ?? .. ..

और मुझे तो अभी यह भी ताज़ा-ताज़ा याद है कि राष्ट्रपति के शपथ समारोह के ठीक बाद भी तो "जय श्री राम" का नारा लगाया गया था - वो भी बिना माफ़ी के साथ !! .. ..

खैर जो भी हो .. !! जय श्री राम !! .. वो भी बिना माफ़ी के साथ .. हा !! हा !! हा !! ..

मेरे दिमाग की बातें - दिल से .. ब्रह्म प्रकाश दुआ

// वो 'चीनी' चाय में घोल कर पी जाएंगे - तो 'पाक' मैं ओवन में पका कर खा जाऊँगा .. //


वो कह रहे हैं - 'चीनी' तो हम चाय में घोल कर पी जाएंगे ..
और मैं बता दूँ 'पाक' मैं ओवन में पका कर खा जाऊँगा .. ..

तो अब समस्या क्या बची ?? .. क्या चरखी मिर्ची बची - और लगी ?? .. ..

लगी तो ठीक है लगने दो .. आखिर भक्तों के पास किसी भी समस्या का इलाज भी कहाँ - यदि होता तो चीन और पाकिस्तान विषयक हम बचकानी लफ़्फ़ाज़ी थोड़े ही कर रहे होते .. है ना !!

मेरे दिमाग की बातें - दिल से .. ब्रह्म प्रकाश दुआ

/.. बधाई !! डबल बधाई !! .. ..

उधर सुरक्षाबलों ने पुलवामा कश्मीर में २ आतंकवादियों को ढेर कर दिया है ..
और इधर जांबाज भाजपा ने गुजरात और यूपी में घात लगा कई विपक्षी विधायकों को ढेर कर दिया है .. ../
भारत माता की जय !!

मेरे दिमाग की बातें - दिल से .. ब्रह्म प्रकाश दुआ

// उसी मन की - 'मन की बात' .. और मेरी प्रतिक्रिया .. ..//


अभी-अभी प्रधानसेवक के उसी मन की 'मन की बात' सुनी - जो अब भाती नहीं है .. ..

वो बोले .. वर्षा प्रकृति बाढ़ मौसम चक्र विनाश .. 'मैं' और 'मेरे' सब लोग जी जान से लगे पड़े हैं आपदा प्रबंधन में .. पर अप्राकृतिक कार्यों से हो रहे या किए जा रहे विनाश के बारे में नहीं बोले ..

GST के बारे में - अपनी प्रशंसा की - GST का गुणगान कर दिया - अपना संतोष व्यक्त कर दिया .. और खुद की तारीफ करने वालों की तारीफ भी कर दी .. .. पर रोने वालों या परेशान होने वालों की क्या परवाह ?? .. .. और GST को सफल भी घोषित कर दिया .. ..

फिर अगस्त क्रांति - भारत छोडो आंदोलन की ७५ वीं जयंती के बारे में कुछ इतिहास की उज्जवल बातों के भरोसे वर्तमान की बकवास को बिसारते हुए आगे बढ़ लिए .. और पहुंच गए १८५७ तक .. लफ़्फ़ाज़ी का एक और अच्छा उदाहरण जिससे लोग प्रेरणा लें - और वो खुद क्या करें ?? .. चुप !! .. अब छोडो भी यार !! .. ..

और फिर आ गए १९४७ से आज तक के ७० साल पर घिसेपिटे डायलॉग .. .. और पहुंच गए २०२२ तक के सब्जबागों पर .. और संकल्प से सिद्धि तक भारत छोडो वाले नारे गढ़े .. और इतिश्री कर ली .. ..

फिर लाल किले से क्या कहना है - सवा सौ करोड़ से सुझाव आमंत्रित कर लिए .. और पहली बार एक सही बात कबूली कि वो बहुत लम्बा भाषण देते हैं - और इसलिए बोले इस बार छोटे भाषण की कोशिश करूंगा - पर गारंटी नहीं देता .. हा !! हा !! हा !! .. .. 

