Tuesday, 10 April 2018

// बहुत छटपटाहट हो रही है !!.. अब छुटपुट नहीं बल्कि उठापटक की जरूरत है.. //


अपनी ही बेटी के १ वर्ष पूर्व हुए बलात्कार और उसके बाद भी लगातार हो रहे अन्याय का विरोध करने पर एक पिता को खुल्लमखुल्ला पूरी दबंगई के साथ पीट-पीट कर मौत के घाट उतार दिया गया !!..

और ये हतप्रभ करने वाला रोंगटे खड़े कर देने वाला वीभत्स दर्दनाक शर्मनाक हादसा हुआ भारत के उत्तरप्रदेश के उन्नाव में..

और सिद्ध हुआ कि मोदी और योगी जिनकी कोई बेटी नहीं और जो बाप ही नहीं.. वो किसी करम के नहीं.. और ये देश अब शांतिप्रिय न्यायप्रिय नागरिकों के लिए चैन से रहने लायक नहीं..

अब तो इस देश में रहने के लिए पहले इसे चुस्त दुरुस्त करना ही होगा.. और हमें समझना होगा और कल्पना करनी होगी कि उस दलित लड़की उसके दिवंगत बाप और उसके परिवार पर क्या भयावह गुजरी..

और ये भी कल्पना करनी होगी कि इस देश के कर्ताधर्ता कितने वहशी नालायक बेदर्द खौफनाक बेशर्म दरिंदे बेहया टुच्चे लफंगे अमानवीय चोर उचक्के बेरहम खुदगर्ज़ अपराधी कायर निकम्मे नकारा गुंडे सिद्ध हो रहे हैं.. और हम सब भी कितने खुदगर्ज़ और असंवेदनशील और असहाय या पंगु !!..

और ये भी कल्पना करनी होगी कि यदि मोदी योगी आज भी विपक्ष में होते तो वो क्या कहते और क्या करते - और सत्ता में रहकर भी वो क्या कर रहे हैं और क्या नहीं कर रहे हैं ??..

बहुत छटपटाहट हो रही है !!.. और अब छुटपुट नहीं बल्कि बहुत कुछ उठापटक करने की जरूरत महसूस हो रही है.. और ऐसा लग रहा है कि इस "राष्ट्र के बाप" और इसके सभी चेले चपाटी भक्तों को भी उचित सजा मिलनी ही चाहिए और पीड़ित लड़की के दिवंगत पिता और उसके परिवार को न्याय भी मिलना ही चाहिए !!..

बोलो मोदी जी मिलना चाइए कि नहीं मिलना चाइए ??.. बोलो कि लिलिपुट को उठा के पटक देना चाइए की नहीं चाइए ??.. बोलो तो आपको भी सजा मिलनी चाइए कि नहीं मिलनी चाइए ??.. बोलो मौनी मौन मोदी जी बोलो !!..

ब्रह्म प्रकाश दुआ
'मेरे दिमाग की बातें - दिल से':- https://www.facebook.com/bpdua2016/?ref=hl

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