Tuesday, 20 February 2018

// ये कोई 'बैंक बाबू घोटाला' नहीं.. 'मोदी घोटाला' ही है.. ..//


जो बात-बात में नेहरू तक पहुँच जाते थे और इटली घूम आते थे..
वो आजकल पीएनबी घोटाले को अब तक लाख चाहने के बावजूद यूपीए तक भी पहुंचाने के प्रयासों में विफल होते दिख रहे हैं..

और इसलिए इस घोटाले में कार्यवाही के नाम पर बैंक के बाबुओं से आगे बढ़ने को तैयार नहीं.. और नेहरू का तो नाम तक लेने से परहेज़ हो रहा है..

कारण यही है कि ये कोई 'बैंक बाबू घोटाला' नहीं ये 'मोदी घोटाला' ही है..
और यदि मोदी नप गए तो नेहरू के राहुल ही इन सबके पकौड़े तल देंगे..
इसलिए अभी तो एहतियातन और मजबूरन बाबू ही नप रहे हैं..

पर बाबुओं का नाप जो है ना वो घोटाले के नाप से मेल खा नहीं रहा है..
घोटाला इतना बड़ा है कि ५६ इंची से नीचे कोई नप जाए किसी के गले नहीं उतरता..

और क्योंकि मोदी ही ५६ इंची हैं - और उनसे बड़ेवाला कोई और है नहीं - और मोदी बड़बोले होते हुए चुप भी हैं - और फिलहाल मजे में भी हैं.. इसलिए मुझे यकीन हो चला है कि ये घोटाला कोई 'बैंक बाबू घोटाला' नहीं होकर 'मोदी घोटाला' ही है..

और मुझे मालुम है कि ये बात भक्तों को भी मालुम होकर समझ पड़ गई है.. इसलिए आजकल भक्त भी हतोत्साहित हो 'मोदी मोदी मोदी' बोलने से परहेज़ कर रहे हैं.. क्योंकि वैसे भी अब 'मोदी मोदी मोदी' के मायने 'ललित मोदी नीरव मोदी और नरेंद्र मोदी' माना जाने लगा है.. और ये झूठी शान-ओ-शौकत के ऐसे बदनाम नाम हैं जिनका शर्म इज़्ज़त से कोई लेना देना नहीं बचा है.. और नेहरू के नाम पर बट्टा लग जाए ऐसी इनकी ना तो कोई औकात थी ना है..

ब्रह्म प्रकाश दुआ
'मेरे दिमाग की बातें - दिल से':- https://www.facebook.com/bpdua2016/?ref=hl

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