फिर उत्सव त्यौहार के बारे में कुछ गपशप कर ली .. और त्यौहारों को गरीब के जीवनोपार्जन का निमित्त या अवसर बताया .. ऐसा लगा कि गरीब का इसमें भला होता है इसका चिरकुटई संज्ञान भी इन्हें है .. ..

और फिर पर्यावरण .. इकोफ्रैंडली गणेश .. गणेशोत्सव के १२५ वर्ष को १२५ करोड़ भारतियों की संख्या से जोड़ा .. और लोगों से कुछ आह्वाहन कर दिए .. ..

और अंत में .. बेटियों के क्रिकेट की सराहना करी .. और फिर अपनी महानता और सीमित ज्ञानता को बघारते हुए इधर उधर की बातें करीं - जो ठीक ठाक थीं .. ..

इतिश्री मोदी के 'मन की बात' और मेरी प्रतिक्रिया !!

मेरे दिमाग की बातें - दिल से .. ब्रह्म प्रकाश दुआ

// मुख्यमंत्री थे और फिर से हैं - दिमाग है नहीं इसलिए लम्बी प्रक्रिया से मंत्री बदले .. //


(आज किस्मत वाले उद्दंडी मूर्खों के लिए ज्ञान की बात - आपसे माफ़ी के साथ) 

मैं जानता हूँ - और बहुत अच्छे से जानता हूँ - और आपने भी जाना होगा - कि मंत्रिमंडल में कौन मंत्री रहेगा या नहीं ये मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार होता है .. यानि मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री चाहे जिस गधे घोड़े काबिल नाकाबिल जीते हारे को अपनी इच्छा या सनक से मंत्री बनवा सकता है .. और बनवा चुका है - और बनाता ही रहता है .. और जिसे चाहे जब चाहे हटा भी सकता है .. .. कोई शक ?? .. ..

तो मेरी समझ में नहीं आ रहा कि नितीश मुख्यमंत्री थे - इस्तीफ़ा दे दिया - १६ घंटे कि फ़िज़ूल उठापटक और पापड़ बेलने के बाद फिर से मुख्यमंत्री की शपथ ले ली - फिर सदन में विश्वास मत हासिल करा - फिर मंत्रिमंडल का चयन कर जिसे चाहा उसे मंत्री बनवा दिया .. .. और इस लम्बी प्रक्रिया में फ़ोकट समय लगा और करोड़ों का खर्चा भी आया .. ..

इसलिए मैं सोच रहा हूँ कि यदि नितीश राज्यपाल को सीधे-सीधे एक लिस्ट भेज जो अब मंत्री नहीं रहे उन्हें बर्खास्त कर देते - और जिन्हें अभी मंत्री बनाया है उन्हें सीधे ही शपथ दिलवा देते - तो क्या गलत हो जाता ?? - कौनसा पहाड़ टूट जाता ?? - कोई क्या उखाड़ लेता ?? .. और क्या असंवैधानिक हो जाता .. और क्या नैतिक हो जाता ?? .. ..

यानि यदि नितीश ऐसा कर देते तो ये अनैतिक मात्र ही तो रहता ना - तो फिर फर्क क्या पड़ जाता .. बाबाजी का ठुल्लू !! .. हाँ नहीं तो !! .. दिमाग है नहीं और फालतू पेलते रहते हैं !! .. ..

तो अक्ल रखने वाले मित्रों - मैनें पते की बात कही ना !! .. धन्यवाद !!

वैसे मैं समझ सकता हूँ कि जब ये बात मोदी और नितीश और अन्य मुख्यमंत्री और संविधान विशेषज्ञ भी जानेंगे तो मेरा लोहा मानेंगे .. और भक्त अपनी खुपड़िया खुजाना चालू कर दिए होंगे .. क्योंकि मैनें बात ही ऐसी धाँसू कर दी है कि भक्त तो कन्फ्यूज्ड होंगे ही !! .. हा !! हा !! हा !! .. .. 

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