Monday, 23 July 2018

// रॉफेल पर भागीदार द्वारा बेवकूफों को बेवकूफ बनाने की कोशिश !!.. ..//


संसद में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान हुई बहस में दावा किया गया कि..
रॉफेल की कीमत नहीं बताई जा सकती !!..
ऐसी शर्त २००८ में यूपीए सरकार द्वारा किये गए सौदे के गोपनीय अनुच्छेद में ही शामिल थी..

पर कांग्रेस तो चीख-चीख कर सौदे की कीमत बता चुकी है..

तो क्या ये शर्त का उल्लंघन नहीं ????..
फ्रांस को इसपर आपत्ति नहीं ????..
भागीदार इस पर बोले नहीं ????..

अच्छा और तो और.. राफेल की कीमत के अलावा उससे भी अधिक आपत्तिजनक और महत्वपूर्ण बात जो कि अम्बानी की कम्पनी की सौदे में शामिल सहभागिता संबंधित थी - भागीदार उसको भी तो पूरी की पूरी हजम कर गए - और किसी भक्त ने भी अभी तक आगे पीछे से डकार नहीं मारी..
और गोदी मीडिया ने भी इस अनुत्तरित सपाट मुद्दे पर खामोश हो जाने में ही अपनी सलामती जान ली.. और भागीदारी होने की स्वच्छ ईमानदार प्रथा का या टुकड़े प्राप्ति के एवज़ में वफादारी का निर्वहन कर दिया !!..

तो भक्तों के परिप्रेक्ष्य में इसे क्या समझा जाए ??.. ..

भागीदार द्वारा बेवकूफों को बेवकूफ बनाने की कोशिश !!.. है ना !!

ब्रह्म प्रकाश दुआ
'मेरे दिमाग की बातें - दिल से':- https://www.facebook.com/bpdua2016/?ref=hl

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