Friday, 18 May 2018

// कर्नाटक के नाटक में तो बहुत कुछ देशहित लोकहित में शानदार हो गया है.. //


कर्नाटक में अब तो बहुत कुछ शानदार हो गया है - देशहित में हो गया है - लोकहित में हो गया है..

क्योंकि न केवल कई बातों का और कई तथाकथित हस्तियों का और कई टुच्चों का पर्दाफाश हो गया है - बल्कि पर्दा फट चुका है और परदे के पीछे बहुत सारे टुच्चे अब नंग-धड़ंग दिखने लगे हैं.. और अब नंगई पर पर्दा डालने और पर्दा पड़ने की संभावनाएं भी खत्म सी हो गई हैं - क्योंकि अब कोई पर्दा तो बचा ही नहीं है..

और मैं बहुत खुश हूँ.. खुश इसलिए कि अब विमर्श इस बात पर हो चला है कि कॉंग्रेसी टुच्चई करते रहे पूरे ६० साल - तो भाजपाई क्यों नहीं कर सकते ??.. और जितनी टुच्चई कॉंग्रेसी ६० साल में कर सके उससे भी ज्यादा टुच्चई भाजपाइयों ने ४ साल के अंदर-अंदर करके सबके सामने सार्वजनिक रूप से पटक दी है - और ठप्पे से सिद्ध कर दिया है कि कॉंग्रेसियों के राज्यपालों से भाजपाइयों के राज्यपाल उनसे अपेक्षित विधाओं में ज्यादा निपुण हैं..

और मैं इसलिए भी खुश हूँ कि अब तो जनता भी चिंतित हो विचारमग्न हो चली है कि ये हमारे संविधान में कैसे प्रावधान हैं कि कोई भी शिखरसत्तासीन टुच्चा किसी भी टुच्चे को राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद पर आसीन करवा सकता है - और फिर वो टुच्चा हर प्रकार की टुच्चई को अंजाम दे सकता है - जिसे संवैधानिक टुच्चई मान सबको टुच्चों के आगे घुटने टेकने के लिए विवश किया जा सके..

और क्योंकि अब चिंता और विचारों का स्तर टुच्चों की क्या काट हो - या इनका क्या तोड़ हो - या इनसे निजात पाने के क्या तौर तरीके हों इस स्तर पर पहुँच ही गया है तो मुझे लगता है कर्नाटक में चल पड़े नाटक के परिणाम भी देशहित में ही होंगे.. भक्तों को मार्गदर्शन देने वाले और अंधभक्तों को रुलाने वाले ही होंगे.. आमीन !!

ब्रह्म प्रकाश दुआ
'मेरे दिमाग की बातें - दिल से':- https://www.facebook.com/bpdua2016/?ref=hl

No comments:

Post a Comment